IPO प्राइस से 88% चढ़ा SS Retail का शेयर, शानदार नतीजों के बाद 20% तक उछला; अब निवेशक क्या करें?
SS Retail के शेयरों में बुधवार को शानदार तेजी देखने को मिली। कंपनी के पहली तिमाही के नतीजों में रेवेन्यू और मुनाफे में मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गई। IPO प्राइस से शेयर काफी ऊपर पहुंच चुका है। ऐसे में निवेशकों के लिए एक्सपर्ट की सलाह और कंपनी की विस्तार योजना अहम है।

शेयर बाजार में हाल ही में लिस्ट हुई मोबाइल रिटेल कंपनी SS Retail के शेयरों में बुधवार को जबरदस्त तेजी देखने को मिली। BSE पर कंपनी का शेयर 19.52% उछलकर 828.30 रुपये के उच्च स्तर पर पहुंच गया। बाद में यह 15.09% की बढ़त के साथ 797.55 रुपये पर कारोबार करता दिखा।
खास बात यह है कि 424 रुपये के IPO प्राइस के मुकाबले शेयर अब तक 88.10% चढ़ चुका है। कंपनी की शेयर बाजार में लिस्टिंग 23 सितंबर को हुई थी।
शानदार नतीजों से शेयर में तेजी
SS Retail ने लिस्टिंग के बाद पहली बार अपने तिमाही नतीजे जारी किए हैं। वित्त वर्ष 2026-27 की अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 59% बढ़कर 789.7 करोड़ रुपये पहुंच गया। वहीं, टैक्स के बाद मुनाफा (PAT) 61% बढ़कर 23.8 करोड़ रुपये हो गया।
कंपनी की समान स्टोर बिक्री (Same-Store Sales) में भी 34% की बढ़ोतरी हुई। इसका मतलब है कि पहले से मौजूद स्टोर्स पर भी बिक्री तेजी से बढ़ रही है।
750 स्टोर खोलने का लक्ष्य
कंपनी ने जून तिमाही में 33 नए स्टोर खोले। इसके साथ ही पांच राज्यों में उसके कुल स्टोर्स की संख्या 536 हो गई है। कंपनी का कुल रिटेल एरिया 2.8 लाख वर्ग फुट तक पहुंच गया है।
SS Retail के फाउंडर, चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर सिद्धार्थ शाह के मुताबिक, कंपनी ने इस तिमाही में रिकॉर्ड रेवेन्यू, EBITDA और मुनाफा दर्ज किया है। EBITDA में सालाना आधार पर 51% की बढ़ोतरी हुई। कंपनी का लक्ष्य वित्त वर्ष 2028 तक 750 स्टोर खोलना और वित्त वर्ष 2026 के मुकाबले रेवेन्यू दोगुना करना है।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
Master Capital Services के चीफ रिसर्च ऑफिसर रवि सिंह के मुताबिक, संगठित रिटेल सेक्टर में बढ़ोतरी, ग्राहकों की बदलती पसंद और कंपनी के विस्तार से लंबी अवधि में कारोबार को फायदा मिल सकता है।
वहीं, WealthMills Securities के इक्विटी स्ट्रैटेजिस्ट क्रांति बाथिनी का कहना है कि जिन निवेशकों ने लिस्टिंग के दौरान कमाई के मकसद से शेयर खरीदे थे, वे कुछ मुनाफावसूली पर विचार कर सकते हैं। हालांकि, लंबी अवधि के निवेशक शेयर में बने रह सकते हैं।

