IT शेयरों में निवेश का सही वक्त? 12-18 महीने के लिए इन आईटी कंपनियों में कर सकते हैं निवेश
बिजनेस टुडे के शो में सीनियर एंकर साक्षी बत्रा के सवालों का जवाब देते हुए Avinash Mentor Research के अविनाश गोरक्षकर का मानना है कि सेक्टर से जुड़ी ज्यादातर नकारात्मक बातें शेयरों की कीमतों में पहले ही शामिल हो चुकी हैं। ऐसे में 12 से 18 महीने का नजरिया रखने वाले निवेशकों को अच्छे क्वालिटी वाली आईटी कंपनियों में धीरे-धीरे निवेश शुरू करना चाहिए, भले ही शॉर्ट टर्म में रिटर्न सीमित रहें।

Stock in Focus: भारतीय आईटी सेक्टर लंबे समय से दबाव में रहा है, लेकिन अब यही कमजोरी मध्यम अवधि के निवेशकों के लिए मौका बन सकती है। बिजनेस टुडे के शो में सीनियर एंकर साक्षी बत्रा के सवालों का जवाब देते हुए Avinash Mentor Research के अविनाश गोरक्षकर का मानना है कि सेक्टर से जुड़ी ज्यादातर नकारात्मक बातें शेयरों की कीमतों में पहले ही शामिल हो चुकी हैं।
ऐसे में 12 से 18 महीने का नजरिया रखने वाले निवेशकों को अच्छे क्वालिटी वाली आईटी कंपनियों में धीरे-धीरे निवेश शुरू करना चाहिए, भले ही शॉर्ट टर्म में रिटर्न सीमित रहें।
वैल्यूएशन ने बढ़ाया भरोसा
अविनाश गोरक्षकर के मुताबिक, लंबे समय से पिछड़ रहे सेक्टर अक्सर कमाई में सुधार शुरू होते ही बेहतर अल्फा देने की क्षमता रखते हैं। मौजूदा बाजार में जहां बैंकों पर तिमाही नतीजों और मार्जिन को लेकर दबाव है, वहीं आईटी, एफएमसीजी और फार्मा जैसे डिफेंसिव सेक्टर निवेशकों का ध्यान खींच रहे हैं। इसकी वजह स्थिर कमाई और बेहतर जोखिम-रिटर्न का संतुलन है।
निवेशकों को इन कंपनियों में निवेश की सलाह
एक्सपर्ट अविनाश गोरक्षकर ने निवेश के लिए टीसीएस, इंफोसिस और एचसीएल टेक्नोलॉजीज जैसी बड़ी आईटी कंपनियों को प्राथमिकता देने की सलाह दी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ज्यादा जोखिम लेने वाले निवेशक चुनिंदा छोटी आईटी कंपनियों पर भी नजर रख सकते हैं। हालांकि उनका जोर मजबूत बैलेंस शीट, भरोसेमंद एग्जीक्यूशन और मांग बढ़ने पर सबसे पहले फायदा उठाने वाली स्थापित कंपनियों पर है।
सितंबर के बाद बन सकता है ट्रिगर
एक्सपर्ट का कहना है कि सितंबर के बाद अगर कमाई में मामूली पॉजिटिव सरप्राइज भी देखने को मिले तो आईटी शेयरों में अच्छी तेजी आ सकती है। उनका मानना है कि बाजार की उम्मीदें पहले ही काफी नीचे आ चुकी हैं, इसलिए सीमित सुधार भी शेयरों की री-रेटिंग का कारण बन सकता है।
धैर्य रखना होगा जरूरी
एक्सपर्ट ने साफ कहा कि यह तेजी तुरंत आने वाली नहीं है। उनके अनुसार, लंबी अवधि के निवेशकों को चिंता की जरूरत नहीं है, लेकिन छोटी अवधि में शेयरों की चाल सीमित रह सकती है। ऐसे में आईटी सेक्टर को मोमेंटम ट्रेड नहीं, बल्कि धैर्य के साथ किया जाने वाला निवेश माना जाना चाहिए।

