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Your Money: सीधे शेयर खरीदें या म्यूचुअल फंड खरीदें? क्या है इस पहेली का हल

आमतौर पर जब बाजार तेजी में होता है तो लोग सीधे स्टॉक्स खरीदते हैं और खुद को समझदार समझते हैं। क्योंकि कई बार होता है कि किसी के कहे सुने के आधार पर स्टॉक्स का चयन कर लिया जाता है। लेकिन सीधे स्टॉक्स में पैसा लगाना जोखिम भरा हो सकता है क्योंकि इसमें मार्केट का उतार-चढ़ाव, कंपनी की परफॉरमेंस और बाजार की समझ काफी अहम रोल निभाती हैं।

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सीधे शेयर खरीदें या म्यूचुअल फंड खरीदें? क्या है इस पहेली का हल
सीधे शेयर खरीदें या म्यूचुअल फंड खरीदें? क्या है इस पहेली का हल

आमतौर पर जब बाजार तेजी में होता है तो लोग सीधे स्टॉक्स खरीदते हैं और खुद को समझदार समझते हैं। क्योंकि कई बार होता है कि किसी के कहे सुने के आधार पर स्टॉक्स का चयन कर लिया जाता है। लेकिन सीधे स्टॉक्स में पैसा लगाना जोखिम भरा हो सकता है क्योंकि इसमें मार्केट का उतार-चढ़ाव, कंपनी की परफॉरमेंस और बाजार की समझ काफी अहम रोल निभाती हैं। अगर आप रिस्क लेने के लिए तैयार हैं और मार्केट को समझती हैं, तो स्टॉक्स एक अच्छा विकल्प हो सकता है। लेकिन, यह समय और जानकारी की मांग करता है। कई बार लोग बिना जानकारी या बुल मार्केट में लोगों की सुनी सुनाई बातों में आकर स्टॉक्स को खरीद लेते हैं लेकिन बाद में पछताते हैं।

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अब बात करते हैं कि म्यूचुअल फंड इनसे कैसे अलग है

म्युचुअल फंड में निवेश का मतलब है कि आपका पैसा एक फंड मैनेजर द्वारा कई कंपनियों में विभाजित किया जाता है। यह आपके निवेश को डायवर्सिफाई करता है, जिससे जोखिम कम होता है। यह उन लोगों के लिए बेहतर हो सकता है जो कम रिस्क लेना चाहती हैं और जिनके पास बाजार का गहन ज्ञान नहीं है।

अब इस बात का फैसला कैसे करें कि क्या सही है?

 यदि आप रिस्क लेने को तैयार हैं और स्टॉक्स को समझती हैं, तो सीधे स्टॉक्स में निवेश करें। अन्यथा, म्यूचुअल फंड में निवेश करें, जो अपेक्षाकृत सुरक्षित है। स्टॉक्स में निवेश करने के लिए आपको बाजार की रोज़ाना गतिविधियों पर नजर रखनी होगी, जबकि म्यूचुअल फंड में लंबी अवधि के लिए निवेश करना और फंड मैनेजर के काम पर भरोसा करना ही पर्याप्त है। अगर आप म्यूचुअल फंड का चुनाव करते हैं तो आप इक्विटी, डेट या हाइब्रिड फंड में से चुन सकते हैं। इक्विटी फंड्स ज्यादा रिटर्न दे सकते हैं, लेकिन रिस्क भी ज्यादा होता है। डेट फंड्स सुरक्षित हैं, लेकिन रिटर्न कम होता है। लेकिन अगर नजरिया लंबी अवधि का हो तो म्युचुअल फंड्स ज्यादा सुरक्षित और रात को चैन की नींद देते हैं।