Multi-Cap या Flexi-Cap Fund? निवेश से पहले समझें दोनों का फर्क, किसमें क्या फायदा?
म्यूचुअल फंड में निवेश के लिए मल्टी कैप और फ्लेक्सी कैप दो अलग विकल्प हैं। दोनों में निवेश के नियम और फंड मैनेजर को मिलने वाली आजादी अलग होती है। बिजनेस टुडे के शो में Invest At Ease के फाउंडर शरद टंडन ने सीनियर एंकर साक्षी बत्रा से बातचीत में दोनों फंड के बीच अंतर और निवेशकों के लिए जरूरी बातें समझाईं।

In Short
- मल्टी कैप फंड में तीनों कैटेगरी में कम से कम 25% निवेश जरूरी है।
- फ्लेक्सी कैप फंड में कम से कम 65% इक्विटी निवेश जरूरी है।
- शरद टंडन ने जोखिम उठाने की क्षमता के आधार पर फंड चुनने की बात कही।
म्यूचुअल फंड में निवेश करते समय अक्सर निवेशकों के सामने यह सवाल आता है कि मल्टी कैप और फ्लेक्सी कैप फंड में से किसे चुनना चाहिए। दोनों ही फंड लार्ज कैप, मिड कैप और स्मॉल कैप शेयरों में निवेश करते हैं, लेकिन इनके निवेश के नियम अलग-अलग हैं। ऐसे में निवेशकों के लिए दोनों के बीच अंतर समझना जरूरी है।
बिजनेस टुडे के एक शो में सीनियर एंकर साक्षी बत्रा के सवालों का जवाब देते हुए Invest At Ease के फाउंडर शरद टंडन ने कहा कि मल्टी कैप और फ्लेक्सी कैप फंड के बीच मुख्य रूप से दो अंतर हैं। दोनों में निवेश का तरीका अलग है और निवेशकों को अपनी जोखिम उठाने की क्षमता के हिसाब से फैसला लेना चाहिए।
मल्टी कैप फंड में निवेश के क्या नियम हैं?
शरद टंडन ने बताया कि SEBI और AMFI के नियमों के मुताबिक, मल्टी कैप फंड में फंड मैनेजर को कम से कम 25-25 प्रतिशत रकम लार्ज कैप, मिड कैप और स्मॉल कैप शेयरों में लगानी होती है।
इसका मतलब है कि फंड की कम से कम 75 प्रतिशत रकम इन तीन कैटेगरी में निवेश करना जरूरी है। बाकी 25 प्रतिशत रकम को फंड मैनेजर अपनी रणनीति के हिसाब से किसी भी कैटेगरी में लगा सकता है।
फ्लेक्सी कैप फंड में कितनी आजादी?
टंडन के मुताबिक, फ्लेक्सी कैप फंड में फंड मैनेजर को निवेश के मामले में ज्यादा आजादी मिलती है। वह बाजार की स्थिति को देखते हुए लार्ज कैप, मिड कैप और स्मॉल कैप में निवेश का अनुपात बदल सकता है।
फ्लेक्सी कैप फंड में कम से कम 65 प्रतिशत रकम इक्विटी में निवेश करना जरूरी है। हालांकि, किसी एक मार्केट कैप कैटेगरी में न्यूनतम निवेश की शर्त नहीं होती।
निवेशकों को क्या ध्यान रखना चाहिए?
शरद टंडन ने कहा कि निवेशकों को दोनों फंड में से किसी एक को चुनने से पहले अपनी जोखिम उठाने की क्षमता पर ध्यान देना चाहिए।
उनके मुताबिक, 25 से 35 साल की उम्र में निवेश शुरू करने वाले लोग ज्यादा जोखिम लेने की स्थिति में हो सकते हैं। ऐसे निवेशक मिड कैप और स्मॉल कैप की अधिक हिस्सेदारी वाले पोर्टफोलियो पर विचार कर सकते हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि पिछले 24 महीनों में फ्लेक्सी कैप फंडों ने आम तौर पर अपने पोर्टफोलियो का करीब 60 से 70 प्रतिशत हिस्सा लार्ज कैप शेयरों में रखा है।
ऐसे में मल्टी कैप और फ्लेक्सी कैप के बीच चुनाव करते समय निवेशकों को अपनी जोखिम लेने की क्षमता और फंड के पोर्टफोलियो को समझना जरूरी है।

