
Milk Price Hike: आम लोगों को झटका, 1 अक्टूबर से ₹2 महंगा होगा दूध, जानिए नए रेट
इंदौर में 1 अक्टूबर से दूध खरीदना महंगा होने जा रहा है। दूध विक्रेता संघ ने बैठक के बाद कीमतों में बढ़ोतरी का फैसला किया है। पशु आहार की बढ़ती कीमतों के बीच दूध उत्पादक किसानों के लिए भी भाव बढ़ाया गया है। जानिए अब कितने में मिलेगा दूध।

In Short
- इंदौर में 1 अक्टूबर से दूध के दाम में ₹2 प्रति लीटर की बढ़ोतरी
- दूध उत्पादक किसानों के लिए प्रति फैट 33 पैसे बढ़ाने का फैसला
- दूध की गुणवत्ता जांच और फैट प्रणाली को लेकर भी संघ ने उठाए अहम मुद्दे
इंदौर में आम लोगों को अब दूध खरीदने के लिए ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे। इंदौर दूध विक्रेता संघ ने दूध के दाम बढ़ाने का फैसला किया है। नई कीमतें 1 अक्टूबर से लागू होंगी। दूध के दाम में ₹2 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। संघ की बैठक में दूध उत्पादकों और विक्रेताओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के बाद यह फैसला लिया गया।
दूध उत्पादक किसानों को मिलेगा ज्यादा दाम
इंदौर दूध विक्रेता संघ के मुताबिक, पशु आहार की बढ़ती कीमतों के कारण दूध के भाव बढ़ाने की जरूरत पड़ रही है। अभी तक दूध विक्रेता उत्पादकों से ₹8.90 प्रति फैट के हिसाब से दूध खरीद रहे थे। अब दूध उत्पादक किसानों को ₹9.23 प्रति फैट के हिसाब से भुगतान किया जाएगा।
इस तरह दूध उत्पादक किसान के लिए प्रति फैट 33 पैसे की बढ़ोतरी की गई है। संघ के मुताबिक, इसका सीधा असर दूध की कीमतों पर पड़ेगा।
अब कितना महंगा मिलेगा दूध?
1 अक्टूबर से उपभोक्ताओं को दूध के लिए पहले से ज्यादा कीमत चुकानी होगी। अभी बंदी भाव ₹62 और ₹1 घर पहुंच सेवा शुल्क मिलाकर दूध ₹63 प्रति लीटर था। अब यह बढ़कर घर पहुंच सेवा शुल्क सहित ₹65 प्रति लीटर हो जाएगा।
वहीं, दुकानों और डेयरियों पर दूध ₹68 प्रति लीटर मिलेगा। दुकानों और डेयरियों पर आने वाले लेबर और पैकिंग मटेरियल सहित दूसरे खर्चों को ध्यान में रखते हुए यह कीमत तय की गई है। यह भाव 5.5 से 6 फैट प्रति लीटर के हिसाब से तय किया गया है।

घर पहुंच सेवा भी हुई महंगी
दूध की कीमत बढ़ाने के साथ ही घर पहुंच सेवा का शुल्क भी बढ़ाया गया है। उपभोक्ताओं के लिए घर पहुंच सेवा में ₹1 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। यानी दूध उत्पादकों को बढ़े हुए दाम मिलने के साथ उपभोक्ताओं के लिए भी दूध महंगा हो जाएगा।
दूध की गुणवत्ता जांच पर भी जोर
इंदौर दूध विक्रेता संघ ने शहर में आने वाले दूध की गुणवत्ता को लेकर भी फैसला किया है। दिप्या गांव में शहर में आने वाले एंट्री पॉइंट पर दूध और मोबाइल लेबोरेटरी वैन के जरिए दूध की गुणवत्ता की जांच करवाना अनिवार्य करने की बात कही गई है।
संघ ने कहा है कि शासन जब दूध की खरीद-बिक्री और गुणवत्ता की जांच फैट प्रणाली से करता है, तो शहर में भी उपभोक्ताओं को दूध फैट प्रणाली के आधार पर उपलब्ध कराया जाना चाहिए। डेयरी पर उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए दूध में फैट की मात्रा लिखित रूप में दिखाने की बात भी कही गई है।
इसके अलावा दुधारू पशुओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए बीमार पशुओं के बाड़े अलग रखने और ऑक्सीटोसिन के इंजेक्शन पर प्रतिबंध की जरूरत बताई गई है।

