Gmail और Google Photos के डेटा से दिखेंगे Ads? Google की नई पॉलिसी में बड़ा बदलाव, तुरंत चेक करें ये सेटिंग
Google ने 16 अक्टूबर से अपनी प्राइवेसी पॉलिसी में अहम बदलाव किया है। अब कुछ शर्तों के तहत Gmail, Google Photos और Drive से जुड़ी जानकारी पर्सनलाइज्ड विज्ञापनों को प्रभावित कर सकती है। हालांकि, कंपनी का कहना है कि निजी ईमेल और तस्वीरों के आधार पर सीधे विज्ञापन नहीं दिखाए जाएंगे। आखिर किन यूजर्स पर इसका असर पड़ेगा और डेटा शेयरिंग कैसे रोक सकते हैं? जानिए।

In Short
- Google की नई प्राइवेसी पॉलिसी 16 अक्टूबर से लागू हुई।
- अनुमति देने पर Gmail और Photos का डेटा विज्ञापनों को प्रभावित कर सकता है।
- सिर्फ Personalized Ads बंद करना काफी नहीं, ऐप्स डिस्कनेक्ट करना भी जरूरी।
Google ने अपनी प्राइवेसी पॉलिसी में बड़ा बदलाव किया है, जिसका असर Gmail, Google Photos और Google Drive इस्तेमाल करने वाले यूजर्स पर पड़ सकता है। 16 अक्टूबर से लागू नई पॉलिसी के तहत कुछ परिस्थितियों में इन सेवाओं से जुड़ी जानकारी का इस्तेमाल पर्सनलाइज्ड विज्ञापनों के लिए हो सकता है। हालांकि, Google का कहना है कि यूजर्स के ईमेल और तस्वीरों के आधार पर सीधे विज्ञापन नहीं दिखाए जाएंगे।
Google की नई प्राइवेसी पॉलिसी में क्या बदला?
Android Authority की रिपोर्ट के मुताबिक, पहले Google की पॉलिसी में साफ लिखा था कि Gmail, Drive और Photos के कंटेंट का इस्तेमाल पर्सनलाइज्ड विज्ञापन दिखाने के लिए नहीं किया जाता।
अब कंपनी ने इसमें एक नई शर्त जोड़ दी है। अगर यूजर इन सेवाओं का डेटा Google की दूसरी सेवाओं के साथ शेयर करने की अनुमति देता है, तो उस जानकारी का इस्तेमाल विज्ञापनों को पर्सनलाइज करने वाली सेवाओं में किया जा सकता है।
यह बदलाव खासतौर पर उन यूजर्स के लिए अहम है, जिन्होंने Google का Personal Intelligence फीचर चालू किया हुआ है।
क्या है Personal Intelligence फीचर?
Google का Personal Intelligence फीचर Gemini और AI Mode को Gmail, Photos जैसी निजी ऐप्स से जानकारी लेकर ज्यादा उपयोगी जवाब देने की सुविधा देता है।
उदाहरण के लिए, अगर आपने किसी होटल की बुकिंग की है और उसकी जानकारी Gmail में मौजूद है, तो Google Search आपके होटल के आसपास रेस्टोरेंट सुझा सकता है।
यह सुविधा Discover, Maps, Shopping, Flights, Hotels और News जैसी सेवाओं से भी जुड़ सकती है।
Google के मुताबिक, यह फीचर पूरी तरह यूजर की अनुमति पर निर्भर है। कंपनी का कहना है कि विज्ञापन सीधे Gmail इनबॉक्स या Photos लाइब्रेरी के आधार पर नहीं दिखाए जाएंगे। विज्ञापनदाताओं को निजी ईमेल या तस्वीरों का एक्सेस भी नहीं मिलेगा।
सिर्फ पर्सनलाइज्ड Ads बंद करना काफी नहीं
अगर आप Google के My Ad Center में जाकर पर्सनलाइज्ड विज्ञापन बंद कर देते हैं, तब भी कनेक्टेड ऐप्स की जानकारी AI के जरिए पर्सनलाइज्ड सुझाव देने के लिए इस्तेमाल हो सकती है।
इसलिए निजी डेटा का इस्तेमाल सीमित करने के लिए Personal Intelligence की सेटिंग भी बदलनी होगी।
Gmail और Photos का डेटा शेयर होने से कैसे रोकें?
इसके लिए Google Account खोलकर Data & Privacy सेक्शन में जाएं। इसके बाद Personalisation Settings में Manage Personalized Recommendations in Search Services का विकल्प चुनें।
यहां Additional Personal Intelligence के तहत Connected Content Apps में जाकर Google Workspace और Google Photos को डिस्कनेक्ट कर सकते हैं।
चाहें तो Search Services Personalization भी पूरी तरह बंद कर सकते हैं।
ध्यान रहे, ऐप्स डिस्कनेक्ट करने से पहले से सेव जानकारी अपने आप डिलीट नहीं होगी। इसके लिए Google की My Activity में जाकर Search Services History अलग से हटानी होगी।
यानी नई पॉलिसी के बाद यूजर्स के लिए यह समझना जरूरी है कि उन्होंने Google की किन सेवाओं को अपने निजी डेटा तक पहुंचने की अनुमति दी हुई है।

