Gold Price: भारी गिरावट के बाद सोने की कीमतों में लौटी तेजी, $4,000 के पार पहुंचा गोल्ड!
पिछले हफ्ते भारी गिरावट के बाद सोने की कीमतों में फिर तेजी लौट आई है। इंटरनेशनल मार्केट में गोल्ड एक बार फिर 4,000 डॉलर के पार पहुंच गया है। लेकिन क्या यह तेजी आगे भी बनी रहेगी या कीमतों में फिर गिरावट आएगी? अमेरिकी फेड के फैसले से पहले जानिए बाजार का हाल।

In Short
- पिछले हफ्ते 4% से ज्यादा गिरने के बाद सोना फिर 4,000 डॉलर प्रति औंस के पार पहुंचा।
- अमेरिकी फेड की आगामी बैठक में ब्याज दरें बढ़ने की संभावना 10% से भी कम रह गई है।
- अमेरिका-ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से सोना करीब 25% गिरा, जबकि शुक्रवार को गोल्ड ETF होल्डिंग 10 टन से ज्यादा घटी।
Gold Price Today: पिछले हफ्ते भारी गिरावट झेलने के बाद सोने की कीमतों में एक बार फिर तेजी देखने को मिली है। हालांकि, सोने के बाजार में अभी भी काफी उतार-चढ़ाव बना हुआ है। अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध, महंगा कच्चा तेल, शेयर बाजार में गिरावट और अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर बदलती उम्मीदों का असर गोल्ड पर पड़ रहा है। ऐसे में समझिए कि सोने की कीमतों में तेजी क्यों आई और आगे किन बातों से इसकी चाल तय हो सकती है।
$4,000 के पार पहुंचा सोना
सोमवार, 26 अक्टूबर को इंटरनेशनल मार्केट में सोने की कीमत 0.6% तक बढ़कर 4,000 डॉलर प्रति औंस के पार पहुंच गई। इससे पहले पिछले हफ्ते सोने में 4% से ज्यादा की गिरावट आई थी, जो जून के बाद सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट थी। सिंगापुर में दोपहर 2:28 बजे स्पॉट गोल्ड 0.2% बढ़कर 4,005.47 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था।
अमेरिकी फेड के फैसले पर बाजार की नजर
सोने की कीमतों के लिए अब सबसे अहम अमेरिकी फेडरल रिजर्व का फैसला है। इस हफ्ते होने वाली बैठक में ब्याज दरें बढ़ने की संभावना 10% से भी कम रह गई है। पहले उम्मीद से ज्यादा महंगाई के आंकड़े आने पर अक्टूबर में रेट बढ़ने की आशंका बढ़ी थी। हालांकि, फेड अधिकारियों के बयानों के बाद ये उम्मीद कमजोर हुई। फिर भी महंगे तेल की वजह से साल के आखिर तक ब्याज दरें बढ़ने की संभावना बनी हुई है। ब्याज दरें बढ़ने पर सोने पर दबाव पड़ता है, क्योंकि इस पर ब्याज नहीं मिलता।
अमेरिका-ईरान युद्ध से सोने पर कितना असर?
फरवरी के आखिर में अमेरिका-ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से सोने की कीमत करीब 25% गिर चुकी है। महंगाई को काबू करने के लिए प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं की सख्त मॉनेटरी पॉलिसी ने गोल्ड पर दबाव बढ़ाया है। वहीं, अमेरिका और ईरान के बीच पुराने रुख वाले बयानों के बीच कच्चा तेल छह महीने के हाई से नीचे आया है।
AI शेयरों में बिकवाली से भी बढ़ा दबाव
शुक्रवार को सोना जुलाई के बाद सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया था। AI से जुड़े शेयरों में बिकवाली के बाद निवेशकों ने बॉन्ड की तरफ रुख किया। शेयर बाजार में नुकसान की भरपाई के लिए भी सोना बेचा गया। Saxo Bank के कमोडिटी स्ट्रैटेजी हेड ओले स्लोथ हैनसेन के मुताबिक, बाजार में जोखिम लेने का भरोसा थोड़ा लौटने से गोल्ड को राहत मिली है।
गोल्ड ETF से निकले 10 टन से ज्यादा सोने के बराबर निवेश
ब्लूमबर्ग के शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, शुक्रवार को गोल्ड ETF की होल्डिंग 10 टन से ज्यादा घटी। इससे एक दिन पहले भी गिरावट आई थी। हालांकि, जुलाई के मध्य से ETF होल्डिंग हर हफ्ते बढ़कर कई साल के हाई पर पहुंची थी। OCBC के स्ट्रैटेजिस्ट क्रिस्टोफर वोंग के मुताबिक, बिकवाली का दबाव अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
चांदी की कीमतों का क्या हाल?
सोने के साथ चांदी में भी हल्की तेजी आई। सिल्वर 0.1% बढ़कर 53.92 डॉलर प्रति औंस पहुंच गई। पिछले हफ्ते चांदी में 5.4% की गिरावट आई थी। वहीं, प्लेटिनम और पैलेडियम की कीमतें नीचे आईं। ब्लूमबर्ग डॉलर स्पॉट इंडेक्स में भी मामूली कमजोरी देखने को मिली।

