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Special FD में मिल रहा ज्यादा ब्याज, लेकिन भूलकर भी न करें ये गलती; जेब पर पड़ेगा भारी

Special FD में रेगुलर FD के मुकाबले ज्यादा ब्याज मिल सकता है, लेकिन यह अंतर कई बार बेहद कम होता है। Value Research के एनालिसिस के मुताबिक ₹5 लाख के निवेश पर अतिरिक्त ब्याज सिर्फ ₹1,293 हो सकता है। टैक्स और समय से पहले FD तोड़ने पर यह फायदा और कम हो सकता है।

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In Short

  • SBI की 444 दिन की Special FD पर 6.45%, जबकि रेगुलर FD पर 6.25% ब्याज।
  • ₹5 लाख पर अतिरिक्त ब्याज करीब ₹1,293, 30% टैक्स के बाद फायदा करीब ₹905।
  • समय से पहले Special FD तोड़ने पर निवेशक उदाहरण में करीब ₹2,614 पीछे रह सकता है।

स्पेशल टेन्योर वाली FD इन दिनों निवेशकों का ध्यान खींच रही हैं। बैंक 444 दिन और 555 दिन जैसे खास टेन्योर पर रेगुलर FD के मुकाबले थोड़ा ज्यादा ब्याज दे रहे हैं। पहली नजर में ये स्कीम ज्यादा फायदेमंद लग सकती हैं, लेकिन Value Research के एनालिसिस के मुताबिक असली फायदा समझने के लिए टैक्स और समय से पहले FD तोड़ने के नियमों को भी देखना जरूरी है।

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स्पेशल FD में कितना ज्यादा ब्याज?

State Bank of India यानी SBI की 444 दिन वाली Amrit Vrishti FD पर 6.45% ब्याज मिल रहा था। वहीं, बैंक की रेगुलर एक से दो साल वाली FD पर ब्याज दर 6.25% थी। यानी दोनों के बीच सिर्फ 20 बेसिस पॉइंट का अंतर था।

अगर कोई निवेशक ₹5 लाख की FD 444 दिनों के लिए करता है, तो स्पेशल FD से करीब ₹40,472 का ब्याज मिलेगा। वहीं, 6.25% वाली रेगुलर FD से इसी अवधि में करीब ₹39,179 का ब्याज बनेगा। यानी स्पेशल FD से केवल ₹1,293 का अतिरिक्त ब्याज मिलेगा।

टैक्स के बाद सिर्फ ₹905 का फायदा

अगर निवेशक 30% टैक्स स्लैब में आता है, तो यह अतिरिक्त कमाई और कम हो जाती है। Value Research के मुताबिक टैक्स के बाद ₹1,293 का अतिरिक्त फायदा घटकर करीब ₹905 रह जाता है। यानी ज्यादा ब्याज दर दिखने के बावजूद वास्तविक अतिरिक्त कमाई बहुत बड़ी नहीं है।

प्रतीकात्मक तस्वीर

समय से पहले FD तोड़ी तो बदल जाएगा गणित

स्पेशल FD में सबसे अहम बात उसका तय टेन्योर है। अगर निवेशक को मैच्योरिटी से पहले पैसों की जरूरत पड़ जाए, तो ज्यादा ब्याज का फायदा खत्म हो सकता है।

SBI के उदाहरण में अगर ₹5 लाख की स्पेशल FD को एक साल बाद तोड़ा जाता है, तो कम अवधि के लिए लागू ब्याज दर के साथ प्रीमैच्योर विदड्रॉल पेनल्टी भी लग सकती है। 0.5 प्रतिशत पॉइंट की पेनल्टी के बाद प्रभावी ब्याज दर 5.75% रह जाती है।

इस स्थिति में ब्याज करीब ₹29,376 बनता है। इसके मुकाबले 6.25% वाली रेगुलर एक साल की FD से करीब ₹31,990 का ब्याज मिल सकता है। यानी स्पेशल FD चुनकर उसे एक साल बाद तोड़ने पर निवेशक करीब ₹2,614 पीछे रह सकता है।

‘स्पेशल’ FD हमेशा सबसे ज्यादा ब्याज वाली नहीं

सितंबर 2026 में IDBI Bank और Indian Bank की 444 दिन वाली FD पर 6.60% ब्याज दर लिस्टेड थी, जबकि SBI की 444 दिन वाली Amrit Vrishti पर 6.45% ब्याज था। SBI की इसी स्कीम में सीनियर सिटीजन्स के लिए दर 6.95% थी।

इसलिए निवेश से पहले सिर्फ ‘स्पेशल FD’ नाम देखकर फैसला करने के बजाय अलग-अलग बैंकों की ब्याज दरों की तुलना करना जरूरी है।

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निवेश से पहले इन बातों पर रखें नजर

स्पेशल FD चुनने से पहले प्रीमैच्योर विदड्रॉल के नियम, मैच्योरिटी की सही तारीख और टैक्स के बाद मिलने वाले रिटर्न को देखना जरूरी है। स्पेशल और रेगुलर दोनों तरह की बैंक FD पर DICGC के तहत प्रति डिपॉजिटर प्रति बैंक ब्याज सहित ₹5 लाख तक का डिपॉजिट इंश्योरेंस कवर मिलता है।

स्पेशल FD उन पैसों के लिए उपयोगी हो सकती है, जिन्हें मैच्योरिटी तक निकालने की जरूरत न पड़े। लेकिन अगर पैसे पहले चाहिए हो सकते हैं, तो रेगुलर FD की ज्यादा फ्लेक्सिबिलिटी के मुकाबले स्पेशल FD का छोटा ब्याज प्रीमियम कम पड़ सकता है।

Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। BT Bazaar अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।