scorecardresearch

EPFO 3.0 में बड़ा बदलाव, PF से ₹5 लाख तक एडवांस क्लेम जल्द हो सकते हैं आसान

EPFO 3.0 के आने के बाद PF से जुड़े काम आसान और तेज हो सकते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक नए सिस्टम में ₹5 लाख तक के एडवांस क्लेम को कुछ दिनों में सेटल करने की तैयारी है। साथ ही क्लाउड बेस्ड सिस्टम और डिजिटल सुविधाओं के जरिए कर्मचारियों को बेहतर अनुभव देने की योजना है।

Advertisement

In Short

  • EPFO 3.0 से PF क्लेम प्रक्रिया आसान होने की उम्मीद है। रिपोर्ट्स के मुताबिक ₹5 लाख तक के एडवांस क्लेम को 3 से 4 दिन में सेटल करने का लक्ष्य हो सकता है।
  • नया सिस्टम ज्यादा डिजिटल और सेंट्रलाइज्ड होगा। EPFO 3.0 में क्लाउड बेस्ड तकनीक के जरिए पोर्टल की क्षमता बढ़ाने और तकनीकी दिक्कतें कम करने की तैयारी है।
  • PF निकासी को बैंकिंग सेवाओं जैसा बनाने की योजना है। भविष्य में ATM और UPI के जरिए PF से पैसे निकालने जैसी सुविधाओं पर भी विचार किया जा रहा है।

प्रोविडेंट फंड (PF) से पैसे निकालने वाले करोड़ों कर्मचारियों के लिए आने वाले समय में प्रक्रिया आसान हो सकती है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अपने मौजूदा सिस्टम को अपग्रेड कर EPFO 3.0 लाने की तैयारी कर रहा है। इसका मकसद PF से जुड़े कामों को ज्यादा तेज, आसान और डिजिटल बनाना है।

advertisement

रिपोर्ट्स के मुताबिक, EPFO 3.0 के तहत बीमारी, शादी या घर खरीदने जैसी जरूरतों के लिए ₹5 लाख तक के एडवांस क्लेम को 3 से 4 दिन में सेटल करने की योजना हो सकती है। हालांकि, इस प्रस्तावित सुविधा को लेकर EPFO की ओर से अभी अंतिम आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इसलिए फिलहाल इसे संभावित बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।

क्या है EPFO 3.0?

EPFO 3.0 को EPFO के मौजूदा आईटी सिस्टम का ज्यादा आधुनिक और सेंट्रलाइज्ड वर्जन माना जा रहा है। इसका उद्देश्य PF खातों से जुड़े कामों को तेज करना और कर्मचारियों को बेहतर ऑनलाइन सुविधा देना है।

मौजूदा व्यवस्था में EPFO का डेटा अलग-अलग रीजनल ऑफिस के सर्वर से जुड़ा हुआ है। इसके कारण कई बार पोर्टल पर तकनीकी दिक्कतें और सर्वर डाउन जैसी समस्याएं सामने आती हैं। नए सिस्टम में डेटा और प्रोसेसिंग को ज्यादा सेंट्रलाइज्ड और आधुनिक बनाने की तैयारी है।

ऑटो सेटलमेंट से आसान होगा क्लेम

EPFO 3.0 में एडवांस क्लेम के ऑटो-सेटलमेंट को बढ़ाने की योजना बताई जा रही है। इसके तहत सिस्टम खुद जरूरी जानकारी और पात्रता की जांच कर क्लेम को प्रोसेस कर सकता है।

अगर कर्मचारी की सभी जरूरी जानकारी और शर्तें पूरी होती हैं तो हर क्लेम के लिए मैनुअल अप्रूवल की जरूरत कम हो सकती है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ₹5 लाख तक के एडवांस क्लेम को करीब 3 से 4 दिन में पूरा करने का लक्ष्य रखा जा सकता है। मंजूरी के बाद पैसा सीधे कर्मचारी के बैंक खाते में ट्रांसफर किया जा सकता है।

क्लाउड बेस्ड सिस्टम पर काम

EPFO 3.0 को क्लाउड बेस्ड सिस्टम में बदलने की तैयारी भी की जा रही है। इसका उद्देश्य पोर्टल की क्षमता बढ़ाना और तकनीकी समस्याओं को कम करना है।

प्रतीकात्मक तस्वीर

अभी कई बार कर्मचारी PF से जुड़े काम के लिए पोर्टल पर लॉगिन करते हैं, लेकिन वेबसाइट या सर्वर की समस्या के कारण उन्हें परेशानी होती है। नए सिस्टम से ऑनलाइन सेवाओं को ज्यादा सुचारू बनाने की उम्मीद है।

ATM और UPI से PF निकासी पर भी विचार

EPFO के डिजिटल बदलाव के तहत भविष्य में PF खाते को आधुनिक बैंकिंग सिस्टम और UPI जैसे डिजिटल पेमेंट नेटवर्क से जोड़ने की योजना पर भी चर्चा है।

advertisement

इसके तहत छोटे एडवांस या इमरजेंसी जरूरतों के लिए लंबी प्रक्रिया को कम करने का प्रयास किया जा सकता है। मेडिकल इमरजेंसी जैसी परिस्थितियों में तय सीमा तक ATM या UPI के जरिए PF से पैसे निकालने की सुविधा देने के विकल्प पर भी विचार किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, यह सुविधा अभी लागू नहीं हुई है और इसके लिए आधिकारिक नियमों का इंतजार करना होगा।

लॉन्च में क्यों हो रही देरी?

EPFO 3.0 की कुछ सुविधाओं को पहले जुलाई में शुरू किए जाने की चर्चा थी, लेकिन वेबसाइट और सिस्टम से जुड़ी तकनीकी दिक्कतों के कारण इसमें देरी हुई। इसके बाद अगस्त में लॉन्च की संभावना जताई गई, लेकिन यह भी संभव नहीं हो सका।

अब सितंबर में इसके कुछ फीचर्स शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि, EPFO की आधिकारिक घोषणा के बाद ही लॉन्च तारीख और सुविधाओं की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।

Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। BT Bazaar अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।