scorecardresearch

भारतीय शेयर बाजार को लेकर मॉर्गन स्टेनली की बड़ी भविष्यवाणी! क्या अब शुरू होगी अगली बुल रन?

मॉर्गन स्टेनली के इक्विटी स्ट्रैटेजिस्ट रिधम देसाई और नयनत पारेख ने अपनी रिपोर्ट 'India Equity Strategy Playbook' में कहा कि घरेलू शेयरों के लिए आने वाला साल मजबूत रह सकता है। रिपोर्ट में उन्होंने लिखा कि ऐसा संभव है कि बाजार का निचला स्तर पीछे छूट चुका हो।

Advertisement
AI Generated Image

अमेरिकी ब्रोकरेज मॉर्गन स्टेनली (Morgan Stanley) ने भारतीय शेयर बाजार को लेकर बड़ा भरोसा जताया है। फर्म के इक्विटी स्ट्रैटेजिस्ट रिधम देसाई और नयनत पारेख ने अपनी रिपोर्ट 'India Equity Strategy Playbook' में कहा कि घरेलू शेयरों के लिए आने वाला साल मजबूत रह सकता है। रिपोर्ट में उन्होंने लिखा कि ऐसा संभव है कि बाजार का निचला स्तर पीछे छूट चुका हो।

advertisement

कई फैक्टर्स एक साथ कर रहे हैं काम

मॉर्गन स्टेनली के मुताबिक, भारतीय बाजार के पक्ष में कई बड़े फैक्टर एक साथ काम कर रहे हैं। इनमें घरेलू निवेशकों की लगातार खरीदारी, IPO बाजार में नई कंपनियों की एंट्री, विदेशी निवेशकों की कम हिस्सेदारी और आकर्षक वैल्यूएशन शामिल हैं। रिपोर्ट में कहा गया कि भारत का वैश्विक मुनाफे में हिस्सा उसके ग्लोबल इंडेक्स वेट से काफी ज्यादा है, जो 2009 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर है।

ब्रोकरेज ने यह भी कहा कि कमजोर मुद्रा, स्थिर राजकोषीय स्थिति और सीमित रियल ब्याज दरें नीति माहौल को सपोर्टिव बना रही हैं। इसी वजह से फर्म को लगता है कि भारतीय कंपनियों की कमाई फिर से अपसाइकिल में प्रवेश कर रही है।

इंफ्रास्ट्रक्चर और AI पर बड़ा दांव

रिपोर्ट के अनुसार, एनर्जी, रक्षा, सेमीकंडक्टर, फर्टिलाइजर और डेटा सेंटर जैसे सेक्टरों में कैपिटल निवेश तेजी से बढ़ सकता है। Morgan Stanley को उम्मीद है कि अगले पांच साल में निवेश का GDP में हिस्सा बढ़कर 37.5 फीसदी तक पहुंच सकता है।

एक्सपर्ट ने कहा कि भारत की युवा आबादी और बढ़ती आय देश की सबसे बड़ी ताकत है। उनका अनुमान है कि 2025 में ग्लोबल GDP ग्रोथ में भारत की हिस्सेदारी 18 फीसदी रही और आने वाले वर्षों में यह और बढ़ सकती है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि AI आधारित उत्पादकता बढ़ने से भारत को बड़ा फायदा मिल सकता है।

किन सेक्टरों पर दांव?

मॉर्गन स्टेनली ने घरेलू साइकलिक सेक्टरों को सबसे ज्यादा पसंद बताया है। ब्रोकरेज वित्तीय सेवाओं, कंज्यूमर डिस्क्रेशनरी और इंडस्ट्रियल सेक्टर पर ओवरवेट है। वहीं ऊर्जा, मटेरियल्स, यूटिलिटीज और हेल्थकेयर पर अंडरवेट रुख रखा गया है। रिपोर्ट में IT सर्विसेज को 'डार्क हॉर्स' बताया गया, क्योंकि AI एप्लिकेशन और सॉल्यूशंस बनाने में इन कंपनियों की भूमिका बढ़ सकती है।

हालांकि, ब्रोकरेज ने चेतावनी दी कि पश्चिम एशिया में लंबा तनाव, वैश्विक आर्थिक सुस्ती और खराब मौसम से सूखे का खतरा बाजार के लिए प्रमुख जोखिम बने रहेंगे।

Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। BT Bazaar अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।