Eraaya Lifespaces Share: कंपनी बचाने के लिए एकजुट हुए लोग, प्रमोटर के फैसले किए रिजेक्ट
Eraaya Lifespaces के स्टॉक सोमवार को फोकस में रहेंगे। कंपनी के शेयरधारकों ने हाल ही में बड़ा फैसला लिया है। इस फैसला का सीधा असर कंपनी के प्रमोटर पर पड़ा है। आर्टिकल में पूरा मामला जानते हैं।

सोमवार के ट्रेडिंग सेशन में इराया लाइफस्पेसेस लिमिटेड (Eraaya Lifespaces Ltd.) के शेयर फोकस में बने रहेंगे। दरअसल, हाल ही में कंपनी के शेयरधारकों ने एक बड़ा और जरूरी कदम उठाया। उन्होंने कंपनी के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए प्रमोटर विकास गर्ग (Vikas Garg) द्वारा लाए गए कई विवादित प्रस्तावों को खारिज कर दिया। ये फैसला कंपनी में ईमानदारी और पारदर्शिता बनाए रखने के इरादे से लिया गया है।
बता दें कि शुक्रवार को कंपनी के शेयर 3.47 फीसदी गिरकर 55.59 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुए थे। हालांकि. कंपनी के शेयर ने पांच साल में 7,214.47 फीसदी का मल्टीबैगर रिटर्न (Multibagger Return) दिया है।
9 में से 11 प्रस्ताव फेल
शेयर बाजार को दी गई जानकारी के मुताबिक, 11 में से 9 प्रस्ताव वोटिंग में पास नहीं हो सके। ये सभी ऐसे प्रस्ताव थे जो मौजूदा मैनेजमेंट को और ताकत दे सकते थे। लेकिन निवेशकों ने इन पर भरोसा नहीं जताया। उनका साफ संदेश था कि वे अब ऐसे फैसलों को मंजूरी नहीं देंगे जो गलत नीयत को बढ़ावा दें।
इन प्रस्तावों में कंपनी के नाम और उद्देश्य बदलना, नए निदेशकों की नियुक्ति, और बोर्ड को बड़े कर्ज या निवेश करने की मंजूरी जैसे मुद्दे थे। इसके अलावा पार्टी ट्रांजैक्शन और कर्ज को शेयरों में बदलने की बातें भी शामिल थीं।
निवेशकों को क्यों है विकास गर्ग पर शक
विकास गर्ग पर पहले से ही कई गंभीर आरोप हैं। हाल ही में SEBI ने उन्हें कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) भेजा है। आरोप हैं कि उन्होंने Stock price manipulation किया है। कहा जा रहा है कि विकास गर्ग ने यूट्यूब पर भ्रामक वीडियो डालकर शेयर का दाम बढ़ाया। इसके अलावा एक ही समय पर ट्रेडिंग कर शेयर में गड़बड़ी की है। यहां तक कि उनपर आरोप है कि उन्होंने Unity Group, Bansal Wire जैसी कंपनियों के जरिए पैसे का गलत लेन-देन किया है।
कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, विकास गर्ग ने पब्लिक कंपनियों का पैसा निजी कंपनियों को ट्रांसफर किया और फिर उस पैसे को नकद में वापिस ले लिया। ये सब बहुत ही गंभीर आरोप हैं, जो कंपनी की छवि और वित्तीय सुरक्षा के लिए खतरनाक हैं।
SEBI की जांच में यह बात सामने आई है कि विकास गर्ग के परिवार के लोग और करीबी भी इस पूरे मामले में शामिल हो सकते हैं। इससे यह मामला और भी पेचीदा हो गया है।
अदालतों में मुकदमे, पुलिस जांच जारी
दिल्ली हाईकोर्ट, NCLT और लंदन की अदालतों में विकास गर्ग के खिलाफ केस चल रहे हैं। दिल्ली की एक अदालत ने पुलिस से (Action Taken Report) भी मांगी है जिसमें आरोप है कि उन्होंने शेयर फर्जी तरीके से ट्रांसफर किए।