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Silver Price: चांदी ₹2.26 लाख पर, गिरावट के बाद फिर संभली; आगे क्या करें निवेशक?

चांदी की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव जारी है। इस महीने ऊंचे स्तर पर पहुंचने के बाद कीमत में बड़ी गिरावट आई और अब हल्की रिकवरी दिख रही है। डॉलर, अमेरिकी यील्ड और ग्लोबल संकेत आगे की चाल तय कर सकते हैं। ऐसे में निवेशकों को क्या करना चाहिए? जानिए एक्सपर्ट की राय।

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In Short

  • MCX पर चांदी करीब ₹2.26 लाख प्रति किलो के आसपास, तेज गिरावट के बाद दिखी हल्की रिकवरी।
  • मजबूत अमेरिकी डॉलर और बढ़ती US Treasury yields से सोने-चांदी की कीमतों पर बना हुआ है दबाव।
  • लॉन्ग टर्म निवेशकों को मार्केट बॉटम पकड़ने के बजाय किस्तों में खरीदारी पर विचार करने की सलाह।

चांदी की कीमतों में बुधवार, 30 सितंबर को उतार-चढ़ाव देखने को मिला। पिछले कुछ सेशन में तेज गिरावट के बाद चांदी ने हल्की रिकवरी की है। MCX पर सिल्वर फ्यूचर्स करीब ₹2.26 लाख प्रति किलो के आसपास कारोबार कर रहा था। वहीं Bullions.co.in के मुताबिक, सुबह 10:10 बजे 999 शुद्धता वाली चांदी का भाव ₹2,26,750 प्रति किलो था।

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तेज गिरावट के बाद संभली चांदी

चांदी में हाल के दिनों में बड़ी बिकवाली देखने को मिली है। मंगलवार को MCX का दिसंबर सिल्वर कॉन्ट्रैक्ट ₹2.25 लाख प्रति किलो पर कारोबार कर रहा था। इसमें 0.93% यानी करीब ₹2,064 प्रति किलो की गिरावट आई थी। इससे पहले इसका भाव ₹2.27 लाख प्रति किलो था।

इंटरनेशनल मार्केट में भी चांदी दबाव में रही। सोमवार को इंटरनेशनल सिल्वर 4.6% गिरकर 61.34 डॉलर प्रति औंस पर आ गया था। मजबूत अमेरिकी डॉलर और बढ़ती US Treasury yields ने सोने-चांदी पर दबाव बढ़ाया।

चांदी पर क्यों बना हुआ है दबाव?

Enrich Money के फाउंडर और CEO पोनमुडी आर के मुताबिक, जियोपॉलिटिकल तनाव के बावजूद बाजार का फोकस फिलहाल यील्ड, डॉलर और ब्याज दरों से जुड़ी उम्मीदों पर ज्यादा है।

उनके मुताबिक, ज्यादा यील्ड से सोने और चांदी जैसी बिना ब्याज वाली एसेट को रखने की लागत बढ़ जाती है। वहीं मजबूत अमेरिकी डॉलर दूसरे देशों के खरीदारों के लिए कीमती धातुओं को महंगा बनाता है।

चांदी पर एक अतिरिक्त दबाव इसके इंडस्ट्रियल इस्तेमाल के कारण भी है। चांदी का इस्तेमाल सोलर, इलेक्ट्रॉनिक्स और मैन्युफैक्चरिंग जैसे सेक्टर्स में होता है। ऐसे में ग्लोबल ग्रोथ, मैन्युफैक्चरिंग और चीन की डिमांड को लेकर चिंता इसके भाव पर असर डाल सकती है।

प्रतीकात्मक तस्वीर

सोना भी रहा मजबूत

30 सितंबर को सोने की कीमतों में तेजी रही। 24 कैरेट सोने का भाव ₹15,025 प्रति ग्राम यानी ₹1,50,250 प्रति 10 ग्राम था। इसमें ₹1,390 यानी 0.93% की तेजी थी। MCX पर सोना 0.64% बढ़कर ₹1,49,810 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। ये भाव संकेतात्मक हैं और GST, डीलर प्रीमियम और मेकिंग चार्ज के बाद रिटेल कीमत अलग हो सकती है।

निवेशकों को अब क्या करना चाहिए?

Giottus.com के CEO विक्रम सुब्बुराज के मुताबिक, इस महीने चांदी ₹2.40 लाख प्रति किलो के ऊपर पहुंच चुकी थी, इसलिए हाल की गिरावट काफी अहम है। निवेशकों को आगे US महंगाई और रोजगार के आंकड़ों के साथ Treasury yields, डॉलर और कच्चे तेल की कीमतों पर नजर रखनी चाहिए।

लंबी अवधि के निवेशकों के लिए उन्होंने बाजार का निचला स्तर पकड़ने की कोशिश करने के बजाय किस्तों में खरीदारी पर विचार करने की बात कही है। वहीं लेवरेज्ड ट्रेडर्स को एक्सपोजर घटाने और सख्त स्टॉप-लॉस इस्तेमाल करने की सलाह दी है।

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Kotak Mutual Fund के फंड मैनेजर-ETF सतीश डोंडापति के मुताबिक, सोने और चांदी में शॉर्ट टर्म में उतार-चढ़ाव रह सकता है, हालांकि मीडियम से लॉन्ग टर्म आउटलुक को लेकर उनका नजरिया पॉजिटिव है। भारतीय निवेशकों के लिए रुपये की चाल भी अहम है, क्योंकि कमजोर रुपया इंटरनेशनल मार्केट में चांदी की गिरावट के कुछ असर को कम कर सकता है।

Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। BT Bazaar अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।