
NPS निवेशकों के लिए बदले नियम! 5 कैटेगरी में दिखेंगी स्कीमें, 1 अक्टूबर से लगेगा नया चार्ज
NPS निवेशकों के लिए नियमों में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। PFRDA ने स्कीमों को समझने और उनकी तुलना आसान बनाने के लिए नया फ्रेमवर्क पेश किया है। इसमें इक्विटी निवेश के आधार पर नई कैटेगरी बनाई गई हैं। साथ ही अक्टूबर से एक नया चार्ज भी लागू होगा। आखिर क्या बदलेगा, जानिए।

In Short
- PFRDA ने NPS स्कीमों के लिए नया स्टैंडर्ड फ्रेमवर्क पेश किया
- इक्विटी हिस्सेदारी के आधार पर स्कीमें अब 5 अलग-अलग कैटेगरी में बांटी जाएंगी
- 1 अक्टूबर 2026 से PoP के जरिए NPS रजिस्ट्रेशन पर 200 रुपये का ऑनबोर्डिंग चार्ज लगेगा
नेशनल पेंशन सिस्टम यानी NPS में निवेश करने वालों के लिए स्कीम चुनना अब पहले के मुकाबले आसान हो सकता है। पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी यानी PFRDA ने NPS स्कीमों की कैटेगरी और उन्हें निवेशकों के सामने पेश करने के तरीके में बदलाव किया है। इसका मकसद निवेशकों को किसी भी स्कीम में निवेश से पहले उसकी इक्विटी हिस्सेदारी, जोखिम और प्रदर्शन की साफ जानकारी देना है।
PFRDA ने 28 अगस्त 2026 को जारी सर्कुलर में NPS स्कीमों के क्लासिफिकेशन और प्रेजेंटेशन के लिए नया स्टैंडर्ड फ्रेमवर्क पेश किया है। इसके साथ ही सामान्य स्कीमों और Multiple Scheme Framework यानी MSF के तहत आने वाली स्कीमों के बीच पुराना अंतर भी हटा दिया गया है।
इक्विटी निवेश के आधार पर बनेंगी 5 कैटेगरी
नए फ्रेमवर्क के तहत MSF स्कीमों को उनके इक्विटी एलोकेशन के आधार पर पांच कैटेगरी में बांटा जाएगा।
Category A में 80 से 100 फीसदी तक इक्विटी निवेश होगा। इसे Aggressive Growth और Very High Risk कैटेगरी माना जाएगा।
Category B में इक्विटी हिस्सेदारी 60 से 80 फीसदी के बीच होगी और इसे High Growth और High Risk माना जाएगा।
Category C में 35 से 60 फीसदी तक इक्विटी निवेश होगा। इसे Balanced Growth और Medium Risk कैटेगरी में रखा जाएगा।
Category D में इक्विटी एलोकेशन 10 से 35 फीसदी के बीच होगा और इसे Conservative कैटेगरी माना जाएगा।
वहीं Category E में इक्विटी निवेश 0 से 10 फीसदी तक होगा और यह मुख्य रूप से Debt Oriented कैटेगरी होगी।
एक स्कीम का इक्विटी दायरा दो अलग-अलग कैटेगरी में नहीं आ सकेगा। यानी हर स्कीम को किसी एक तय कैटेगरी में ही रखा जाएगा।

1 अक्टूबर से लगेगा 200 रुपये का ऑनबोर्डिंग चार्ज
NPS में Point of Presence यानी PoP के जरिए रजिस्ट्रेशन कराने वाले सब्सक्राइबर्स के लिए नया चार्ज भी लागू होगा। 1 अक्टूबर 2026 से हर Permanent Retirement Account Number यानी PRAN पर एक बार 200 रुपये का ऑनबोर्डिंग चार्ज लिया जाएगा।
यह रकम एक साथ नहीं काटी जाएगी। हर तिमाही 50 रुपये की रकम यूनिट्स कैंसिल करके Central Recordkeeping Agencies यानी CRA के जरिए वसूली जाएगी।
स्कीम चुनने से पहले मिलेगी ज्यादा जानकारी
PFRDA ने NPS प्लेटफॉर्म पर स्कीमों की जानकारी दिखाने का तरीका भी तय किया है। निवेशक किसी स्कीम का नाम, पेंशन फंड, लॉन्च की तारीख, पुराने रिटर्न, बेंचमार्क, बेंचमार्क रिटर्न, चार्ज, Riskometer और Assets Under Management देख सकेंगे।
इससे निवेशक केवल रिटर्न देखकर फैसला लेने के बजाय स्कीम के जोखिम और बेंचमार्क प्रदर्शन की भी तुलना कर सकेंगे।

मौजूदा निवेशकों पर क्या होगा असर?
नए नियम मुख्य रूप से NPS स्कीमों की कैटेगरी, नाम और प्रेजेंटेशन को एक जैसा बनाने के लिए हैं। हालांकि Government Sector से जुड़े खातों पर नए क्लासिफिकेशन नियम लागू नहीं होंगे।
मौजूदा NPS निवेशकों को केवल स्कीम का नाम या कैटेगरी बदलने पर तुरंत नया निवेश फैसला लेने की जरूरत नहीं होगी। लेकिन पेंशन फंड की ओर से बदलाव किए जाने के बाद उन्हें नई कैटेगरी, Riskometer, चार्ज और बेंचमार्क की जानकारी जरूर देखनी चाहिए।

