रडार पर रियल एस्टेट सेक्टर की इस कंपनी का शेयर! इस बड़े अपडेट के बाद 2% से ज्यादा उछला स्टॉक - Details
दरअसल कंपनी ने अपने लेटेस्ट एक्सचेंज फाइलिंग में बताया था कि उसने अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी स्क्वेयर पोर्ट शिपयार्ड प्राइवेट लिमिटेड (SPSPL) में किए गए अपने मौजूदा निवेश को ऑप्शनली कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (OCDs) से इक्विटी शेयरों में बदल दिया है।

बुधवार को शेयर बाजार में जारी तेजी के बीच रियल एस्टेट सेक्टर की कंपनी, हजूर मल्टी प्रोजेक्ट्स लिमिटेड (Hazoor Multi Projects Ltd) का स्टॉक आज 2 प्रतिशत से ज्यादा चढ़कर ट्रेड कर रहा है। शेयर में इस तेजी के पीछे कंपनी द्वारा बीते मंगलवार को शेयर बाजार बंद होने के बाद दी गई एक बड़ी जानकारी है।
दरअसल कंपनी ने अपने लेटेस्ट एक्सचेंज फाइलिंग में बताया था कि उसने अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी स्क्वेयर पोर्ट शिपयार्ड प्राइवेट लिमिटेड (SPSPL) में किए गए अपने मौजूदा निवेश को ऑप्शनली कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (OCDs) से इक्विटी शेयरों में बदल दिया है।
यह कन्वर्जन डिबेंचर्स की शर्तों के अनुसार किया गया है, जिसके तहत कंपनी को 2 करोड़ 50 लाख इक्विटी शेयर (प्रति शेयर ₹10 के मूल्य पर) आवंटित किए गए हैं।
इस कन्वर्जन के बाद भी स्क्वेयर पोर्ट शिपयार्ड प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की 100% सहायक कंपनी बनी रहेगी और इसके स्वामित्व, कंट्रोल या मैनेजमेंट में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
स्क्वेयर पोर्ट शिपयार्ड प्राइवेट लिमिटेड की स्थापना 29 नवंबर 2022 को हुई थी और यह जहाजों एवं विभिन्न प्रकार के पोतों के निर्माण, मरम्मत और उनसे जुड़े कार्यों के व्यवसाय में संलग्न है। वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी का टर्नओवर ₹68.95 करोड़ और नेट प्रॉफिट ₹17.98 करोड़ रहा है। यह निवेश कंपनी की लॉन्ग टर्म रणनीति का हिस्सा है और फरवरी 2026 तक इस प्रक्रिया के पूरा होने की उम्मीद है।
Hazoor Multi Projects Share
कंपनी का शेयर सुबह 10:47 बजे तक बीएसई पर 1.58% या 0.48 रुपये चढ़कर 30.86 रुपये पर कारोबार कर रहा था।
Hazoor Multi Projects Q2 FY26 Results
सितंबर तिमाही में कंपनी की बिक्री 33.30% गिरकर ₹102.11 करोड़ रह गई, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹153.08 करोड़ थी। कंपनी ने बताया कि उसे इस बार ₹9.93 करोड़ का नेट लॉस हुआ है, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी ने ₹11.02 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया था।
Q2 में कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन (OPM) 11.86% से गिरकर -3.86% पर आ गया। PBDT ₹16.37 करोड़ के मुनाफे से घटकर ₹9.65 करोड़ के घाटे में बदला, जबकि PBT भी ₹14.77 करोड़ के प्रॉफिट से ₹11.05 करोड़ के नुकसान में चला गया।

