scorecardresearch

Share Market में ₹5 लाख करोड़ डूबे, क्यों नहीं संभल रहा है बाजार?

Nifty 50 और Sensex स्टॉक इंडेक्स में मंगलवार को भारी गिरावट आई, जिसमें कमजोर नतीजे पेश करने वाली FMCG, कंज्यूमर और ऑटोमोबाइल स्टॉक्स पर सबसे ज्यादा असर देखने को मिला। निफ्टी 258 अंक (1.07%) गिरकर 23,883 पर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स 821 अंक (1.04%) गिरकर 78,675 पर क्लोजिंग हुई। निफ्टी के 50 शेयरों में से 44 लाल निशान में बंद हुए।

Advertisement
In the BSE500 index, more than 150 stocks or 30 per cent constituents were in bear grip, these 25 counters have been the latest inclusion to the list.

Nifty 50 और Sensex स्टॉक इंडेक्स में मंगलवार को भारी गिरावट आई, जिसमें कमजोर नतीजे पेश करने वाली FMCG, कंज्यूमर और ऑटोमोबाइल स्टॉक्स पर सबसे ज्यादा असर देखने को मिला। निवेशकों के करीब ₹5 लाख करोड़ डूब गए।

निफ्टी 258 अंक (1.07%) गिरकर 23,883 पर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स 821 अंक (1.04%) गिरकर 78,675 पर क्लोजिंग हुई। निफ्टी के 50 शेयरों में से 44 लाल निशान में बंद हुए।

advertisement

FMCG (फास्ट मूविंग कंज्यूमर गुड्स) सेक्टर पर दबाव था, निफ्टी FMCG index 2% गिरा, जिसमें Britannia की कमजोरी ने प्रमुख भूमिका निभाई, जबकि अन्य कंज्यूमर स्टॉक्स जैसे Asian Paints ने भी अपने FY25 वॉल्यूम ग्रोथ आउटलुक में कटौती करने के बाद नुकसान बढ़ाए। ऑटो सेक्टर में Samvardhana Motherson 5% नीचे बंद हुआ, जबकि  Bosch अपने आगामी तिमाही परिणामों से पहले 5% गिर गया।

निफ्टी 50 के 50 में से सिर्फ 4 शेयर हरे निशान में बंद हुए जिनमें Trent, Sun Pharma, HCL Tech और Infosys टॉप गेनर्स में शामिल हैं। वहीं BSE सेंसेक्स के 30 में से सिर्फ 3 स्टॉक्स में बढ़त दर्ज हुई जिनमें Sun Pharma, Infosys और ICICI Bank शामिल हैं।


FIIs क्यों कर रहे हैं बिकवाली?  

जेएम फाइनेंशियल का कहना है कि इतिहास में महत्वपूर्ण FPI (विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक) फ्लो ने भारतीय बाजारों पर असप डाला है। ज्यादातर मामलों में, जब निफ्टी 50 ने एक महीने में 5 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की है।

1) कमजोर लाभ सीजन
2) भारतीय शेयर बाजार का ज्यादा महंगा
3) अन्य बाजारों में विदेशी पूंजी का फ्लो (चीन, जापान और ताइवान में विदेशी पूंजी का फ्लो देखा गया है)

जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार विके विजयकुमार का कहना है कि FPI के जरिए निरंतर बिकवाली बियर पक्ष को समर्थन दे रही है और बाजार को नीचे खींच रही है। यह ध्यान में रखना महत्वपूर्ण है कि एफआईआई बिकवाली की स्पीड कम हो रही है (सोमवार को एफपीआई की बिकवाली ₹2,026 करोड़ था) और म्यूचुअल फंड्स में फ्लो लगातार बढ़ रहा है, जो DIIs (घरेलू संस्थागत निवेशक) को खरीदारी जारी रखने में सक्षम बनाएगा,।

एक्सिस सिक्योरिटीज के रिसर्च हेड अक्षय चिंचालकर  ने कहा कि निफ्टी 24,360 पर रजिस्टेंस और 24,000 पर सपोर्ट के बीच नॉन-मैन लैंड में फंसा हुआ था, जो बाजार की अस्थिरता के अनुरूप है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि निफ्टी 25 अक्टूबर को 24,073 के निम्न स्तर से कोई दिशा नहीं पकड़ पाया।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी केवल सूचना के उद्देश्यों के लिए है और इसे निवेश सलाह के रूप में नहीं समझा जाना चाहिए। निवेश निर्णय लेने से पहले एक वित्तीय सलाहकार से परामर्श करने की सिफारिश की जाती है।
 

advertisement
Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। BT Bazaar अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।