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इंटरनेट की सुरक्षा पर उठे सवाल! भारतीय कंपनी eMudhra ने मांगी माफी, Google और Apple ने लिया एक्शन

इंटरनेट पर सुरक्षित दिखने वाली वेबसाइटों की पहचान पर ही सवाल खड़े हो गए हैं। भारतीय साइबर सिक्योरिटी कंपनी eMudhra की एक तकनीकी गलती ने दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों तक को सतर्क कर दिया। मामला सामने आने के बाद कंपनी ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है और जांच का ऐलान किया है। आखिर क्या थी यह गलती और इससे इंटरनेट यूजर्स को कितना खतरा था?

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डिजिटल सर्टिफिकेट से जुड़ी 8 कमजोर सिक्योरिटी कीज के लिए eMudhra ने मांगी माफी।
डिजिटल सर्टिफिकेट से जुड़ी 8 कमजोर सिक्योरिटी कीज के लिए eMudhra ने मांगी माफी।

In Short

  • eMudhra ने 8 कमजोर सिक्योरिटी Keys के लिए माफी मांगी।
  • Google, Apple और Microsoft ने प्रभावित सर्टिफिकेट ब्लॉक किए।
  • कंपनी ने एक्सपर्ट जांच का ऐलान किया, सरकार भी करेगी जांच।

भारतीय साइबर सिक्योरिटी कंपनी eMudhra ने इंटरनेट सुरक्षा से जुड़ी गंभीर चूक के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है। कंपनी की एक गलती के कारण वेबसाइटों की पहचान सत्यापित करने वाली डिजिटल सुरक्षा व्यवस्था पर खतरा पैदा हो गया था। अब कंपनी ने मामले की स्वतंत्र विशेषज्ञों से जांच कराने का फैसला किया है।

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भारतीय साइबर सिक्योरिटी कंपनी eMudhra पिछले हफ्ते सामने आई सुरक्षा खामी के बाद विवादों में है। कंपनी ने स्वीकार किया है कि उसकी तरफ से जारी किए गए कुछ डिजिटल सर्टिफिकेट से जुड़ी सुरक्षा कुंजियां (Security Keys) बेहद कमजोर थीं। इससे साइबर अपराधियों के लिए असली जैसी दिखने वाली फर्जी वेबसाइट बनाना संभव हो सकता था। हालांकि, कंपनी का दावा है कि अब तक की जांच में इनका गलत इस्तेमाल सामने नहीं आया है।

आखिर eMudhra से क्या गलती हुई?

eMudhra वेबसाइटों की पहचान सत्यापित करने के लिए डिजिटल सर्टिफिकेट जारी करती रही है। इन सर्टिफिकेट की मदद से ब्राउजर यह जांचते हैं कि कोई वेबसाइट भरोसेमंद है या नहीं।

कंपनी के मुताबिक, एक स्क्रिप्ट में गलती के कारण आठ सुरक्षा कुंजियां बेहद कमजोर बन गई थीं। इन्हें 384 बिट की मजबूत और रैंडम संख्या होना चाहिए था, लेकिन इनकी वैल्यू सिर्फ 4, 56, 66, 115, 155, 156, 230 और 237 थी।

इस गलती से इंटरनेट की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।

कंपनी ने मांगी माफी, जांच का ऐलान

eMudhra ने अपने बयान में कहा कि यह गलती उसकी थी और ग्राहकों के साथ पूरे इंटरनेट सुरक्षा समुदाय को बेहतर सुरक्षा की उम्मीद थी।

कंपनी के मुताबिक, समस्या की पुष्टि होने के 14 घंटे के भीतर प्रभावित सर्टिफिकेट अथॉरिटी को रद्द कर दिया गया।

ये कमजोर सुरक्षा कुंजियां अप्रैल 2025 से सिस्टम में मौजूद थीं। हालांकि, कंपनी का कहना है कि प्रभावित सिस्टम से सार्वजनिक रूप से भरोसेमंद वेबसाइट सर्टिफिकेट जारी नहीं किए गए थे। ग्राहक डेटा में सेंध लगने का भी कोई सबूत नहीं मिला है।

अब कंपनी स्वतंत्र विशेषज्ञों से सुरक्षा प्रक्रियाओं की समीक्षा कराएगी और पूरी जांच रिपोर्ट भी जारी करेगी।

Google और Apple ने क्या कदम उठाया?

मामला सामने आने के बाद Google, Apple, Microsoft और Mozilla ने प्रभावित eMudhra सर्टिफिकेट को ब्लॉक कर दिया। Cloudflare समेत अन्य कंपनियों ने भी सुरक्षा सुधार जारी किए।

वहीं, eMudhra ने TLS सर्टिफिकेट कारोबार से बाहर निकलने का ऐलान किया है। कंपनी अपने ग्राहकों को बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के दूसरे सर्टिफिकेट उपलब्ध कराएगी।

सरकार ने भी शुरू की जांच

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इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने मामले की जांच के लिए विशेष टीम बनाई है।

eMudhra के सह-संस्थापक कौशिक श्रीनिवासन भी स्वीकार कर चुके हैं कि कंपनी की आंतरिक जांच व्यवस्था में चूक हुई थी। अब विशेषज्ञों की जांच से पता चलेगा कि इतनी गंभीर गलती लंबे समय तक पकड़ में क्यों नहीं आई।