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अरुणाचल बॉर्डर पर तनाव के बीच चीन का पहला बयान, कहा- समझौते के मुताबिक ही करते हैं पेट्रोलिंग

अरुणाचल प्रदेश में भारत और चीन के बीच सीमा पर तनाव को लेकर एक बार फिर बयान सामने आए हैं। पेट्रोलिंग के तौर-तरीकों पर भारत की चिंता के बाद चीन ने अपना पक्ष रखा है। आखिर चीन ने किन समझौतों का हवाला दिया और सीमा पर शांति को लेकर क्या अपील की?

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In Short

  • विदेश मंत्रालय ने कहा कि चीन दोनों देशों के बीच हुए समझौतों का पालन करते हुए सीमा पर नियमित पेट्रोलिंग करता है।
  • ITBP प्रमुख शत्रुजीत सिंह कपूर ने अरुणाचल प्रदेश में LAC पर सैनिकों के बीच टकराव की स्थिति बने रहने की बात कही थी।
  • बीजिंग ने भारत से सहमतियों को मिलकर लागू करने और सीमा पर शांति एवं स्थिरता बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठाने की उम्मीद जताई।

अरुणाचल प्रदेश में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर भारत और चीन के सैनिकों के बीच तनाव को लेकर चीन की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। चीन ने कहा है कि वह दोनों देशों के बीच हुए समझौतों का पालन करते हुए सीमावर्ती इलाकों में नियमित पेट्रोलिंग करता है। वहीं, भारत ने कहा था कि चीन की ओर से पेट्रोलिंग के तय तौर-तरीकों का पालन नहीं करने से सीमा पर हालात बिगड़ते हैं। ऐसे में दोनों देशों के बीच सीमा पर शांति बनाए रखने को लेकर एक बार फिर बयानबाजी शुरू हो गई है।

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चीन ने कहा- समझौतों का सख्ती से पालन करते हैं

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने सोमवार को अरुणाचल प्रदेश में सीमा पर पेट्रोलिंग को लेकर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि चीन ने भारत के साथ हुए समझौतों और महत्वपूर्ण सहमतियों का लगातार और सख्ती से पालन किया है।

गुओ जियाकुन के मुताबिक, चीन अपनी क्षेत्रीय संप्रभुता की रक्षा करने और सीमा पर स्थिरता बनाए रखने के लिए सीमावर्ती इलाकों में नियमित पेट्रोलिंग करता है। इसके साथ ही सीमा क्षेत्रों में प्रबंधन से जुड़े काम भी किए जाते हैं।

चीन ने अपने बयान में साफ किया कि उसकी ओर से सीमावर्ती इलाकों में सामान्य तरीके से गश्त की जाती है।

भारत ने पेट्रोलिंग के तौर-तरीकों पर उठाए थे सवाल

चीन का यह बयान भारत की ओर से सीमा पर तनाव को लेकर चिंता जताए जाने के बाद आया है। शुक्रवार को भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के महानिदेशक शत्रुजीत सिंह कपूर ने कहा था कि अरुणाचल प्रदेश में LAC पर भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच अब भी टकराव की स्थिति बन रही है।

उन्होंने यह भी बताया था कि जुलाई महीने में भी ऐसी स्थिति सामने आई थी। इसके बाद भारत ने कहा था कि जब चीन दोनों देशों के बीच पेट्रोलिंग को लेकर तय तौर-तरीकों का पालन नहीं करता, तो LAC पर हालात बिगड़ने लगते हैं।

इस तरह भारत और चीन के बयानों में सीमा पर पेट्रोलिंग के तरीकों को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं।

चीन ने भारत से की सहयोग की अपील

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने कहा कि भारत और चीन राजनयिक और सैन्य माध्यमों से एक-दूसरे के संपर्क में हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत भी इसी दिशा में काम करेगा।

उन्होंने कहा कि दोनों देशों को मिलकर पहले से बनी सहमतियों को लागू करना चाहिए। साथ ही, सीमावर्ती इलाकों में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।

चीन के इस बयान में सीमा पर नियमित पेट्रोलिंग और दोनों देशों के बीच बातचीत के जरिए स्थिति को संभालने पर जोर दिया गया है। हालांकि, अरुणाचल प्रदेश में LAC पर सैनिकों के बीच टकराव की स्थिति को लेकर भारत और चीन के बयान अलग-अलग रुख दिखाते हैं।