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Festive Sale 2026: पिछले साल जैसा नहीं दिख रहा शॉपिंग का उत्साह, जानिए क्यों घट रही डिमांड

इस साल भारत में फेस्टिव ऑनलाइन शॉपिंग की रफ्तार धीमी पड़ती दिख रही है। स्मार्टफोन की बिक्री में 15-20% की गिरावट आई है और जीएसटी कटौती का फायदा भी नहीं मिला। हालांकि क्विक कॉमर्स और कुछ दूसरी कैटेगरी में मांग बढ़ रही है। अब सवाल है कि क्या यह ग्रोथ कमजोर बिक्री की भरपाई कर पाएगी।

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In Short

  • फेस्टिव सीजन से पहले स्मार्टफोन की बिक्री में पिछले साल के मुकाबले 15-20% की गिरावट आई।
  • क्विक कॉमर्स में डार्क स्टोर्स की संख्या करीब 50% और ग्राहकों की संख्या 40% बढ़ी।
  • Wonderchef ने फेस्टिव सीजन में दोहरे अंकों की ग्रोथ दर्ज की जबकि ग्राहक अब ज्यादा सोच-समझकर खरीदारी कर रहे हैं।

भारत में इस साल त्योहारों के दौरान ऑनलाइन शॉपिंग की रफ्तार थोड़ी धीमी नजर आ रही है। ई-कॉमर्स कंपनियों Flipkart और Amazon ने अभी तक फेस्टिव सीजन के बाद बिक्री में बढ़ोतरी से जुड़े अपने पारंपरिक आंकड़े जारी नहीं किए हैं। इससे इस साल की फेस्टिव सेल की मजबूती को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्मार्टफोन की ऊंची कीमतों, पिछले साल जीएसटी कटौती से मिले फायदे की कमी और ग्राहकों के सोच-समझकर खर्च करने के कारण खरीदारी पर असर पड़ा है।

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हालांकि, क्विक कॉमर्स और गैर-इलेक्ट्रॉनिक्स कैटेगरी में मांग बढ़ रही है, लेकिन इनकी बढ़ती बिक्री महंगे इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स की कमजोर मांग की पूरी भरपाई कर पाएगी या नहीं, यह अभी साफ नहीं है।

स्मार्टफोन की बिक्री में 15-20% की गिरावट

Datum Intelligence के सतीश मीणा के मुताबिक, फेस्टिव सीजन शुरू होने से पहले ही स्मार्टफोन की बिक्री पिछले साल के मुकाबले 15-20% कम थी। पिछले साल त्योहारों के दौरान कुल बिक्री में मोबाइल फोन की हिस्सेदारी करीब 35% थी, जो इस साल घटकर 30% से नीचे आ गई है।

मीणा ने इसकी वजह मेमोरी की बढ़ती कीमतों और नए स्मार्टफोन की महंगी लॉन्चिंग को बताया। इसके अलावा, नए iPhone मॉडल आने के बाद भी पुराने मॉडल की कीमतों में पहले जैसी बड़ी कटौती नहीं हुई है। इससे ग्राहकों के पास नया फोन खरीदने का आकर्षण कम हुआ है।

GST कटौती का फायदा नहीं मिलने से भी असर

पिछले साल फेस्टिव सीजन से ठीक पहले जीएसटी में कटौती का ऐलान हुआ था। इससे घरेलू उपकरणों और दूसरे महंगे सामान की खरीदारी को बढ़ावा मिला था। इस साल ऐसा कोई अतिरिक्त फायदा नहीं मिलने से बिक्री की शुरुआत धीमी रही।

(Photo: Business Today)

सतीश मीणा के अनुसार, फेस्टिव सेल के शुरुआती चार से पांच दिनों में पिछले साल के मुकाबले बिक्री में करीब 7-10% की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, उन्हें उम्मीद है कि इस बार पूरे महीने खरीदारी होती रहेगी और धनतेरस व दिवाली के आसपास मांग बढ़ सकती है।

क्विक कॉमर्स और दूसरी कैटेगरी में बढ़ रही मांग

इस साल क्विक कॉमर्स का विस्तार भी तेजी से हो रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, डार्क स्टोर्स की संख्या करीब 50% बढ़ी है, जबकि ग्राहकों की संख्या में लगभग 40% का इजाफा हुआ है।

इसका फायदा फैशन, किराना, फूड, होम डेकोर और ब्यूटी जैसे सेक्टर को मिल रहा है। हालांकि, इन कैटेगरी में प्रति ऑर्डर खर्च कम होने के कारण ये स्मार्टफोन और महंगे इलेक्ट्रॉनिक्स की बिक्री में आई कमी की पूरी भरपाई नहीं कर पा रही हैं।

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कंपनियों की बिक्री में दिख रही मिली-जुली तस्वीर

Thermocool Home Appliances के सेल्स डायरेक्टर तनुज गुप्ता के मुताबिक, कंपनी की कुल बिक्री में ई-कॉमर्स की हिस्सेदारी करीब 10-15% है। उन्होंने कहा कि ग्राहक अब पहले के मुकाबले ज्यादा सोच-समझकर और कीमतों को ध्यान में रखकर खरीदारी कर रहे हैं। फीचर्स, बिजली की बचत, टिकाऊपन और बिक्री के बाद मिलने वाली सर्विस भी फैसले को प्रभावित कर रही है।

दूसरी ओर, Wonderchef के फाउंडर और CEO रवि सक्सेना ने बताया कि कंपनी ने फेस्टिव सीजन के दौरान पिछले साल के मुकाबले अच्छी मांग और दोहरे अंकों में ग्रोथ दर्ज की। क्विक कॉमर्स और छोटे शहरों में विस्तार से भी कंपनी को फायदा मिला।

कुल मिलाकर, इस साल त्योहारों की खरीदारी खत्म नहीं हुई है, बल्कि ग्राहकों की पसंद और खरीदारी के तरीकों में बदलाव दिख रहा है। अब यह देखना अहम होगा कि दूसरी कैटेगरी में बढ़ती मांग महंगे प्रोडक्ट्स की कमजोर बिक्री की भरपाई कर पाती है या नहीं।