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UAE में प्रॉपर्टी खरीदकर टैक्स विभाग को नहीं दी जानकारी? जानें अब इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने क्या उठाया बड़ा कदम

UAE में प्रॉपर्टी खरीदने वाले भारतीय टैक्सपेयर्स के लिए बड़ी खबर है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने विदेशी संपत्ति की जानकारी छिपाने के संदेह में कुछ लोगों से संपर्क करना शुरू कर दिया है। सरकार की नई स्कीम ऐसे लोगों को राहत दे सकती है। जानिए किसे मिलेगा फायदा और क्या हैं नियम।

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In Short

  • UAE में प्रॉपर्टी रखने वाले चुनिंदा टैक्सपेयर्स से संपर्क कर रहा इनकम टैक्स डिपार्टमेंट।
  • FAST-DS स्कीम के तहत विदेशी संपत्ति घोषित करने पर टैक्स और पेनल्टी देकर कानूनी कार्रवाई से मिल सकती है राहत।
  • अब तक करीब 1,100 आवेदन, स्कीम का फायदा उठाने की आखिरी तारीख 31 दिसंबर 2026।

विदेश में प्रॉपर्टी खरीदने या पैसा निवेश करने वाले भारतीय टैक्सपेयर्स के लिए बड़ी खबर है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट अब ऐसे लोगों पर ध्यान दे रहा है, जिन्होंने विदेश में अपनी संपत्ति या कमाई की जानकारी नहीं दी है। सरकार ने इसके लिए एक खास स्कीम भी शुरू की है, जिसके जरिए लोग अपनी विदेशी संपत्ति की जानकारी देकर कानूनी कार्रवाई से बच सकते हैं। आइए जानते हैं कि विभाग ने क्या कदम उठाए हैं, नई स्कीम कैसे काम करती है और इसकी आखिरी तारीख क्या है।

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UAE में प्रॉपर्टी रखने वालों से संपर्क कर रहा विभाग

Business Today को सूत्रों ने बताया कि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने UAE में रेजिडेंशियल और कमर्शियल प्रॉपर्टी में निवेश करने वाले कुछ चुनिंदा टैक्सपेयर्स से संपर्क करना शुरू किया है। इन लोगों पर विदेशी संपत्ति की जानकारी नहीं देने का संदेह है।

दरअसल, 23 अक्टूबर 2026 को हुई एक हाई-लेवल मीटिंग में फैसला लिया गया था कि विभाग के पास मौजूद जानकारी जरूरत के मुताबिक संबंधित टैक्सपेयर्स के साथ शेयर की जाएगी, ताकि वे सरकार की Foreign Assets of Small Taxpayers – Disclosure Scheme, 2026 (FAST-DS) का फायदा उठा सकें।

PAN से देख सकेंगे विदेशी संपत्ति की जानकारी

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने ई-फाइलिंग पोर्टल पर एक नई सुविधा शुरू की है। इसके जरिए टैक्सपेयर्स अपने PAN से जुड़ी विदेशी संपत्ति की जानकारी देख और डाउनलोड कर सकते हैं।

फिलहाल पोर्टल पर 2022 से 2024 तक का डेटा उपलब्ध है। यह जानकारी दूसरे देशों से Automatic Exchange of Information (AEOI) के तहत CRS और FATCA के जरिए मिली है।

हालांकि, सूत्रों के मुताबिक विभाग के पास दूसरे अंतरराष्ट्रीय समझौतों और इंटेलिजेंस सोर्स से मिली जानकारी भी मौजूद है, जिसे जोखिम या गोपनीयता संबंधी शर्तों के कारण पोर्टल पर नहीं दिखाया गया है।

कितनी देनी होगी टैक्स और पेनल्टी?

FAST-DS स्कीम के तहत योग्य टैक्सपेयर्स विदेशी संपत्ति की जानकारी देकर उसे नियमित कर सकते हैं। इसके लिए संबंधित संपत्ति की Fair Market Value पर 30% टैक्स और उतनी ही पेनल्टी देनी होगी।

यह स्कीम पूरी तरह ऑनलाइन है और इसमें टैक्सपेयर्स खुद अपनी जानकारी घोषित करेंगे। वैध डिक्लेरेशन देने पर Black Money Act, 2015 के तहत आगे के असेसमेंट, पेनल्टी और प्रॉसिक्यूशन से राहत मिलेगी।

वहीं, जिन विदेशी संपत्तियों और आय का हिसाब मौजूद है, लेकिन उनकी जानकारी नहीं दी गई थी, उन्हें 1 लाख रुपये की फीस देकर घोषित किया जा सकता है। इससे हर साल लगने वाली 10 लाख रुपये की पेनल्टी से बचने में मदद मिलेगी।

अब तक 1,100 आवेदन, 31 दिसंबर आखिरी तारीख

इस स्कीम के तहत अब तक करीब 1,100 टैक्सपेयर्स आवेदन कर चुके हैं। आवेदन करने की आखिरी तारीख 31 दिसंबर 2026 है।

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CBDT ने लोगों को जागरूक करने के लिए कंपनियों, शिक्षण संस्थानों, प्रोफेशनल बॉडीज और इंडस्ट्री एसोसिएशंस के साथ कार्यक्रम करने की योजना बनाई है। टैक्सपेयर्स के सवालों का जवाब देने के लिए प्रिंसिपल चीफ कमिश्नर्स के तहत रीजनल कमेटियां भी बनाई गई हैं।

Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। BT Bazaar अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।