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AI की जंग तेज: चीन ने Anthropic पर साधा निशाना, अमेरिका से बातचीत से पहले रखी सुरक्षा और नियमों की शर्तें

अमेरिका और चीन के बीच AI की लड़ाई अब कंपनियों से निकलकर वैश्विक नियमों तक पहुंच गई है। शी जिनपिंग और डोनाल्ड ट्रंप की संभावित मुलाकात से पहले चीन ने अमेरिकी AI कंपनी Anthropic पर सवाल उठाए हैं। बीजिंग ने सुरक्षा, डेटा और ऑडिट नियमों को लेकर अमेरिका से जवाब मांगा है।

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अमेरिका और चीन के बीच बढ़ी AI की जंग, Anthropic को लेकर बीजिंग ने उठाए सवाल (Photos: Reuters)
अमेरिका और चीन के बीच बढ़ी AI की जंग, Anthropic को लेकर बीजिंग ने उठाए सवाल (Photos: Reuters)

In Short

  • चीन ने Anthropic पर दुनिया के लिए AI नियम तय करने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
  • बीजिंग ने अमेरिका से AI कंपनियों पर समान सुरक्षा और ऑडिट नियम लागू करने की मांग की।
  • अमेरिका और चीन के बीच AI मॉडल और तकनीकी बढ़त को लेकर प्रतिस्पर्धा तेज हो रही है।

अमेरिका और चीन के बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI को लेकर तनाव बढ़ता जा रहा है। इस महीने के आखिर में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की संभावित मुलाकात से पहले बीजिंग ने अमेरिकी AI कंपनियों पर निशाना साधा है। चीन का आरोप है कि अमेरिकी कंपनियां पूरी दुनिया के लिए AI के नियम और सुरक्षा मानक तय करने की कोशिश कर रही हैं।

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Anthropic पर चीन ने लगाए आरोप

चीनी सरकारी ब्रॉडकास्टर CCTV से जुड़े सोशल मीडिया अकाउंट ‘युयुआनतांतियान’ ने “Anthropic Has Contracted the American Disease” नाम से एक पोस्ट जारी की। इसमें अमेरिकी AI कंपनी Anthropic पर सवाल उठाए गए हैं। पोस्ट में कहा गया कि चीन के साथ किसी भी ठोस बातचीत से पहले अमेरिका को यह साबित करना होगा कि उसकी AI कंपनियां भी सुरक्षा, जानकारी साझा करने और ऑडिट जैसे नियमों का पालन करती हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह अकाउंट अक्सर बीजिंग की नीतिगत सोच का संकेत देने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

Dario Amodei और AI मॉडल को लेकर सवाल

पोस्ट में Anthropic के CEO डारियो अमोदेई के उस बयान का जिक्र किया गया, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर शक्तिशाली AI का विकास सही दिशा में किया जाए तो दुनिया बेहद खूबसूरत बन सकती है।

हालांकि चीनी पोस्ट में तर्क दिया गया कि ऐसे लक्ष्य को हासिल करने के लिए कंपनियों को बड़े निवेश की जरूरत होती है। इसमें Anthropic पर आरोप लगाया गया कि वह AI मॉडल को ट्रेन करने के लिए यूजर डेटा का इस्तेमाल कर सकती है। पोस्ट में दावा किया गया कि कंपनी बातचीत और कोड डेटा को अपने मॉडल की क्षमता बढ़ाने के लिए इस्तेमाल करती है।

अमेरिका की AI नीति पर चीन की आपत्ति

चीन ने कहा है कि AI सुरक्षा के नाम पर अमेरिका अपने तय किए गए नियमों को दुनिया के लिए डिफॉल्ट मानक बनाने की कोशिश कर रहा है। पोस्ट में कहा गया कि असली सुरक्षा खतरे और तकनीकी प्रतिस्पर्धा के बीच अंतर किया जाना चाहिए और इसके लिए सभी देशों को मिलकर नियम तय करने चाहिए।

चीन का कहना है कि जब तक अमेरिका यह साबित नहीं करता कि उसके सुरक्षा नियम अमेरिकी AI कंपनियों पर भी उसी तरह लागू होते हैं, तब तक दोनों देशों के बीच ठोस बातचीत मुश्किल होगी।

AI मॉडल को लेकर दोनों देशों में बढ़ रही प्रतिस्पर्धा

यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिका और चीन एडवांस्ड AI मॉडल की दौड़ में आमने-सामने हैं। अमेरिका ने हाल के महीनों में एडवांस्ड AI सिस्टम की निगरानी बढ़ाई है। वहीं चीन की कंपनियां भी अपने AI मॉडल को तेजी से विकसित कर रही हैं।

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रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन को चिंता है कि Anthropic के AI मॉडल का इस्तेमाल उसके खिलाफ किया जा सकता है। दूसरी तरफ Anthropic पहले चीनी AI लैब्स पर अपने मॉडल की नकल करने का आरोप लगा चुकी है।

AI अब सिर्फ तकनीक नहीं रणनीतिक ताकत

AI को लेकर बढ़ती खींचतान दिखाती है कि अब यह सिर्फ टेक्नोलॉजी का मुद्दा नहीं रह गया है। अमेरिका और चीन दोनों इसे आर्थिक, सुरक्षा और वैश्विक प्रभाव से जोड़कर देख रहे हैं। आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच AI नियमों को लेकर बातचीत पर दुनिया की नजर रहेगी।