scorecardresearch

IT Stocks: आईटी सेक्टर पर ट्रंप के टैरिफ का कैसे असर? Wipro, Infosys, Persistent Systems, HCL Tech सब धड़ाम

आपके मन में भी यह सवाल आ रहा होगा की आखिर रेसिप्रोकल टैरिफ का भारतीय आईटी कंपनियों के क्या लेना देना है। चलिए डिटेल में जानते हैं।

Advertisement

IT Stocks:  राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा रेसिप्रोकल टैरिफ की घोषणा के बाद अमेरिका में महंगाई की आशंका के कारण गुरुवार के शुरुआती कारोबार में आईटी शेयरों में 7.5% तक की गिरावट आई। सुबह 10:37 बजे तक Nifty IT Index 3.20% गिरकर 1,161.80 अंक पर कारोबार कर रहा था।

advertisement

Persistent Systems के शेयरों में सबसे ज्यादा 7.4% की गिरावट आई। इसके बाद Mphasis के शेयरों में 4.2% की गिरावट आई। वहीं Wipro, LTIMindtree, Infosys, Coforge और HCL Technologies के शेयरों में 3-3.5% की गिरावट आई।

Tech Mahindra के शेयरों में 2.4% और Oracle Financial Services Software के स्टॉक में  2.2% की गिरावट देखने को मिली। अब आपके मन में भी यह सवाल आ रहा होगा की आखिर रेसिप्रोकल टैरिफ का भारतीय आईटी कंपनियों के क्या लेना देना है। चलिए डिटेल में जानते हैं। 

आईटी सेक्टर पर ट्रंप के टैरिफ का कैसे असर?

अमेरिका ने भारत पर 27% का रेसिप्रोकल टैरिफ लगाया है। हालांकि ट्रम्प द्वारा लगाए गए टैरिफ का आईटी सेक्टर पर सीधा असर नहीं पड़ता है, लेकिन इन टैरिफ को महंगाई बढ़ाने वाला माना जाता है, जिसका मतलब है कि वे अमेरिका में कीमतों को बढ़ा सकते हैं। 

अगर महंगाई बढ़ती है, तो अमेरिकी कंपनियां अपने खर्च में कटौती कर सकती हैं, जिसमें उनकी टेक और आईटी बजट में कटौती भी शामिल है। चूंकि कई भारतीय आईटी फर्म रेवेन्यू के लिए अमेरिकी ग्राहकों पर बहुत अधिक निर्भर हैं, इसलिए टेक खर्च में यह कमी उनके बिजनेस संभावनाओं को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकती है।

IT Stocks का हाल

सुबह 10:37 बजे तक के आंकड़े

 

शेयर बाजार का हाल

सुबह 10:48 बजे तक के डेटा के मुताबिक सेंसेक्स 0.31% या 238.50 अंक टूटकर  76,378.94 अंक पर ट्रेड कर रहा था तो वहीं निफ्टी 0.25% या 58.85 अंक गिरकर 23,273.50 अंक पर कारोबार कर रहा था। 

वैश्विक बाजारों और अर्थव्यवस्था पर टैरिफ के प्रभाव को डिकोड करते हुए, जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के वीके विजयकुमार ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रम्प द्वारा घोषित किए गए रेसिप्रोकल टैरिफ का ग्लोबल स्तर पर बाजारों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। 

एक्सपर्ट ने कहा कि सबसे बड़ी चिंता यह है कि इससे अन्य देशों से जवाबी टैरिफ शुरू हो जाएंगे, जिसके कारण एक ट्रेड वॉर शुरू हो जाएगा जो वैश्विक व्यापार और वैश्विक विकास को प्रभावित करेगा। 

advertisement
Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। BT Bazaar अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।