GPS और लोकेशन टैग के बिना भी AI बता देगा आप कहां हैं? सामने आई चौंकाने वाली स्टडी
एक नई स्टडी में पाया गया है कि AI मॉडल सिर्फ़ आपके सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर 10 में से 9 बार आपकी लोकेशन का पता लगा सकते हैं.

In Short
- एक स्टडी में पता चला है कि AI टूल्स तस्वीरों से आपकी लोकेशन का पता लगा सकते हैं.
- इससे स्कैमर आपके शहर का पता लगा सकता है.
- इससे टारगेटेड ईमेल या मैसेज भेजने की सुविधा मिल सकती है.
सोशल मीडिया आज हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन गया है। हम घूमने-फिरने, खाने-पीने या दोस्तों के साथ बिताए पल सोशल मीडिया पर शेयर करते हैं। लेकिन एक नई स्टडी ने तस्वीरें शेयर करने को लेकर एक जरूरी सवाल खड़ा किया है। स्टडी के मुताबिक, AI सिर्फ तस्वीर देखकर यह पता लगा सकता है कि वह फोटो कहां ली गई है, भले ही उसमें GPS डेटा, लोकेशन टैग या जगह का नाम न दिया गया हो।
McAfee की स्टडी के मुताबिक, AI टूल्स करीब 10 में से 9 बार तस्वीर में मौजूद शहर और देश की सही पहचान करने में कामयाब रहे। स्टडी में Google के Gemma 3 27B और Alibaba के Qwen 3 VL 30B मॉडल का इस्तेमाल किया गया। दोनों मॉडल ओपन-वेट हैं और इन्हें बिना सब्सक्रिप्शन के इस्तेमाल किया जा सकता है।
AI फोटो देखकर लोकेशन कैसे पता करता है?
स्टडी में AI को सिर्फ एक फोटो दी गई और उससे पूछा गया कि यह तस्वीर कहां की है। इसमें फोटो की कोई जानकारी जैसे मेटाडेटा, EXIF डेटा या फाइल का नाम इस्तेमाल नहीं किया गया।
AI ने तस्वीर में दिखाई देने वाली छोटी-छोटी चीजों को देखकर जगह का अंदाजा लगाया। इनमें इमारतों का डिजाइन, साइन बोर्ड, सड़कें, आसमान, दुकानों के बाहर का हिस्सा, शहर का नजारा और खाने के स्टॉल जैसी चीजें शामिल थीं।
21,236 ट्रैवल तस्वीरों में Gemma 3 27B ने 87 फीसदी मामलों में शहर और देश की सही पहचान की। वहीं Qwen 3 VL 30B ने 91 फीसदी मामलों में सही पहचान की।
कौन सी तस्वीरों से लोकेशन पता करना आसान?
AI के लिए मशहूर टूरिस्ट जगहों और अलग तरह की इमारतों वाली तस्वीरों की लोकेशन पता करना आसान रहा। वहीं आम समुद्र किनारे की तस्वीरें, गांव की सड़कें और होटल के कमरे जैसी तस्वीरों से सटीक जगह पता करना ज्यादा मुश्किल था।
इसके बावजूद AI कई बार देश की पहचान करने में कामयाब रहा।
स्टडी के दौरान McAfee के कर्मचारियों ने अपनी निजी ट्रैवल तस्वीरें भी ChatGPT, Claude और Copilot जैसे AI टूल्स पर अपलोड कीं। इनमें कुछ तस्वीरें ऐसी भी थीं जिन्हें उन्होंने कभी सोशल मीडिया पर शेयर नहीं किया था। एक मामले में AI ने पेड़ों और नदी वाली तस्वीर को अमेरिका के न्यूयॉर्क राज्य के Hastings-on-Hudson इलाके से जोड़ दिया।
क्या इसका फायदा स्कैमर्स उठा सकते हैं?
इस तकनीक का गलत इस्तेमाल भी हो सकता है। स्टडी के मुताबिक, स्कैमर्स सोशल मीडिया से आपकी ट्रैवल तस्वीरें लेकर AI की मदद से आपकी संभावित जगह और यात्रा के समय का अंदाजा लगा सकते हैं।
इसके बाद वे आपको ज्यादा भरोसेमंद दिखने वाला फर्जी मैसेज भेज सकते हैं। उदाहरण के लिए, अगर आप किसी दूसरे शहर या देश में घूम रहे हैं, तो स्कैमर उसी जगह का नाम लेकर बैंक अकाउंट में संदिग्ध गतिविधि या किसी नए लॉगिन की जानकारी देने वाला मैसेज भेज सकता है।
ऐसा मैसेज पूरी तरह सही होना जरूरी नहीं है। अगर उसमें आपकी यात्रा से जुड़ी सही जानकारी दिख जाए, तो आपके लिए उस पर भरोसा करना आसान हो सकता है।
साइबर फ्रॉड का खतरा भी बढ़ रहा है
गृह मंत्रालय के मुताबिक, 2025 में देश में 28.15 लाख साइबर अपराध के मामले दर्ज हुए। 2024 में यह संख्या 22.68 लाख थी। यानी एक साल में मामलों में करीब 24 फीसदी बढ़ोतरी हुई। मंत्रालय के अनुसार, 2025 में भारतीयों को साइबर अपराध के कारण 22,495 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
ऐसे में सोशल मीडिया पर अपनी तस्वीरें शेयर करते समय थोड़ा सावधान रहना जरूरी है। हर तस्वीर से AI आपकी सटीक लोकेशन नहीं बता सकता, खासकर जब फोटो में कोई खास पहचान वाली जगह न हो। लेकिन तस्वीर में दिखाई देने वाली छोटी-छोटी चीजें भी कभी-कभी आपकी लोकेशन के बारे में काफी जानकारी दे सकती हैं।
सोशल मीडिया पर फोटो शेयर करते समय सावधान रहें
अगर किसी तस्वीर में घर, होटल, ऑफिस, सड़क का साइन बोर्ड, गाड़ी का नंबर, टिकट या कोई खास जगह दिखाई दे रही है, तो उसे पोस्ट करने से पहले एक बार जरूर देखें।
