पहले Freecharge फिर CRED और अब WhatsApp! कुणाल शाह को व्हाट्सएप का CEO बनाने के पीछे मेटा का है ये प्लान
Meta ने CRED में 90 करोड़ डॉलर के निवेश की घोषणा के साथ यह बदलाव किया है। शाह, 2019 से WhatsApp का नेतृत्व कर रहे विल कैथकार्ट की जगह लेंगे, जबकि कैथकार्ट Meta के अंदर नई भूमिका में जाएंगे।

In Short
- Meta ने CRED के फाउंडर कुणाल शाह को WhatsApp की कमान सौंपकर भारतीय उद्यमियों की वैश्विक पहचान को नई मजबूती दी है।
- कुणाल शाह का फिनटेक और कंज्यूमर टेक का अनुभव WhatsApp Pay, डिजिटल पेमेंट्स और कॉमर्स बिजनेस को बढ़ाने में मदद कर सकता है।
- WhatsApp के 3 अरब से ज्यादा यूजर्स और भारत में 50 करोड़ से अधिक यूजर्स के लिए नए फीचर्स, AI और बिजनेस सेवाओं के विस्तार की उम्मीद बढ़ गई है।
भारतीय स्टार्टअप जगत के लिए एक बड़ा क्षण सामने आया है। उद्यमी, एंजेल इंवेस्टर और CRED के फाउंडर कुणाल शाह अब दुनिया के सबसे बड़े मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp की कमान संभालने जा रहे हैं।
Meta ने CRED में 90 करोड़ डॉलर के निवेश की घोषणा के साथ यह बदलाव किया है। शाह, 2019 से WhatsApp का नेतृत्व कर रहे विल कैथकार्ट की जगह लेंगे, जबकि कैथकार्ट Meta के अंदर नई भूमिका में जाएंगे।
यह बदलाव केवल कुणाल शाह के करियर का नया अध्याय नहीं है, बल्कि भारतीय उद्यमियों की बढ़ती वैश्विक पहचान का भी संकेत माना जा रहा है। WhatsApp के दुनिया भर में करीब 3 अरब यूजर्स हैं, जिनमें 50 करोड़ से अधिक भारत में हैं। शाह इसके पहले भारतीय प्रमुख बनेंगे।
मुंबई से शुरू हुआ सफर
कुणाल शाह ने अपनी पढ़ाई मुंबई में की। उन्होंने विल्सन कॉलेज से फिलॉसफी में स्नातक की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने नरसी मोनजी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (NMIMS) में MBA में दाखिला लिया, लेकिन कोर्स पूरा नहीं किया।
साल 2010 में उन्होंने संदीप टंडन के साथ मिलकर Freecharge की स्थापना की। यह प्लेटफॉर्म डिजिटल भुगतान, मोबाइल रिचार्ज और बिल भुगतान सेवाएं उपलब्ध कराता था। 2015 में Snapdeal ने Freecharge का अधिग्रहण लगभग 40 करोड़ डॉलर के सौदे में किया था, जो उस समय भारत के सबसे बड़े स्टार्टअप अधिग्रहणों में गिना गया।
CRED ने दिलाई नई पहचान
Freecharge से अलग होने के बाद शाह ने एंजेल इंवेस्टर के रूप में कई टेक स्टार्टअप्स में निवेश किया। इनमें Unacademy, Shuttl और TVF जैसे नाम शामिल हैं।
साल 2018 में उन्होंने CRED की शुरुआत की। यह प्लेटफॉर्म शुरुआत में समय पर क्रेडिट कार्ड बिल पेमेंट करने वाले ग्राहकों को रिवॉर्ड देने के लिए जाना गया। बाद में कंपनी ने UPI पेमेंट, मनी ट्रांसफर, किराया भुगतान और शिक्षा शुल्क भुगतान जैसी कई सर्विस को जोड़ा।
अब WhatsApp की नई जिम्मेदारी संभालने के लिए शाह CRED में अपनी परिचालन भूमिका छोड़ रहे हैं। उन्होंने एक्स पर लिखा, “CRED अपने अगले चरण के लिए तैयार है। मैं ऑपरेटिंग भूमिका से पीछे हट रहा हूं, लेकिन शेयरधारक के रूप में जुड़ा रहूंगा।”
Meta ने क्यों जताया कुणाल शाह पर भरोसा?
रिपोर्ट्स के मुताबिक Meta, WhatsApp Pay को मजबूत करने और पेमेंट्स, कॉमर्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी क्षमताओं का विस्तार करना चाहता है। भारत में WhatsApp Pay को PhonePe और Google Pay जैसी कंपनियों से कड़े कंपीटिशन का सामना करना पड़ रहा है।
Meta को उम्मीद है कि कंज्यूमर फोक्स्ड प्रोडक्ट बनाने और उन्हें बड़े पैमाने पर बढ़ाने का शाह का अनुभव WhatsApp को अगले डेवलपमेंट फेज तक पहुंचाने में मदद करेगा। Meta के CEO मार्क जुकरबर्ग ने भी शाह की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने CRED को भारत की सबसे महत्वपूर्ण टेक कंपनियों में शामिल किया।

