
जामनगर में मार्को रुबियो का दौरा, सर्जियो गोर ने अमेरिकी रिफाइनरी में रिलायंस के निवेश को सराहा
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के जामनगर दौरे ने भारत और अमेरिका के ऊर्जा संबंधों को फिर चर्चा में ला दिया है। भारत के एलपीजी आयात में अमेरिकी हिस्सेदारी 67% तक पहुंच गई है। वहीं रिलायंस की अमेरिका में नई रिफाइनरी लगाने की योजना भी सुर्खियों में है। जानिए इस दौरे के बड़े मायने।

In Short
- मार्को रुबियो ने गुजरात के जामनगर में रिलायंस की विशाल तेल रिफाइनरी का दौरा किया।
- भारत के एलपीजी आयात में अमेरिकी हिस्सेदारी बढ़कर 67% हुई।
- अमेरिका में नई तेल रिफाइनरी लगाने की रिलायंस की योजना से रोजगार और ऊर्जा उत्पादन बढ़ने की उम्मीद है।
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो बुधवार को गुजरात के जामनगर स्थित रिलायंस इंडस्ट्रीज के विशाल तेल रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स पहुंचे। तीन दिन के भारत दौरे पर आए रुबियो के साथ भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर भी मौजूद रहे। जामनगर में अंबानी परिवार ने उनका स्वागत किया। इस दौरे के दौरान भारत और अमेरिका के बीच ऊर्जा व्यापार और रिलायंस के अमेरिकी रिफाइनरी प्रोजेक्ट पर खास ध्यान रहा।
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस दौरे की तस्वीरें साझा कीं। इनमें एक तस्वीर रिलायंस इंडस्ट्रीज के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनंत अंबानी के साथ मार्को रुबियो की भी थी। गोर ने भारत में अमेरिकी एलपीजी के आयात में हुई बढ़ोतरी का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले एक साल में भारत के कुल एलपीजी आयात में अमेरिका की हिस्सेदारी 10 फीसदी से कम से बढ़कर 67 फीसदी हो गई है। इसके साथ ही अमेरिका भारत का सबसे बड़ा एलपीजी सप्लायर बन गया है।
अमेरिका में नई रिफाइनरी लगाने की रिलायंस की योजना
सर्जियो गोर ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के अमेरिका में प्रस्तावित रिफाइनरी निवेश को भी अहम बताया। उन्होंने कहा कि अमेरिका में पिछले 50 साल में पहली नई तेल रिफाइनरी लगाने की रिलायंस की योजना से अमेरिकी ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने में मदद मिल सकती है।
अमेरिका के टेक्सास के ब्राउन्सविल में प्रस्तावित यह रिफाइनरी परियोजना दोनों देशों के बीच बढ़ते ऊर्जा संबंधों का एक अहम हिस्सा बनकर उभरी है। वॉशिंगटन इस निवेश को अमेरिका में ऊर्जा उत्पादन और रोजगार बढ़ाने के अवसर के रूप में देख रहा है।
भारत के रिफाइनिंग सेक्टर पर अमेरिका की नजर
मार्को रुबियो का जामनगर दौरा ऐसे समय में हुआ है, जब अमेरिका भारत के साथ ऊर्जा व्यापार को और मजबूत करना चाहता है। अमेरिका की कोशिश है कि भारत अमेरिकी तेल और गैस की खरीद बढ़ाए।

रुबियो मुंबई से जामनगर पहुंचे थे। मुंबई में उन्होंने भारत को कच्चे तेल के रिफाइनिंग क्षेत्र में एक बड़ी ताकत बताया था। उन्होंने भारत में वेनेजुएला के कच्चे तेल को ज्यादा मात्रा में प्रोसेस करने की संभावना पर भी जोर दिया।
अमेरिका वेनेजुएला में तेल उत्पादन बढ़ने के साथ दुनिया भर में रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों की सप्लाई बढ़ाने के अवसर तलाश रहा है। रिलायंस की जामनगर रिफाइनरी इस मामले में अहम है, क्योंकि यहां वेनेजुएला से मिलने वाले भारी कच्चे तेल समेत कई तरह के क्रूड को प्रोसेस किया जा सकता है।
दुनिया का सबसे बड़ा रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स है जामनगर
रिलायंस इंडस्ट्रीज के मुताबिक, जामनगर दुनिया का सबसे बड़ा और जटिल सिंगल-साइट ऑयल रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स है। इसकी कच्चे तेल को प्रोसेस करने की क्षमता करीब 14 लाख बैरल प्रतिदिन है और इसका कॉम्प्लेक्सिटी इंडेक्स 21.1 है।
कंपनी का कहना है कि यह रिफाइनरी दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से मिले कच्चे तेल की 216 से ज्यादा किस्मों को प्रोसेस कर चुकी है। यही क्षमता जामनगर को वैश्विक ऊर्जा कारोबार में खास बनाती है।

