
बिजनेस के हिसाब-किताब से मुनाफे तक... गांव की महिलाओं की कैसे मदद कर रहा AI?
गांवों में कारोबार करने वाली महिलाएं अब AI की मदद से अपने बिजनेस का हिसाब-किताब संभाल रही हैं। बिहार और पंजाब में इसके शुरुआती नतीजे सामने आए हैं। डिजिटल रिकॉर्ड और AI सलाह से महिलाओं को कारोबार समझने में मदद मिल रही है। जानिए कैसे काम करता है यह कार्यक्रम।

In Short
- बिहार में ट्रेनिंग पूरी करने वाली 95% महिलाएं नियमित रूप से डिजिटल बिजनेस रिकॉर्ड रख रही थीं।
- AI Vyapar Mitra का इस्तेमाल करने वाली प्रशिक्षित महिलाओं की हिस्सेदारी 87% पहुंची।
- पंजाब में कारोबार शुरू करने का समय करीब तीन महीने से घटकर महज 12 दिन रह गया।
गांवों में छोटे कारोबार चलाने वाली महिलाएं अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से अपने बिजनेस को बेहतर तरीके से संभाल रही हैं। बिहार, पंजाब, उत्तर प्रदेश और हरियाणा में सरकारी कार्यक्रमों के साथ मिलकर Leap 300 पांच लाख से ज्यादा महिला उद्यमियों को बिजनेस प्लानिंग, पैसों का हिसाब-किताब और कारोबार बढ़ाने की सलाह दे रहा है।
सितंबर 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक, बिहार में संबंधित ट्रेनिंग पूरी करने वाली 95% महिलाएं नियमित रूप से अपने बिजनेस का डिजिटल रिकॉर्ड रख रही थीं। वहीं, 87% महिलाओं ने AI आधारित सलाहकार Vyapar Mitra का इस्तेमाल किया था।
AI से कैसे आसान हो रहा महिलाओं का काम?
गांवों में कारोबार करने वाली कई महिलाओं के लिए सबसे बड़ी परेशानी कमाई का सही हिसाब रखना है। अक्सर दुकान की खरीदारी, बिक्री और घर के खर्च एक साथ जुड़ जाते हैं। इससे यह समझना मुश्किल होता है कि बिजनेस में कितना मुनाफा हो रहा है।
Leap 300 का AI सलाहकार Vyapar Mitra स्थानीय भाषाओं में महिलाओं को कारोबार से जुड़ी सलाह देता है। इसके जरिए महिलाएं बिजनेस प्लान बना सकती हैं, आवाज के जरिए ट्रेनिंग ले सकती हैं और डिजिटल तरीके से अपने पैसों का रिकॉर्ड रख सकती हैं।
Leap 300 के को-फाउंडर विनोद रघुवंशी ने Business Today को बताया कि महिलाएं अब AI से अपने खातों को समझने, कम मुनाफे की वजह जानने और कारोबार बढ़ाने के तरीके पूछ रही हैं।

बिहार और पंजाब में क्या दिखे नतीजे?
बिहार में JEEViKA कार्यक्रम के तहत समान ब्लॉकों में करीब 60% कारोबार पशुपालन से जुड़े थे। वहीं, Leap 300 के पायलट में यह आंकड़ा 1% से भी कम रहा। यहां महिलाएं रिटेल, फूड और स्किल आधारित सर्विसेज जैसे अलग-अलग कारोबार शुरू कर रही हैं।
पंजाब के PEHEL कार्यक्रम में हर ब्लॉक में मासिक लोन की संख्या 4 से बढ़कर 25 हो गई। कारोबार शुरू करने में लगने वाला समय करीब तीन महीने से घटकर 12 दिन रह गया। पहली बार बिजनेस शुरू करने वाली महिलाओं की हिस्सेदारी भी 15% से बढ़कर 45% पहुंच गई।
कम से कम तीन महीने का बिजनेस रिकॉर्ड रखने वाली महिलाओं की आय शुरुआती स्तर के मुकाबले करीब 1.5 गुना दर्ज की गई। अब तक 100% लोन रीपेमेंट की जानकारी दी गई है।
यूपी और हरियाणा में भी बढ़ेगा कार्यक्रम
उत्तर प्रदेश में Zero Poverty Programme के तहत तीन साल में एक लाख परिवारों तक पहुंचने का लक्ष्य है। पहले साल 50,000 परिवारों को शामिल किया जाएगा।
हरियाणा में प्रस्तावित कार्यक्रम के जरिए तीन साल में 1,200 महिला उद्यमियों को मदद देने की योजना है।
Leap 300 का कार्यक्रम 300 दिनों तक चलता है। इसमें शुरुआती पूंजी, ट्रेनिंग और AI आधारित मदद दी जाती है। संगठन के मुताबिक, उसके व्यापक कार्यक्रम में 90% ग्रेजुएशन रेट और औसतन करीब 250% आय बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

