
पेंशनर्स के लिए अलर्ट! 1 अक्टूबर से सभी जमा नहीं कर सकते Life Certificate, जानें पूरा नियम
पेंशनर्स के लिए डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, लेकिन अभी हर पेंशनर इसका फायदा नहीं उठा सकता। सरकार ने उम्र के आधार पर अलग-अलग समय तय किया है। ऐसे में डीएलसी जमा करने से पहले जान लें कि आपके लिए सही समय क्या है और इसे कैसे जमा किया जा सकता है।

In Short
- 80 साल और उससे ज्यादा उम्र के पेंशनर्स के लिए डीएलसीजमा करने की विंडो खुल चुकी है।
- 80 साल से कम उम्र के पेंशनर्स के लिए सामान्य विंडो नवंबर में शुरू होगी।
- फेस ऑथेंटिकेशन, बायोमेट्रिक, डोरस्टेप बैंकिंग और फिजिकल तरीके से लाइफ सर्टिफिकेट जमा किया जा सकता है।
पेंशनर्स के लिए हर साल लाइफ सर्टिफिकेट जमा करना जरूरी प्रक्रिया है। 2026 में भी डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट यानी DLC जमा करने की प्रक्रिया चल रही है। हालांकि अभी यह सुविधा सभी पेंशनर्स के लिए नहीं खुली है। 1 अक्टूबर से केवल एक खास उम्र के पेंशनर्स अपना लाइफ सर्टिफिकेट जमा कर सकते हैं, जबकि बाकी पेंशनर्स को नवंबर तक इंतजार करना होगा।
1 अक्टूबर से किन पेंशनर्स के लिए खुली विंडो?
80 साल या उससे ज्यादा उम्र के पेंशनर्स के लिए डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने की विंडो 1 अक्टूबर 2026 से खुल चुकी है। यानी इस उम्र के पेंशनर्स अब अपना डीएलसी जमा कर सकते हैं। आम तौर पर उनके पास 30 नवंबर तक इसे जमा करने का समय रहता है, जब तक सरकार इसकी आखिरी तारीख आगे नहीं बढ़ाती।
पंजाब नेशनल बैंक यानी PNB ने भी हाल में सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए वरिष्ठ पेंशनर्स को नवंबर की भीड़ से बचने और प्रक्रिया जल्दी पूरी करने की सलाह दी है।
80 साल से कम उम्र वालों को करना होगा इंतजार
अगर किसी पेंशनर की उम्र 80 साल से कम है तो उसके लिए 1 अक्टूबर वाली अर्ली विंडो लागू नहीं होती। ऐसे पेंशनर्स के लिए डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने की सामान्य अवधि नवंबर में शुरू होगी।
इसलिए पेंशनर्स को डीएलसी जमा करने से पहले अपनी उम्र के हिसाब से लागू विंडो का ध्यान रखना जरूरी है।
घर बैठे भी जमा कर सकते हैं लाइफ सर्टिफिकेट
डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने के लिए हर पेंशनर को बैंक ब्रांच जाने की जरूरत नहीं है। इसे चार तरीकों से जमा किया जा सकता है। पेंशनर्स एंड्रॉयड स्मार्टफोन की मदद से फेस ऑथेंटिकेशन कर सकते हैं। इसके अलावा फिंगरप्रिंट या आइरिस आधारित बायोमेट्रिक डिवाइस का इस्तेमाल किया जा सकता है।
जहां यह सुविधा उपलब्ध है, वहां डोरस्टेप बैंकिंग के जरिए घर से प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। इसके अलावा पेंशनर्स बैंक ब्रांच या संबंधित पेंशन देने वाली एजेंसी में जाकर फिजिकल लाइफ सर्टिफिकेट भी जमा कर सकते हैं।

इन जानकारियों को रखें तैयार
जीवन प्रमाण सर्टिफिकेट बनाने के लिए आधार नंबर या वर्चुअल ID यानी VID, पेंशन पेमेंट ऑर्डर यानी PPO नंबर, पेंशन देने वाली एजेंसी की जानकारी और एक्टिव मोबाइल नंबर की जरूरत होगी। ऑथेंटिकेशन के लिए आधार की जानकारी जरूरी तरीके से पेंशन अकाउंट या संबंधित अथॉरिटी से लिंक होनी चाहिए।
फेस ऑथेंटिकेशन के लिए कंपैटिबल एंड्रॉयड स्मार्टफोन में AadhaarFaceRD और Jeevan Pramaan Face App डाउनलोड करना होगा। प्रक्रिया पूरी होने के बाद रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर SMS के जरिए जीवन प्रमाण सर्टिफिकेट एक्सेस करने का लिंक मिलता है।
क्या Digital Life Certificate जमा करना ही जरूरी है?
नहीं। जीवन प्रमाण एक अतिरिक्त सुविधा है। पेंशनर्स चाहें तो पहले से मौजूद फिजिकल तरीके से भी लाइफ सर्टिफिकेट जमा कर सकते हैं। फिलहाल 80 साल और उससे ज्यादा उम्र के पेंशनर्स के लिए 1 अक्टूबर से विंडो खुल चुकी है। वहीं 80 साल से कम उम्र के दूसरे योग्य पेंशनर्स को नवंबर में शुरू होने वाली सामान्य विंडो का इंतजार करना होगा।

