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एप्पल का नया iPhone प्लान! iPhone 18 और 18 Plus गायब, अब यहां रहेगा कंपनी का फोकस

एप्पल ने iPhone 18 सीरीज के साथ अपनी पुरानी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। इस बार Standard और Plus मॉडल की जगह Pro लाइनअप को सबसे आगे रखा गया है। शुरुआती बिक्री के आंकड़े भी दिलचस्प तस्वीर दिखा रहे हैं। जानिए एप्पल के इस फैसले के पीछे क्या है पूरी रणनीति।

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In Short

  • iPhone 18 सीरीज में इस बार Standard और Plus मॉडल लॉन्च नहीं किए गए हैं
  • भारत में शुरुआती तीन दिनों में iPhone 18 Pro सीरीज की बिक्री 19% बढ़ी
  • भविष्य में स्क्रीन साइज बैटरी और फॉर्म फैक्टर बन सकते हैं iPhone में बड़ा अंतर

एप्पल ने इस बार अपनी iPhone रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। कंपनी ने iPhone 18 सीरीज में Standard और Plus मॉडल लॉन्च नहीं किए हैं। इसके बजाय पूरा फोकस iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max पर रखा गया है। यह बदलाव संकेत देता है कि आने वाले समय में iPhone के अलग-अलग मॉडल हार्डवेयर के बजाय स्क्रीन साइज, बैटरी और फोन के डिजाइन जैसे फैक्टर्स के आधार पर अलग हो सकते हैं।

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Pro और Pro Max में एक जैसा हार्डवेयर

iPhone 18 Pro और Pro Max में ज्यादातर कोर हार्डवेयर एक जैसा है। दोनों में एप्पल का A20 Pro 2nm चिप, नेक्स्ट जेनरेशन वेपर-चैंबर कूलिंग और 48MP Fusion मेन कैमरा दिया गया है। कैमरे में फिजिकली एडजस्ट होने वाला f/1.48 से f/4.0 अपर्चर और छह-ब्लेड डिजाइन मिलता है। दोनों फोन iOS27 पर चलते हैं। इनके बीच मुख्य अंतर डिस्प्ले साइज और बैटरी कैपेसिटी का है।

Plus मॉडल की ग्लोबल बिक्री रही कम

Counterpoint Research के आंकड़ों के मुताबिक, iPhone 14 Plus और iPhone 15 Plus की ग्लोबल बिक्री में हिस्सेदारी उनके लॉन्च वाले सितंबर-दिसंबर पीरियड में करीब 8% रही। वहीं, Pro और Pro Max मॉडल की संयुक्त हिस्सेदारी करीब 63% थी। iPhone 16 सीरीज में भी Plus की हिस्सेदारी करीब 8% रही, जबकि Pro और Pro Max का हिस्सा बढ़कर लगभग 65% हो गया।

भारत में तस्वीर थोड़ी अलग रही। iPhone 14 से iPhone 16 जनरेशन के दौरान Plus मॉडल की हिस्सेदारी करीब 13-18% रही, जबकि Pro और Pro Max की संयुक्त हिस्सेदारी लगभग 25-26% रही।

भारत में शुरुआती बिक्री में तेजी

Counterpoint Research के रिसर्च एनालिस्ट शुभम सिंह के मुताबिक, शुरुआती तीन दिनों के चैनल चेक में भारत में iPhone 18 Pro सीरीज की बिक्री iPhone 17 Pro सीरीज के मुकाबले 19% ज्यादा रही। इससे संकेत मिलता है कि Standard और Plus मॉडल नहीं होने से शुरुआती Pro डिमांड पर खास असर नहीं पड़ा है। ट्रेड-इन और नो-कॉस्ट EMI जैसे विकल्पों ने भी प्रीमियम iPhone की मांग को सपोर्ट किया है।

Apple क्यों बदल रही रणनीति?

CMR के VP – Industry Research Group Prabhu Ram के मुताबिक, Plus मॉडल को हटाना और Pro लाइनअप पर ज्यादा फोकस करना Apple के साइज आधारित मॉडल से वैल्यू आधारित स्ट्रक्चर की ओर बढ़ने का संकेत है।

Pro और Pro Max के कोर हार्डवेयर को एक जैसा रखने से एप्पल को मैन्युफैक्चरिंग में भी फायदा मिल सकता है। एक जैसे SoC, कैमरा मॉड्यूल, थर्मल सिस्टम, एंटीना और लॉजिक बोर्ड डिजाइन से अलग-अलग कंपोनेंट्स की जरूरत कम हो सकती है।

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आगे कैसी हो सकती है iPhone लाइनअप?

अगर एप्पल इसी रणनीति को आगे बढ़ाती है, तो भविष्य में iPhone मॉडल चिप या कैमरे के बजाय उनके फिजिकल फॉर्म फैक्टर के आधार पर अलग हो सकते हैं। इनमें फोल्डेबल डिजाइन, अलग-अलग स्क्रीन साइज और बैटरी कैपेसिटी जैसे फैक्टर्स मुख्य अंतर बन सकते हैं।