FMCG की इस स्मॉल कैप कंपनी ने प्रमोटर ग्रुप को अलॉट किए 37 लाख से ज्यादा शेयर! Q3 में 29% बढ़ा है रेवेन्यू
कंपनी ने अपने लेटेस्ट एक्सचेंज फाइलिंग में बताया था कि कंपनी में वारंट्स के कन्वर्जन और रिजर्व्ड बोनस शेयरों के आवंटन के तहत प्रमोटर ग्रुप और पर्सन्स एक्टिंग इन कॉन्सर्ट (PAC) को फेस वैल्यू ₹2 प्रति शेयर के हिसाब से कुल 37,14,000 इक्विटी शेयर आवंटित किए गए हैं।

एफएमसीजी सेक्टर की स्मॉल कैप कंपनी, जीआरएम ओवरसीज लिमिटेड (GRM Overseas Ltd) ने बीते मंगलवार को बाजार बंद होने के बाद निवेशकों को बड़ी जानकारी दी थी जिसके बाद आज कंपनी का शेयर फोकस में है।
कंपनी ने अपने लेटेस्ट एक्सचेंज फाइलिंग में बताया था कि कंपनी में वारंट्स के कन्वर्जन और रिजर्व्ड बोनस शेयरों के आवंटन के तहत प्रमोटर ग्रुप और पर्सन्स एक्टिंग इन कॉन्सर्ट (PAC) को फेस वैल्यू ₹2 प्रति शेयर के हिसाब से कुल 37,14,000 इक्विटी शेयर आवंटित किए गए हैं।
इस अधिग्रहण से जुड़े नामों में अतुल गर्ग, ममता गर्ग, हुकम चंद गर्ग और निपुण जैन शामिल हैं। इनमें से अतुल गर्ग, ममता गर्ग और हुकम चंद गर्ग कंपनी के प्रमोटर/प्रमोटर ग्रुप से संबंधित हैं, जबकि निपुण जैन कंपनी में निदेशक (Director) के पद पर हैं।
GRM Overseas Share Price
सुबह 10:30 बजे तक कंपनी का शेयर एनएसई पर 0.57% या 0.92 रुपये की तेजी के साथ 162.17 रुपये पर ट्रेड कर रहा था और बीएसई पर शेयर 0.53% या 0.85 रुपये चढ़कर 162.15 रुपये पर कारोबार कर रहा था।
GRM Overseas Q3 FY26 Results
कंपनी ने Q3FY26 के कंसोलिटेड नतीजों को जारी करते हुए बताया कि वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही (Q3FY26) में कुल राजस्व 492.6 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही (Q3FY25) के 382.2 करोड़ रुपये के मुकाबले 28.9% ज्यादा है।
EBITDA 31.3 करोड़ रुपये रहा, जिसमें सालाना आधार पर 34.1% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। पिछले साल की इसी तिमाही में यह 23.3 करोड़ रुपये था। इस तिमाही में EBITDA मार्जिन 6.3% रहा।
वहीं, कंपनी का शुद्ध मुनाफा (PAT) 19.3 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की तुलना में 42.8% ज्यादा है। Q3FY26 में मुनाफे का मार्जिन 3.9% रहा, जबकि Q3FY25 में यह 3.5% था।
कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर अतुल गर्ग ने कहा कि वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में GRM Overseas ने कुल राजस्व में सालाना आधार पर 28.9% की मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की। यह वृद्धि घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों में मजबूत मांग के कारण संभव हुई। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कंपनी ने अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखी और प्रीमियम बासमती चावल की स्थिर मांग के चलते 21% सालाना वृद्धि हासिल की, वह भी भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बावजूद।

