कोर सेक्टर की ग्रोथ में बड़ा उछाल, सितंबर में 7.9% की बढ़त, रिफाइनरी सेक्टर ने भी पकड़ी रफ्तार
देश की औद्योगिक गतिविधियों से जुड़ा अहम संकेत सितंबर में मजबूत हुआ है। कोर सेक्टर की ग्रोथ 7.9% रही और आयरन ओर उत्पादन सबसे आगे रहा। हालांकि उर्वरक और प्राकृतिक गैस जैसे उद्योगों में गिरावट जारी है। जानिए नौ प्रमुख उद्योगों के आंकड़े क्या बता रहे हैं।

In Short
- सितंबर 2026 में भारत के कोर सेक्टर की ग्रोथ बढ़कर 7.9% पर पहुंची जबकि अगस्त में यह 5.9% थी।
- आयरन ओर उत्पादन में 18.4% और बिजली उत्पादन में 11.4% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
- फर्टिलाइजर उत्पादन 11.7% घटा जबकि अप्रैल से सितंबर के दौरान कोर सेक्टर की ग्रोथ 5.1% रही।
भारत के कोर सेक्टर की ग्रोथ सितंबर 2026 में बढ़कर 7.9% पर पहुंच गई। अगस्त में यह आंकड़ा 5.9% था। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय की ओर से बुधवार को जारी शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, आयरन ओर, बिजली, कोयला और रिफाइनरी उत्पादों के बेहतर उत्पादन से कोर सेक्टर की ग्रोथ को मजबूती मिली है।
पिछले साल सितंबर 2025 में कोर सेक्टर की ग्रोथ सिर्फ 3.1% रही थी। ऐसे में इस साल सितंबर के आंकड़े में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिली है। सरकार ने अगस्त की ग्रोथ के शुरुआती अनुमान 4.8% को संशोधित करके 5.9% कर दिया है। वहीं, अगस्त का इंडेक्स भी 119.2 से बढ़ाकर 120.4 किया गया है।
आयरन ओर और बिजली उत्पादन में सबसे ज्यादा तेजी
सितंबर में नौ प्रमुख उद्योगों में आयरन ओर के उत्पादन में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसका उत्पादन सालाना आधार पर 18.4% बढ़ा। वहीं, बिजली उत्पादन में 11.4% और कोयले के उत्पादन में 10.7% की वृद्धि हुई।
इसके अलावा रिफाइनरी उत्पादों का उत्पादन 10.3% बढ़ा। सीमेंट उत्पादन में 9.8% और स्टील उत्पादन में 4.9% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इन उद्योगों के बेहतर प्रदर्शन ने सितंबर में कोर सेक्टर की कुल ग्रोथ को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई।
खाद और प्राकृतिक गैस के उत्पादन में गिरावट
जहां कई उद्योगों का प्रदर्शन मजबूत रहा, वहीं तीन सेक्टर में उत्पादन घटा। सितंबर में उर्वरक यानी फर्टिलाइजर उत्पादन में सालाना आधार पर 11.7% की गिरावट आई। नौ प्रमुख उद्योगों में यह सबसे बड़ी गिरावट रही।
प्राकृतिक गैस के उत्पादन में 4.6% और कच्चे तेल के उत्पादन में 1.4% की कमी दर्ज की गई। इससे साफ है कि कोर सेक्टर के सभी उद्योगों में एक जैसी तेजी नहीं रही।
अप्रैल से सितंबर तक 5.1% बढ़ा कोर सेक्टर
वित्त वर्ष 2026-27 की अप्रैल से सितंबर अवधि के दौरान कोर सेक्टर के उत्पादन में कुल 5.1% की बढ़ोतरी हुई। पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में यह ग्रोथ 2.5% थी।
इस छह महीने की अवधि में आयरन ओर के उत्पादन में सबसे ज्यादा 21.2% की वृद्धि दर्ज की गई। बिजली उत्पादन 10.2% और सीमेंट उत्पादन 10.1% बढ़ा। स्टील उत्पादन में 4.3% और रिफाइनरी उत्पादों में 1% की बढ़ोतरी हुई।
हालांकि, इसी अवधि में उर्वरक उत्पादन 7.6%, प्राकृतिक गैस 4.4% और कच्चे तेल का उत्पादन 3.7% घटा। कोयले के उत्पादन में भी 1% की गिरावट दर्ज की गई।
क्या होता है कोर सेक्टर इंडेक्स?
कोर सेक्टर इंडेक्स में कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, स्टील, सीमेंट, बिजली और आयरन ओर जैसे नौ प्रमुख उद्योग शामिल हैं। ये उद्योग अर्थव्यवस्था के लिए जरूरी ऊर्जा, कच्चा माल और निर्माण सामग्री उपलब्ध कराते हैं। इसलिए इनके उत्पादन के आंकड़े औद्योगिक गतिविधियों की स्थिति समझने में मदद करते हैं।
अक्टूबर 2026 के कोर सेक्टर के आंकड़े 20 नवंबर को जारी किए जाने हैं। इन आंकड़ों से आने वाले महीनों में प्रमुख उद्योगों के प्रदर्शन की तस्वीर और साफ होगी।

