सूटकेस के लॉक से भी कमजोर निकलीं eMudhra की डिजिटल चाबियां! Google ने लिया एक्शन, क्या आपका डेटा सुरक्षित है?
इंटरनेट पर बैंकिंग करते समय वेबसाइट के पास दिखने वाले लॉक को हम सुरक्षा की निशानी मानते हैं। लेकिन eMudhra की आठ डिजिटल चाबियों में ऐसी कमजोरी मिली, जिनका अंदाजा लगाना सूटकेस का लॉक खोलने से भी आसान था। Google और Mozilla ने सुरक्षा कदम उठाए हैं। आखिर यह चूक कैसे हुई और क्या आम यूजर्स को घबराने की जरूरत है?

In Short
- eMudhra की आठ डिजिटल चाबियों में गंभीर सुरक्षा कमजोरी सामने आई।
- Google और Mozilla ने प्रभावित सर्टिफिकेट के खिलाफ सुरक्षा कदम उठाए।
- अब तक इन चाबियों के जरिए साइबर धोखाधड़ी की पुष्टि नहीं हुई है।
इंटरनेट पर बैंकिंग, ऑनलाइन शॉपिंग या किसी वेबसाइट पर लॉगिन करते समय हम मान लेते हैं कि हमारी जानकारी सुरक्षित है। लेकिन भारतीय साइबर सिक्योरिटी कंपनी eMudhra से जुड़ा एक मामला सामने आया है, जिसने इंटरनेट की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक रिसर्चर ने कंपनी की आठ डिजिटल सीक्रेट चाबियों में ऐसी कमजोरी पकड़ी, जिनका अंदाजा लगाना तीन अंकों वाले सूटकेस लॉक का कोड पता करने से भी आसान था।
आखिर क्या है eMudhra का पूरा मामला?
eMudhra एक डिजिटल ट्रस्ट कंपनी है, जो वेबसाइटों की पहचान और सुरक्षा के लिए डिजिटल सर्टिफिकेट जारी करती है।
जब आप किसी सुरक्षित वेबसाइट पर जाते हैं, तो ब्राउजर उसके डिजिटल सर्टिफिकेट की जांच करता है। यह सर्टिफिकेट बताता है कि वेबसाइट की पहचान भरोसेमंद है।
रिपोर्ट के मुताबिक, eMudhra ने अप्रैल 2025 में आठ डिजिटल चाबियां तैयार की थीं। इनमें छह वेबसाइट सुरक्षा और दो सॉफ्टवेयर की पहचान प्रमाणित करने के लिए थीं।
लेकिन तकनीकी गड़बड़ी के कारण इनकी सुरक्षा बेहद कमजोर रह गई।
सूटकेस के लॉक से भी कमजोर कैसे थीं चाबियां?
सामान्य तौर पर इन डिजिटल चाबियों में करीब 116 अंकों की बेहद मुश्किल संख्या होनी चाहिए थी। लेकिन जांच में आठ चाबियों की सीक्रेट संख्याएं सिर्फ 4, 56, 66, 115, 155, 156, 230 और 237 निकलीं।
तीन अंकों वाले सूटकेस लॉक में 1,000 संभावित कॉम्बिनेशन होते हैं। इसके मुकाबले इन डिजिटल चाबियों का अनुमान लगाना कहीं आसान था। कंपनी की शुरुआती जांच के मुताबिक, चाबियां तैयार करते समय एक टेस्टिंग प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई थी।
Google और Mozilla ने क्या कदम उठाया?
17 अक्टूबर को एक सिक्योरिटी रिसर्चर ने इस कमजोरी की जानकारी Google, Apple, Microsoft, Mozilla और eMudhra को दी। इसके बाद Google ने करीब दो घंटे के भीतर प्रभावित चाबियों को Chrome में ब्लॉक कर दिया। Mozilla ने भी सुरक्षा कदम उठाए।
eMudhra ने 18 अक्टूबर को सभी आठ प्रभावित सर्टिफिकेट रद्द कर दिए। हालांकि, अब तक इन चाबियों का इस्तेमाल करके किसी वेबसाइट के साथ धोखाधड़ी किए जाने की पुष्टि नहीं हुई है।
क्या आम इंटरनेट यूजर्स को खतरा है?
कमजोर चाबियों का गलत इस्तेमाल करके कोई साइबर अपराधी नकली वेबसाइट सर्टिफिकेट तैयार कर सकता था। हालांकि, इसके जरिए यूजर्स को धोखा देने के लिए दूसरी तकनीकी परिस्थितियां भी जरूरी होतीं।
Google ने 27 अक्टूबर से संबंधित रूट सर्टिफिकेट को Chrome की भरोसेमंद सूची से हटाने की योजना बनाई है।
वहीं, eMudhra और CERT-In के मुताबिक, कंपनी की भारतीय डिजिटल सिग्नेचर और eSign सेवाएं इस मामले से प्रभावित नहीं हैं।
यूजर्स को सलाह है कि वे अपने ब्राउजर, फोन और ऐप्स अपडेट रखें। किसी वेबसाइट पर सर्टिफिकेट से जुड़ी चेतावनी दिखाई दे, तो उसे नजरअंदाज करके आगे न बढ़ें।

