सोलर बिजनेस से चमकी इस स्मॉलकैप कंपनी की किस्मत! Q4 में 91% उछाल प्रॉफिट - शेयर में हलचल
आज सुबह 11:54 बजे तक कंपनी का शेयर बीएसई पर 0.26% या 0.21 रुपये चढ़कर 80.30 रुपये पर ट्रेड कर रहा था। फिलहाल इस कंपनी का मार्केट कैप 482.93 करोड़ रुपये है।

राजकोट की सोलर और माइक्रो-इरिगेशन कंपनी कॅप्टन पॉलीप्लास्ट लिमिटेड (CPL) ने बीते शनिवार को अपने लेटेस्ट एक्सचेंज फाइलिंग में मजबूत तिमाही नतीजों की जानकारी दी। आज सुबह 11:54 बजे तक कंपनी का शेयर बीएसई पर 0.26% या 0.21 रुपये चढ़कर 80.30 रुपये पर ट्रेड कर रहा था। फिलहाल इस कंपनी का मार्केट कैप 482.93 करोड़ रुपये है।
Q4FY26 Results
एक्सचेंज फाइलिंग में कंपनी ने बताया कि Q4 FY26 में कुल आय 80 फीसदी बढ़कर 142.22 करोड़ रुपये हो गई, जबकि नेट प्रॉफिट में 91 फीसदी का जबरदस्त उछाल आया और यह 9.76 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।
वहीं कुल सालाना इनकम 45 फीसदी बढ़कर 419.75 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है। कंपनी का सालभर का EBITDA 46.32 करोड़ रुपये और नेट प्रॉफिट 27.78 करोड़ रुपये रहा।
कैसे आई ग्रोथ?
कंपनी ने बताया कि इस ग्रोथ के पीछे 'सोलर ईपीसी' बिजनेस का बड़ा हाथ है। PM-KUSUM योजना के तहत कंपनी को कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स मिले हैं। हाल ही में कंपनी ने महाराष्ट्र सरकार की 'मागेल त्याला सौर कृषी पंप' योजना के तहत 8.17 करोड़ रुपये का ऑर्डर हासिल किया है, जिसमें 300 ऑफ-ग्रिड सोलर वॉटर पंप की सप्लाई और इंस्टॉलेशन शामिल है। कंपनी का मानना है कि आने वाले समय में यही सोलर बिजनेस उनकी कमाई का मुख्य जरिया बनेगा।
वहीं कंपनी ने यह भी बताया की माइक्रो-इरिगेशन का पारंपरिक कारोबार भी मजबूती से खड़ा है। ड्रिप और स्प्रिंकलर सिस्टम के उत्पादों पर जीएसटी दर को 12 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी किए जाने से कंपनी को उत्पादों की मांग में और तेजी आने की उम्मीद है। उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए कंपनी ने अहमदाबाद में 70 हजार वर्गफुट का नया प्लांट शुरू किया है। इस प्लांट से कंपनी को लागत कम करने और मुनाफा बढ़ाने में मदद मिलेगी।
प्रेस रिलीज में कंपनी ने यह भी बताया कि अब वह केवल सरकारी सब्सिडी पर निर्भर नहीं रहना चाहती। मैनेजमेंट अब नॉन-सब्सिडी वाले उत्पादों और पीवीसी पाइप्स के साथ ही अपने एक्सपोर्ट बिजनेस पर भी जोर दे रहा है। वर्तमान में कॅप्टन पॉलीप्लास्ट अफ्रीका, लैटिन अमेरिका और मिडिल ईस्ट जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी पहुंच बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है।

