Gold Rush : बुलियन मार्केट में बूम का कैसे उठाएं फायदा, क्या गोल्ड फंड में निवेश का सही है समय
Gold Price Today: सोने की कीमतों में तेजी लगातार जारी है। ऐसे में कई निवेशकों के मन में सवाल है कि क्या उन्हें अभी गोल्ड में इन्वेस्ट करना चाहिए या नहीं।

सोना हमेशा से निवेशकों के लिए एक आकर्षक ऑप्शन रहा है, खासकर जब वैश्विक अनिश्चितता बढ़ती है। हाल ही में, MCX पर सोने की स्पॉट प्राइस 88,288 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई, जो इस साल की लगातार तीसरी बढ़त है। 2025 में अब तक 16.3% की तेजी देखी गई है, जबकि 2024 में सोने ने 27.24% रिटर्न दिया था।
इंटरनेशनल मार्केट में, सोने ने 3,000 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस का महत्वपूर्ण स्तर पार कर लिया है। ब्रोकरेज हाउस मैक्वेरी सहित कई विशेषज्ञों ने आगे भी गोल्ड में तेजी की संभावना जताई है। ऐसे में सवाल उठता है—क्या अभी गोल्ड ईटीएफ (Gold ETF) और म्यूचुअल फंड में निवेश करना सही रहेगा, या यह FOMO का मामला है?
सोने की कीमतों में उछाल के पीछे प्रमुख कारण
वैश्विक अनिश्चितता: रूस-यूक्रेन युद्ध, अमेरिका-चीन ट्रेड टेंशन, और मंदी की आशंका से निवेशक सेफ हेवन एसेट के रूप में सोने की ओर रुख कर रहे हैं।
केंद्रीय बैंकों की खरीद: फेडरल रिजर्व और अन्य बैंकों ने डॉलर पर निर्भरता कम करने के लिए भारी मात्रा में सोना खरीदा है।
भारत-चीन में मजबूत मांग: शादी-ब्याह और निवेश के कारण भारत और चीन में सोने की स्थायी मांग बनी रहती है।
अमेरिका की टैरिफ पॉलिसी: अमेरिकी सरकार के आर्थिक फैसलों ने सोने की ओर झुकाव बढ़ा दिया है।
बड़ौदा बीएनपी परिबास म्यूचुअल फंड के अनुसार, सोने की कीमतों में मजबूती बनी रह सकती है, हालांकि थोड़ी स्थिरता की उम्मीद की जा रही है।
क्या अभी गोल्ड फंड में निवेश करना सही रहेगा?
बड़ौदा बीएनपी परिबा म्यूचुअल फंड के सीनियर फंड मैनेजर गुरविंदर सिंह वासन ने बताया कि अगर आप महंगाई से बचाव चाहते हैं, तो गोल्ड ETF, गोल्ड इंडेक्स फंड या म्यूचुअल फंड में निवेश फायदेमंद हो सकता है। वहीं, सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव से बचने के लिए SIP (Systematic Investment Plan) बेहतर रहेगा। इसी तरह अगर आप शॉर्ट टर्म मुनाफे के लिए निवेश कर रहे हैं, तो सावधान रहें, क्योंकि सोने की कीमतें स्थिर हो सकती हैं या गिर सकती हैं।
अगर आपने मुनाफा कमा लिया तो क्या करें?
अगर आपको लगता है कि गोल्ड में इन्वेस्ट करके आपने उससे मुनाफा कमा लिया है तो बता दें कि गोल्ड में बड़ा मुनाफा कमा चुके निवेशकों को अपने एसेट्स को री-बैलेंस करने पर विचार करना चाहिए। इसके अलावा उन्हें फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लेकर अपनी नई स्ट्रैटेजी भी बनानी चाहिए। सोना रिटर्न के बजाय स्टेबिलिटी के लिए सही होता है, इसलिए इसे लॉन्ग टर्म प्लान का हिस्सा बनाएं।