पाम ऑयल से छुटकारा! Magnum और Cornetto बनाने वाली Kwality Wall’s अब असली दूध से बनाएगी आइसक्रीम
अब तक, भारतीय बाजार में ये ब्रांड्स 'फ्रोजन डेजर्ट' के तौर पर बेचे जाते थे, जिनमें वेजिटेबल फैट यानी पाम ऑयल का इस्तेमाल होता था। मैग्नम आइसक्रीम कंपनी के ग्लोबल सीईओ पीटर टेर कुलवे ने बताया कि वे खुद को दुनिया में कहीं भी 'फ्रोजन डेजर्ट कंपनी' नहीं, बल्कि 'आइसक्रीम कंपनी' के तौर पर देखते हैं।

Kwality Wall’s dairy ice cream: भारत में मैग्नम (Magnum) और कोर्नेटो (Cornetto) जैसे ब्रांड्स का फ्रोजन डेजर्ट बेचने वाली कंपनी, क्वालिटी वॉल्स (Kwality Wall’s) अब असली डेयरी (दूध) से बने आइसक्रीम बेचेगी।
अब तक, भारतीय बाजार में ये ब्रांड्स 'फ्रोजन डेजर्ट' के तौर पर बेचे जाते थे, जिनमें वेजिटेबल फैट यानी पाम ऑयल का इस्तेमाल होता था। मैग्नम आइसक्रीम कंपनी के ग्लोबल सीईओ पीटर टेर कुलवे ने बताया कि वे खुद को दुनिया में कहीं भी 'फ्रोजन डेजर्ट कंपनी' नहीं, बल्कि 'आइसक्रीम कंपनी' के तौर पर देखते हैं।
कंपनी ने अब पूरी तरह से डेयरी-आधारित उत्पादों की ओर रुख करने का बड़ा फैसला लिया है। कंपनी इस साल अपने आधे पोर्टफोलियो को डेयरी में बदल रही है, जबकि बाकी बचे प्रोडक्ट को अगले साल तक पूरी तरह दूध से बनाया जाएगा।
टेर कुलवे ने द इकोनॉमिक टाइम्स से बातचीत में कहा कि भारत में उन्होंने अपनी रणनीति को पूरी तरह बदल दिया है। कंपनी का मानना है कि भारतीय ग्राहक अब दूध से बने प्रोडक्ट को ज्यादा प्राथमिकता दे रहे हैं, क्योंकि वे इन्हें बेहतर क्वालिटी वाला और अधिक पौष्टिक मानते हैं।
दाम में कटौती और लोकल फ्लेवर्स का तड़का
कंपनी सिर्फ सामग्री में बदलाव ही नहीं कर रही, बल्कि ग्राहकों को लुभाने के लिए कीमतों में भी कमी ला रही है। कंपनी कुछ कैटेगरियों में दाम 30 फीसदी तक कम करने की योजना बना रही है। साथ ही, भारतीय ग्राहकों की पसंद को देखते हुए कुल्फी और केसर भोग जैसे देसी फ्लेवर्स भी जोड़े जा रहे हैं।
भारत पर कंपनी का दांव
यह बदलाव केवल भारत तक सीमित नहीं है, लेकिन भारत कंपनी के लिए बेहद अहम है। 200 मिलियन डॉलर के कारोबार वाला भारत का बाजार जल्द ही कंपनी का सबसे बड़ा बाजार बनने की उम्मीद है।
अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए कंपनी भारत में निवेश (कैपिटल डिप्लॉयमेंट) को भी तेज कर रही है। टेर कुलवे ने यह भी साफ किया कि नासिक की एक फैक्ट्री से पूरे देश में आपूर्ति करना चुनौती भरा है।
उन्होंने बताया कि तुर्की की तरह भारत में भी उन्हें नेटवर्क फैलाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य भारत में आने वाले समय में 10 लाख कैबिनेट (फ्रिज) लगाने का है, ताकि लोगों तक बेहतर सर्विस पहुंचाई जा सके।

