शेयर बाजार धड़ाम! ₹6 लाख करोड़ स्वाहा, जानें अगले एक-दो कारोबरी सत्रों में कैसी रह सकती है मार्केट की चाल?
आज सेंसेक्स 1.16% या 893.39 अंक गिरकर 76,200.68 अंक पर बंद हुआ तो वहीं निफ्टी 1.16% या 278.80 अंक टूटकर 23,824.10 पॉइंट पर बंद हुआ। बिजनेस टुडे के एक शो में जियोजित इंवेस्टमेंट के गौरांग शाह ने निवेशकों को बताया है कि अगले एक-दो कारोबरी सत्रों में बाजार की चाल कैसी रह सकती है। चलिए डिटेल में जानते हैं।

वीकली एक्सपायरी के दिन भारतीय शेयर बाजार में आई तेज बिकवाली ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। इस गिरावट की वजह से निवेशकों की संपत्ति में करीब 6 लाख करोड़ रुपये की कमी हुई है।
आज सेंसेक्स 1.16% या 893.39 अंक गिरकर 76,200.68 अंक पर बंद हुआ तो वहीं निफ्टी 1.16% या 278.80 अंक टूटकर 23,824.10 पॉइंट पर बंद हुआ।
बिजनेस टुडे के एक शो में जियोजित इंवेस्टमेंट के गौरांग शाह ने निवेशकों को बताया है कि अगले एक-दो कारोबरी सत्रों में बाजार की चाल कैसी रह सकती है। चलिए डिटेल में जानते हैं।
निवेशकों के लिए क्या सलाह?
गौरांग शाह के मुताबिक निवेशकों को जल्दबाजी में बड़ा दांव लगाने से बचना चाहिए। अगर निफ्टी 23,800 के ऊपर बना रहता है, तो अगले एक-दो सत्रों में कुछ राहत मिल सकती है। लेकिन अगर यह स्तर टूट जाता है, तो बाजार में और कमजोरी देखने को मिल सकती है।
फिलहाल निवेशकों की नजर निफ्टी के 23,800 स्तर और वैश्विक बाजारों की चाल पर बनी रहनी चाहिए, क्योंकि आगे की दिशा काफी हद तक इन्हीं संकेतों से तय होगी।
आज क्यों गिरा बाजार?
एक्सपर्ट का मानना है कि बाजार की हालिया कमजोरी के पीछे ग्लोबल मार्केट से मिले कमजोर संकेत, अहम तकनीकी स्तरों का टूटना और आईटी शेयरों में लगातार दबाव जैसी वजहें हैं। इसके अलावा एशियाई बाजारों में कमजोरी का भी सीधा असर देखने को मिला है।
दक्षिण कोरिया के KOSPI इंडेक्स में आज आई 10 प्रतिशत की गिरावट ने वैश्विक निवेशकों का भरोसा कमजोर किया। इसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा और निवेशकों ने तेजी से प्रॉफिट बुकिंग शुरू कर दी।
उनके अनुसार, हालिया तेजी के बाद भारतीय बाजार पहले से ही संवेदनशील स्थिति में थे। ऐसे में कमजोर वैश्विक संकेतों ने बिकवाली को और बढ़ावा दिया।
23,800 का स्तर क्यों है अहम?
गौरांग शाह का कहना है कि फिलहाल निफ्टी के लिए 23,800 का स्तर सबसे महत्वपूर्ण बना हुआ है। यह वही स्तर है जहां से बाजार पहले भी कई बार संभल चुका है।
उनके मुताबिक, आने वाले एक-दो कारोबारी सत्रों में यह देखना बेहद जरूरी होगा कि निफ्टी इस स्तर के ऊपर टिक पाता है या नहीं। अगर यह स्तर बना रहता है, तो बाजार में कुछ राहत भरी रिकवरी देखने को मिल सकती है।
हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि बाजार में फिर से मजबूत और लंबी तेजी शुरू हो जाएगी।अगर बाजार में रिकवरी आती है, तब भी निफ्टी के लिए 24,000 से 24,200 का दायरा बड़ी चुनौती बना रहेगा।

