संभलकर खर्च कर रहे भारतीय! क्रेडिट कार्ड ट्रांजैक्शन की रफ्तार हुई धीमी, जानिए क्या कहते हैं आंकड़े
भारत में क्रेडिट कार्ड से खर्च की रफ्तार अचानक क्यों धीमी पड़ गई? जानिए कौन सा बैंक बना सबसे बड़ा विजेता और किस दिग्गज बैंक का प्रदर्शन रहा कमजोर? पढ़िए पूरी रिपोर्ट

Credit Card: भारत में क्रेडिट कार्ड से खर्च करने की रफ्तार अब धीमी पड़ती दिखाई दे रही है। पिछले महीने अप्रैल 2026 में क्रेडिट कार्ड ट्रांजैक्शन की संख्या में भी गिरावट दर्ज की गई। हालांकि इस सुस्ती के बीच SBI Cards ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि ICICI Bank इस मामले में पिछड़ता नजर आया। यह जानकारी ACMIIL की ताजा Credit Card Insights Report में सामने आई है।
अप्रैल में घटा क्रेडिट कार्ड खर्च
रिपोर्ट के मुताबिक अप्रैल 2026 में कुल क्रेडिट कार्ड खर्च ₹1.97 ट्रिलियन रहा। यह मार्च के मुकाबले करीब 10.1% कम है। हालांकि सालाना आधार पर खर्च अभी भी 7.1% बढ़ा हुआ है, लेकिन रिपोर्ट बताती है कि मार्च में ज्यादा खर्च होने के बाद अप्रैल में सामान्य से ज्यादा सुस्ती देखने को मिली।
बड़े बैंकों के खर्च में आई गिरावट
देश के बड़े बैंकों में गिने जाने वाले HDFC Bank, SBI Cards, ICICI Bank और Axis Bank में खर्च के मामले में 11% से 12% तक की मंथली गिरावट दर्ज की गई। इन बड़े बैंकों ने मिलकर मार्केट शेयर में करीब 77 बेसिस पॉइंट्स की कमी देखी।
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SBI Cards ने मारी बाजी
भले ही पूरे सेक्टर में खर्च की रफ्तार धीमी रही हो, लेकिन SBI Cards ने सबसे मजबूत प्रदर्शन किया। रिपोर्ट के अनुसार SBI Cards ने सालाना आधार पर 29% खर्च वृद्धि दर्ज की, जो कार्ड जारी करने वाले बड़े बैंकों में सबसे ज्यादा रही। इतना ही नहीं, कंपनी ने 327 बेसिस पॉइंट्स का मार्केट शेयर भी बढ़ाया। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इसका बड़ा कारण कॉर्पोरेट खर्च में मजबूती हो सकता है।
ICICI Bank क्यों पिछड़ा?
जहां कई बड़े बैंक इंडस्ट्री एवरेज के आसपास ग्रोथ बनाए रखने में सफल रहे, वहीं ICICI Bank का प्रदर्शन कमजोर रहा। रिपोर्ट में कहा गया है कि ICICI Bank के क्रेडिट कार्ड खर्च में सालाना 7% की गिरावट आई। ट्रांजैक्शन वॉल्यूम ग्रोथ भी सिर्फ 14.4% रही, जो इंडस्ट्री ट्रेंड से कम मानी जा रही है। वहीं एक्सिस बैंक की ग्रोथ भी धीमी रही बैंक की सालाना खर्च वृद्धि सिर्फ करीब 4% ही रही।
छोटे बैंक तेजी से बढ़ा रहे पकड़
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि मिड-साइज बैंक तेजी से मार्केट में अपनी जगह बना रहे हैं। Federal Bank ने सबसे तेज ग्रोथ दर्ज की। बैंक का सालाना खर्च 51% बढ़ा, जबकि ट्रांजैक्शन वॉल्यूम में 133% की बड़ी छलांग देखने को मिली।
वहीं IDFC First Bank ने भी 24% सालाना खर्च वृद्धि दर्ज की। एक्सपर्ट्स का मानना है कि ये बैंक आक्रामक तरीके से नए क्रेडिट कार्ड जारी करके अपने ग्राहक बढ़ा रहे हैं।
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नए क्रेडिट कार्ड जोड़ने की रफ्तार भी धीमी
अप्रैल में नए क्रेडिट कार्ड जोड़ने की संख्या घटकर 0.8 मिलियन रह गई। हालांकि सालाना आधार पर कार्ड जारी करने की ग्रोथ 8.15% रही, जो पिछले 14 महीनों में सबसे तेज मानी जा रही है। देश में कुल क्रेडिट कार्ड की संख्या अब बढ़कर 119.4 मिलियन तक पहुंच गई है।
सबसे ज्यादा नए कार्ड किसने जोड़े?
दिलचस्प बात यह रही कि अप्रैल में सबसे ज्यादा नए कार्ड ICICI Bank ने जोड़े। बैंक ने महीने के दौरान करीब 0.15 मिलियन नए कार्ड जारी किए, हालांकि खर्च और उपयोग के मामले में प्रदर्शन कमजोर रहा।
कम खर्च क्यों कर रहे लोग?
रिपोर्ट बताती है कि प्रति कार्ड औसत खर्च महीने-दर-महीने 10.7% घटकर ₹16,512 रह गया। वहीं औसत ट्रांजैक्शन वैल्यू भी सालाना आधार पर 13.5% गिरकर ₹3,546 तक आ गई। यह संकेत देता है कि उपभोक्ता अब पहले की तुलना में थोड़ा संभलकर खर्च कर रहे हैं।

