ITR Filing में रिकॉर्ड तेजी... एक ही दिन में 42 लाख लोगों ने भरा रिटर्न, आज खत्म होगी डेडलाइन
ITR Filing की आखिरी तारीख नजदीक आते ही टैक्सपेयर्स में हलचल बढ़ गई है। सिर्फ एक दिन में 42 लाख से ज्यादा लोगों ने अपना रिटर्न दाखिल किया। आखिरी समय में बढ़े ट्रैफिक के बीच अगर आपने अभी तक ITR नहीं भरा है, तो जानिए देरी होने पर क्या नुकसान हो सकता है।

In Short
- 30 जुलाई को एक ही दिन में 42 लाख से ज्यादा लोगों ने ITR दाखिल किया।
- 5.5 करोड़ से ज्यादा टैक्सपेयर्स ने AY 2026-27 के लिए रिटर्न जमा कर दिया है।
- समय पर ITR नहीं भरने पर 5,000 रुपये तक की पेनल्टी और ब्याज देना पड़ सकता है।
ITR Last Date 2026: इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने की आखिरी तारीख नजदीक आते ही टैक्सपेयर्स की संख्या तेजी से बढ़ गई है। 30 जुलाई को ही 42 लाख से ज्यादा लोगों ने अपना ITR फाइल किया। इससे साफ है कि बड़ी संख्या में लोग आखिरी समय तक इंतजार करते हैं और फिर अंतिम दिनों में इनकम टैक्स पोर्टल पर अचानक ट्रैफिक बढ़ जाता है। अगर आपने अभी तक अपना रिटर्न दाखिल नहीं किया है, तो आपके पास इसे पूरा करने के लिए अब बहुत कम समय बचा है।
5.5 करोड़ से ज्यादा लोगों ने जमा किया ITR
आयकर विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, आकलन वर्ष 2026-27 के लिए 30 जुलाई तक 5.5 करोड़ से ज्यादा ITR दाखिल किए जा चुके हैं। सिर्फ एक दिन में 42 लाख से अधिक लोगों ने फाइलिंग प्रक्रिया पूरी की।
हर साल जुलाई के आखिरी दिनों में इसी तरह की स्थिति देखने को मिलती है। टैक्सपेयर्स की संख्या बढ़ने से सीए (CA) के दफ्तरों में भी भीड़ बढ़ जाती है और इनकम टैक्स वेबसाइट पर भी ज्यादा लोड आ जाता है। कई बार लोगों को लॉगिन, OTP और फाइलिंग के दौरान तकनीकी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
ITR फाइल करना क्यों जरूरी है?
कई लोगों को लगता है कि अगर उन पर टैक्स नहीं बनता या उन्होंने न्यू टैक्स रिजीम चुनी है, तो ITR भरने की जरूरत नहीं है। लेकिन ऐसा नहीं है। नौकरीपेशा लोगों के लिए भी ITR फाइल करना कई मामलों में जरूरी हो सकता है।
ITR सिर्फ टैक्स जमा करने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह आपकी इनकम का आधिकारिक रिकॉर्ड भी होता है। रिटर्न फाइल नहीं करने पर भविष्य में लोन लेने या कुछ सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी आ सकती है।
फाइलिंग से पहले रखें ये दस्तावेज तैयार
इनकम टैक्स विभाग ने टैक्सपेयर्स को सलाह दी है कि रिटर्न भरने से पहले जरूरी दस्तावेज अपने पास रखें। इसमें फॉर्म-16, AIS/TIS (वार्षिक वित्तीय विवरण) और बैंक स्टेटमेंट जैसे दस्तावेज शामिल हैं।
दस्तावेज पहले से तैयार रखने से फाइलिंग के दौरान गलतियों की संभावना कम होती है। विभाग का कहना है कि वेबसाइट पर किसी बड़ी समस्या की जानकारी नहीं है, लेकिन ज्यादा संख्या में लोग लॉगिन करने पर कुछ समय के लिए स्पीड कम हो सकती है।
आखिरी तारीख के बाद भरने पर लग सकता है जुर्माना
अगर कोई टैक्सपेयर तय समय सीमा तक ITR दाखिल नहीं कर पाता है, तो बाद में रिटर्न भरने पर जुर्माना देना पड़ सकता है। जिनकी सालाना आय 5 लाख रुपये से ज्यादा है, उन पर 5,000 रुपये तक की पेनल्टी लग सकती है। वहीं 5 लाख रुपये तक की आय वालों के लिए यह जुर्माना 1,000 रुपये तक हो सकता है।
अगर किसी व्यक्ति पर टैक्स बकाया है, तो देरी होने पर उस रकम पर हर महीने 1% की दर से ब्याज भी जुड़ सकता है।
ITR भरने के बाद ई-वेरिफिकेशन जरूरी
ITR जमा करने के बाद ई-वेरिफिकेशन करना भी जरूरी है। आधार OTP या नेट बैंकिंग के जरिए रिटर्न को वेरिफाई किया जा सकता है। ई-वेरिफिकेशन के बिना दाखिल किया गया ITR पूरा नहीं माना जाएगा।
इसलिए जिन लोगों ने अभी तक रिटर्न दाखिल नहीं किया है, उन्हें आखिरी समय की भीड़ और तकनीकी दिक्कतों से बचने के लिए जल्द से जल्द प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी जा रही है।

