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PM Surya Sarovar Yojana को कैबिनेट की मिली मंजूरी! पानी से बनेगी सस्ती बिजली, जानिए किसे और कैसे मिलेगा फायदा

केंद्र सरकार ने सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना को मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत पानी की सतह पर 5,000 मेगावाट क्षमता के सोलर प्रोजेक्ट लगाए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य बिजली उत्पादन बढ़ाने के साथ रोजगार और घरेलू निर्माण को भी बढ़ावा देना है।

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In Short

  • प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना के लिए केंद्र सरकार ने ₹5,070 करोड़ का बजट मंजूर किया है।
  • योजना के तहत जलाशयों पर 5,000 मेगावाट क्षमता के सोलर प्रोजेक्ट और बिजली स्टोर करने की सुविधा विकसित की जाएगी।
  • इस योजना से हर साल करीब 1 करोड़ टन कार्बन उत्सर्जन कम करने और 16,000 से 17,000 रोजगार अवसर बनने की संभावना है।

Pradhan Mantri Surya Sarovar Yojana: केंद्र सरकार ने देश में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना (पीएम-एसएसवाई) को मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत जलाशयों और पानी की सतह पर सोलर पैनल लगाने वाले प्रोजेक्ट शुरू किए जाएंगे। साथ ही बिजली को स्टोर करने की व्यवस्था भी विकसित की जाएगी। इस योजना के लिए सरकार ने कुल ₹5,070 करोड़ का बजट तय किया है।

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5,000 मेगावाट क्षमता के सोलर प्रोजेक्ट लगाए जाएंगे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट बैठक में इस योजना को मंजूरी दी गई। इसके तहत देश में 5,000 मेगावाट क्षमता वाले फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट लगाए जाएंगे।

इन प्रोजेक्ट के साथ बिजली को स्टोर करने की सुविधा भी होगी। इसमें कम से कम दो घंटे तक बिजली जमा रखने की क्षमता यानी 10,000 मेगावाट घंटे की व्यवस्था शामिल होगी।

योजना के तहत इन प्रोजेक्ट को वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 के बीच मंजूरी दी जाएगी। वहीं सरकार की ओर से दी जाने वाली आर्थिक सहायता 2032-33 तक जारी रहेगी।

देश में पानी पर सोलर ऊर्जा की बड़ी संभावना

इस योजना को नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सोलर एनर्जी (एनआईएसई) के आकलन के बाद मंजूरी दी गई है। आकलन के अनुसार, देश में जलाशयों और अन्य उपयुक्त जल क्षेत्रों पर करीब 102.18 गीगावाट क्षमता के सोलर प्रोजेक्ट लगाए जा सकते हैं।

सरकार का कहना है कि इस योजना से पानी की सतह का बेहतर इस्तेमाल होगा और सोलर प्रोजेक्ट लगाने के लिए जमीन की जरूरत कम होगी।

प्रोजेक्ट पूरा होने पर मिलेगी आर्थिक सहायता

योजना के तहत योग्य सोलर प्रोजेक्ट को पूरा करने के बाद केंद्र सरकार की ओर से प्रति मेगावाट ₹1 करोड़ की आर्थिक सहायता दी जाएगी।

इसके अलावा प्रोजेक्ट शुरू करने से पहले जरूरी जांच और तैयारी के लिए भी मदद दी जाएगी। इसमें पानी की गहराई और स्थिति की जांच, पर्यावरण से जुड़े अध्ययन और अन्य जरूरी काम शामिल होंगे। इसके लिए प्रति प्रोजेक्ट ₹50 लाख तक की सहायता उपलब्ध कराई जा सकती है।

रोजगार बढ़ाने और प्रदूषण कम करने में मदद

सरकार के अनुसार, इस योजना से देश में पानी पर लगाए जाने वाले सोलर प्रोजेक्ट की क्षमता बढ़कर 5,000 मेगावाट तक पहुंच सकती है। अभी देश में ऐसी क्षमता करीब 700 मेगावाट है।

इस योजना से हर साल करीब 1 करोड़ टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन कम करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा सोलर प्रोजेक्ट से जुड़े अलग-अलग क्षेत्रों में करीब 16,000 से 17,000 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।

देश में सोलर उपकरणों के निर्माण को मिलेगा बढ़ावा

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प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना के जरिए फ्लोटिंग सिस्टम, सोलर सेल, मॉड्यूल और बिजली स्टोर करने वाले सिस्टम के घरेलू निर्माण को बढ़ावा मिलेगा।

सरकार के मुताबिक, यह योजना देश में नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता बढ़ाने, जल संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में मदद करेगी।
 

Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। BT Bazaar अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।