इस स्टील कंपनी की सब्सिडियरी के मर्जर को NCLT की मिली मंजूरी, बाजार में गिरावट के बीच हरे निशान पर बंद हुआ शेयर
आयरन और स्टील प्रोडक्ट बनाने वाली इस कंपनी ने आज अपने लेटेस्ट एक्सचेंज फाइलिंग में बड़ी जानकारी दी है जिसके बाद आज इसका शेयर हरे निशान पर बंद हुआ है।

आयरन और स्टील प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनी, गोदावरी पावर एंड इस्पात लिमिटेड (Godawari Power and Ispat Ltd) ने आज अपने लेटेस्ट एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि Godawari Energy Limited (ट्रांसफरर कंपनी) का Godawari Power and Ispat Ltd (ट्रांसफरी कंपनी) में विलय की मंजूरी NCLT ने दे दी है।
Godawari Energy Limited, Godawari Power and Ispat Ltd की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है जिसका अब विलय होना है।
कंपनी ने आज अपने फाइलिंग में बताया कि नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT), कटक बेंच ने 10 मार्च 2026 को इस अमलगमेशन स्कीम को मंजूरी दे दी है।
Godawari Power and Ispat Share Price
कंपनी का शेयर आज बीएसई पर 0.43% या 1.10 रुपये चढ़कर 254.75 रुपये पर बंद हुआ और एनएसई पर स्टॉक 0.24% या 0.60 रुपये की तेजी के साथ 254.40 रुपये पर बंद हुआ।
Godawari Power and Ispat के बारे में
गोदावरी पावर एंड इस्पात लिमिटेड (GPIL) भारत के सेकेंडरी स्टील मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की अग्रणी कंपनियों में से एक है। कंपनी के वेबसाइट से मिली जानकारी के मुताबिक इसने अपनी पहचान मजबूती, इनोवेशन और टिकाऊ ग्रोथ के दम पर बनाई है।
आयरन ओर की खनन प्रक्रिया से लेकर हाई क्वालिटी वाले स्टील के उत्पादन तक, GPIL की पूरी वर्टिकली इंटीग्रेटेड ऑपरेशंस इसकी कार्यकुशलता को दिखाती है। कंपनी ने बताया कि उसका फोकस सतत विकास पर बना हुआ है। साथ ही, वह अपनी प्रक्रियाओं को ग्लोबल स्तर पर उभरते मानकों के अनुरूप ढालने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, ताकि भविष्य में भी जिम्मेदार और मजबूत विकास सुनिश्चित किया जा सके।
कंपनी ने हाल ही में दी थी बड़ी जानकारी
हाल ही में अपने एक फाइलिंग में कंपनी ने बताया था कि उसे 28 फरवरी को छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण बोर्ड से अपने प्लांट की बढ़ी हुई क्षमता पर संचालन (Consent to Operate) की मंजूरी मिल है। इसके तहत सिलतरा इंडस्ट्रियल एरिया, रायपुर स्थित प्लांट में स्पंज आयरन डिविजन की क्षमता 5.94 लाख टन सालाना से बढ़ाकर 6.50 लाख टन सालाना और एचबी वायर डिविजन की क्षमता 1 लाख टन से बढ़ाकर 1.15 लाख टन सालाना कर दी गई है।
कंपनी ने बताया कि खास बात यह है कि इस बढ़ी हुई क्षमता पर काम शुरू करने के लिए कंपनी को कोई अतिरिक्त निवेश या संशोधन करने की जरूरत नहीं है और दोनों यूनिट तुरंत प्रभाव से नई क्षमता पर संचालित की जा सकती हैं।

