एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस की सपोर्ट वाली इस एनबीएफसी कंपनी ने दी बड़ी जानकारी, ₹50 से कम है शेयर प्राइस
एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस की सपोर्ट वाली एनबीएफसी सेक्टर की इस स्मॉल कैप कंपनी ने बीते शुक्रवार को बाजार बंद होने के बाद अपने लेटेस्ट एक्सचेंज फाइलिंग में एक बड़ी जानकारी दी है।

Penny Stock: एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस की सपोर्ट वाली एनबीएफसी सेक्टर की स्मॉल कैप कंपनी, पैसालो डिजिटल लिमिटेड (Paisalo Digital Ltd) ने बीते शुक्रवार को बाजार बंद होने के बाद अपने लेटेस्ट एक्सचेंज फाइलिंग में एक बड़ी जानकारी दी है।
कंपनी ने अपने फाइलिंग में बताया कि उसने Series PDL-09-2023 के तहत जारी कुल अनसिक्योर्ड, अनलिस्टेड, रिडीमेबल नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) में से 10 NCDs को कॉल ऑप्शन का उपयोग करते हुए आंशिक रूप से रिडीम कर लिया है। इन NCDs की कुल राशि 1 करोड़ रुपये है और इनकी वास्तविक मैच्योरिटी तारीख 2 सितंबर 2033 थी।
Paisalo Digital Share Price
कंपनी का शेयर एनएसई पर शुक्रवार को 0.55% या 0.18 रुपये चढ़कर 32.85 रुपये पर बंद हुआ था वहीं बीएसई पर 0.09% या 0.03 रुपये गिरकर 32.65 रुपये पर बंद हुआ था।
Sbi Life Insurance Co. Ltd की कितनी हिस्सेदारी?
Trendlyne के डेटा के मुताबिक कंपनी एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस के पास दिसंबर 2025 तक पैसालो डिजिटल लिमिटेड की 6.83% या 62,114,267 इक्विटी शेयर हैं।
अलग-अलग सेक्टर में रणनीतिक पार्टनरशिप कर रही है कंपनी
हाल ही में कंपनी ने बताया था कि उसका फोकस छोटे उद्यमियों, स्वरोजगार करने वालों और माइक्रो बिजनेस को आसान और सस्ता कर्ज उपलब्ध कराने पर है, ताकि शहरों और गांवों दोनों जगह आजीविका के मौके बढ़ें।
फाइलिंग के मुताबिक, हेल्थकेयर और एजुकेशन सेक्टर में पैसालो डिजिटल ने सेमा मार्ट हेल्थ, एडू सॉफ्ट और ट्रुविक हेल्थ जैसी कंपनियों के साथ मिलकर क्लीनिक, डायग्नोस्टिक सेंटर और शिक्षण संस्थानों को जरूरी उपकरण खरीदने के लिए फाइनेंस सपोर्ट दिया है।
एग्रीकल्चर सेक्टर में कंपनी ने मशियो, दशमेश, शक्तिमान, प्रीत ट्रैक्टर्स और अपोलो ट्रैक्टर्स जैसी कंपनियों के साथ साझेदारी कर किसानों और एग्री-उद्यमियों को मशीनरी और उत्पादकता बढ़ाने में मदद की है।
इसके अलावा, इंडस्ट्रियल इक्विपमेंट, सोलर एनर्जी और इलेक्ट्रिक व वैकल्पिक ईंधन वाले वाहनों के लिए भी पैसालो डिजिटल ने कई बड़ी कंपनियों के साथ हाथ मिलाया है। कंपनी का कहना है कि वो इन पहलों के जरिए कंपनी छोटे कारोबारियों और ग्रामीण उद्यमों को टिकाऊ विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने का काम कर रही है।

