
अक्टूबर से बढ़ सकता है आपके लोन का बोझ! जानिए क्यों महंगी हो सकती है उधारी
होम लोन या दूसरे कर्ज की EMI भर रहे हैं तो अक्टूबर में आपकी जेब पर बोझ बढ़ सकता है। महंगे कच्चे तेल, कमजोर मानसून और बढ़ती महंगाई के बीच एक्सपर्ट्स RBI से Repo Rate बढ़ाने की उम्मीद कर रहे हैं। जानिए ब्याज दरों को लेकर क्या अनुमान सामने आए हैं।

In Short
- अक्टूबर से महंगा हो सकता है लोन, RBI के Repo Rate बढ़ाने की उम्मीद।
- अक्टूबर और दिसंबर में Repo Rate में 25-25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी का अनुमान।
- कच्चे तेल की ऊंची कीमत और कमजोर मानसून से महंगाई बढ़ने का खतरा।
होम लोन समेत दूसरे लोन लेने वाले लोगों की जेब पर अक्टूबर से बोझ बढ़ सकता है। महंगा कच्चा तेल, कमजोर मानसून और खाने-पीने की चीजों की बढ़ती कीमतों से महंगाई पर दबाव बढ़ने की आशंका है। इसी बीच कुछ अर्थशास्त्रियों का मानना है कि भारतीय रिजर्व बैंक यानी RBI अक्टूबर की बैठक में Repo Rate में 25 बेसिस पॉइंट यानी 0.25% की बढ़ोतरी कर सकता है।
Crisil के चीफ इकोनॉमिस्ट डीके जोशी का मानना है कि अक्टूबर के बाद दिसंबर में भी Repo Rate में 25 बेसिस पॉइंट की एक और बढ़ोतरी हो सकती है।
महंगाई बढ़ने का खतरा
देश में महंगाई पहले से बढ़ रही है। उपलब्ध ताजा आंकड़ों के मुताबिक, CPI Inflation जुलाई के 4.45% से बढ़कर अगस्त में 4.82% हो गई। इसी दौरान Food Inflation 5.52% से बढ़कर 5.95% पर पहुंच गई।
हाल के हफ्तों में कच्चे तेल की कीमतें भी बढ़ी हैं। इसके अलावा कमजोर बारिश से आने वाले महीनों में कृषि उत्पादों की कीमतों पर असर पड़ने की आशंका है।
IMD के मुताबिक, 28 सितंबर तक देश में बारिश की कमी 12% रही। इसके अलावा जलाशयों का स्तर भी पिछले 10 साल के औसत से नीचे चला गया है, जिसका असर सर्दियों की फसल पर पड़ सकता है।
अक्टूबर और दिसंबर में बढ़ सकता है Repo Rate
डीके जोशी के मुताबिक, मॉनेटरी पॉलिसी में बदलाव का समय करीब आ रहा है। उनका अनुमान है कि अक्टूबर में एक Rate Hike और दिसंबर में दूसरी बढ़ोतरी हो सकती है।
Nomura के इकोनॉमिस्ट ऑरोदीप नंदी भी 7 अक्टूबर को Repo Rate में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी की उम्मीद कर रहे हैं। उनके मुताबिक, दिसंबर में भी 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी हो सकती है।

हालांकि, नंदी का मानना है कि यह Rate Hike Cycle ज्यादा लंबा नहीं होगा। अगर दिसंबर के बाद महंगाई कम होने लगती है और दबाव नियंत्रण में रहता है तो RBI ब्याज दरों को स्थिर रख सकता है।
HSBC को भी दो बार बढ़ोतरी की उम्मीद
HSBC की चीफ इंडिया इकोनॉमिस्ट प्रांजल भंडारी भी अक्टूबर और दिसंबर में 25-25 बेसिस पॉइंट की दो बढ़ोतरी की उम्मीद कर रही हैं। उनका मानना है कि महंगाई का दबाव लंबे समय तक बना रह सकता है और Retail Inflation तीन तिमाहियों तक 5.5% से ऊपर रह सकती है।
GDP Growth पर क्या अनुमान?
महंगाई, कमजोर मानसून और जियोपॉलिटिकल अनिश्चितताओं के बावजूद Crisil को चालू वित्त वर्ष में भारत की GDP Growth 7% रहने की उम्मीद है। यह FY26 में दर्ज 7.7% की ग्रोथ से कम होगी।
पहली तिमाही में GDP Growth 7.8% रही थी। डीके जोशी के मुताबिक, दूसरी तिमाही की ग्रोथ भी मजबूत रहने के संकेत हैं, लेकिन वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में ग्रोथ धीमी हो सकती है।

