दलाल स्ट्रीट पर बदला सेंटिमेंट, लेकिन क्या खत्म हुआ बाजार का जोखिम? जानिए एक्सपर्ट की राय
क्या दलाल स्ट्रीट की रौनक सिर्फ एक राहत की सांस है या फिर नए बुल रन की शुरुआत? क्या ग्लोबल संकेतों से बदला यह सेंटिमेंट लंबे समय तक टिक पाएगा? सबसे अहम सवाल—क्या बाजार सच में सबसे बुरे दौर से बाहर निकल चुका है? इन्हीं सवालों के बीच निवेशकों की नजरें फिर से भारतीय इक्विटी बाजार पर टिक गई हैं। बिजनेस टुडे टेलीविजन के शो में सीनियर स्टॉक मार्केट एडिटर शैलेंद्र भटनागर ने यही सवाल प्रतीक निगुद्कर से पूछे। जानिए Shriram AMC के सीनियर फंड मैनेजर ने क्या कहा?

In Short
- दलाल स्ट्रीट पर बदला सेंटिमेंट, लेकिन जोखिम कितना बाकी?
- बाजार रिकवरी पर फंड मैनेजर की राय, "सावधानी जरुरी"
- Shriram AMC के प्रतीक निगुद्कर का आकलन
- ग्लोबल संकेतों से मजबूत हुआ बाजार, फिर भी चेतावनी क्यों?
दलाल स्ट्रीट पर निवेशकों का रुख धीरे-धीरे पॉजिटिव होता दिख रहा है, लेकिन सवाल है कि क्या यह मजबूती लंबे समय तक रहेगीॉ? बिजनेस टुडे टेलीविजन के शो में सीनियर स्टॉक मार्केट एडिटर शैलेंद्र भटनागर ने यह सवाल प्रतीक निगुद्कर से पूछा। चर्चा में बाजार के बदलते सेंटिमेंट, वैश्विक हालात और भारतीय इक्विटी की दिशा पर विस्तार से बात हुई। Shriram AMC के सीनियर फंड मैनेजर प्रतीक निगुद्कर ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में ग्लोबल आउटलुक में स्पष्ट सुधार देखने को मिला है, जिससे इक्विटी मार्केट्स में भी रिकवरी आई है।
वैश्विक संकेतों से बदला बाजार का मूड
निगुद्कर ने कहा कि दुनिया में डील को लेकर बढ़ी उम्मीदें और एनर्जी मार्केट में कीमतों का स्थिर होना निवेशकों के भरोसे को मजबूत कर रहा है। उन्होंने बताया कि अमेरिका जैसे बाजार पहले के स्तर से ऊपर निकल चुके हैं, जबकि भारत में इक्विटी मार्केट अब प्री-वॉर लेवल से सिर्फ 3-4% नीचे है। यह दिखाता है कि वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता कम हुई है और बाजार में रिकवरी का ट्रेंड बन रहा है।
RBI की नीति और आर्थिक संकेत
उन्होंने कहा कि भारतीय रिज़र्व बैंक की पिछली पॉलिसी में जीडीपी ग्रोथ काअनुमान घटाया गया था और महंगाई अनुमान बढ़ाया गया। साथ ही रुपये पर दबाव भी देखा गया था। हालांकि RBI ने FCNR जैसे कदमों से रुपये की गिरावट को रोकने की कोशिश की है और अब स्थित स्थिर नज़र आ रही है।
बाजार अभी भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं
पॉजिटिव संकेतों के बावजूद उन्होंने चेतावनी भी दी कि बाजार अभी पूरी तरह जोखिम से बाहर नहीं है। उनके मुताबिक मौजूदा समय में बाजार में कुछ हद तक जरूरत से ज्यादा भरोसा दिख रहा है। इसलिए अभी थोड़ी सावधानी जरूरी है, क्योंकि स्थिति पूरी तरह स्थिर नहीं कही जा सकती।

