
गुरुवार की भारी गिरावट के बाद आज 0.5% चढ़कर बंद हुआ शेयर बाजार! अगले हफ्ते कैसी रह सकती है मार्केट की चाल?
आज PSU बैंक में खरीदारी हुई और साथ ही साथ मेटल शेयरों में भी तेजी लौटी जिससे बाजार को सहारा मिला। जानिए अगले हफ्ते कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Stock Market Today: गुरुवार को शेयर बाजार में रही 1.5% की भारी गिरावट के बीच आज शुक्रवार को सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख इंडेक्स हरे निशान पर बंद हुए।
20 फरवरी को सेंसेक्स 0.38% या 316.57 अंक गिरकर 82,814.71 अंक पर बंद हुआ और निफ्टी 0.46% या 116.90 प्वाइंट चढ़कर 25,571.25 अंक पर बंद हुआ। आज PSU बैंक में खरीदारी हुई और साथ ही साथ मेटल शेयरों में भी तेजी लौटी जिससे बाजार को सहारा मिला।

इन शेयरों ने दिलाई बढ़त
सेंसेक्स में NTPC 2.73% उछलकर 373.05 रुपये पर टॉप गेनर रहा। Larsen & Toubro 2.37% चढ़ा। Hindustan Unilever, Tata Steel, Power Grid Corporation of India और Bharat Electronics में भी 1% से ज्यादा तेजी रही। आईटी शेयर दबाव में रहे और Tech Mahindra 1.75% और Infosys 1.23% फिसला।
L&T और NTPC ने बीएसई पर अपने 52 हफ्ते का उच्च स्तर भी छुआ। सेंसेक्स की बढ़त में L&T, रिलायंस इंडस्ट्रीज, NTPC, एसबीआई और कोटक महिंद्रा बैंक का बड़ा योगदान रहा।
सेक्टर का हाल
बीएसई PSU बैंक इंडेक्स 1.83% उछलकर 5,424.21 पर बंद हुआ, जबकि मेटल इंडेक्स 1.27% चढ़कर 39,552.76 पर पहुंचा। हालांकि बाजार की चौड़ाई कमजोर रही। 4,349 में से 1,919 शेयर हरे निशान में रहे, जबकि 2,262 गिरे।
आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल?
SEBI-रजिस्टर्ड एनालिस्ट हरिप्रसाद के मुताबिक 25,350 निफ्टी के लिए अहम सपोर्ट और 25,700 शॉर्ट टर्म का रेजिस्टेंस है। उनका कहना है कि RSI अभी 50 से नीचे है और इंडेक्स 100-डे EMA के ऊपर टिक नहीं पाया, इसलिए ट्रेंड पूरी तरह बुलिश नहीं दिखता।
Geojit Investments के रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा कि स्ट्रक्चरली रूप से बाजार मजबूत है, लेकिन शॉर्ट टर्म में ग्लोबल अनिश्चितताओं के चलते खरीदारी-पर-गिरावट और बिकवाली-पर-उछाल का रुख जारी रह सकता है।
Religare Broking के एसवीपी अजीत मिश्रा ने 25,400 के ऊपर बने रहने को जरूरी बताया। उन्होंने बैंकिंग, ऑटो, मेटल और एनर्जी शेयरों में लंबी पोजिशन की सलाह दी, जबकि आईटी में शॉर्ट टर्म से बचने को कहा।
Enrich Money के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा कि दिनभर खरीदारी बढ़ती गई, लेकिन अमेरिका-ईरान तनाव और मिले-जुले वैश्विक संकेतों से सतर्कता बनी रहेगी।

