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पेंशन पोर्टफोलियो में Gold की एंट्री! आखिर ग्लोबल फंड्स क्यों बढ़ा रहे सोने में अपना निवेश?

दुनियाभर के कुछ बड़े पेंशन फंड अपने पोर्टफोलियो में सोने को जगह दे रहे हैं। महंगाई, बाजार में उतार-चढ़ाव और बदलते निवेश माहौल के बीच सोने को लेकर संस्थागत निवेशकों की रणनीति भी बदल रही है। जानिए अलग-अलग देशों के पेंशन फंड क्यों और कैसे गोल्ड को पोर्टफोलियो में शामिल कर रहे हैं।

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In Short

  • दुनिया के कई बड़े पेंशन फंड अपने पोर्टफोलियो में सोने को दे रहे जगह
  • महंगाई और बाजार के जोखिम के बीच गोल्ड को डायवर्सिफिकेशन के लिए किया जा रहा इस्तेमाल
  • नीदरलैंड्स, अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया के फंड्स ने अपनाई अलग-अलग गोल्ड रणनीति

दुनियाभर के कुछ बड़े पेंशन फंड अब अपने पोर्टफोलियो में सोने को ज्यादा जगह दे रहे हैं। महंगाई, दुनिया में बढ़ते तनाव और शेयर-बॉन्ड के बीच बदलते रिश्ते के कारण निवेश के पुराने तरीकों पर दोबारा विचार किया जा रहा है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की रिपोर्ट में नीदरलैंड्स, अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया के पेंशन फंड के उदाहरण दिए गए हैं, जो अलग-अलग तरीके से सोने में निवेश कर रहे हैं।

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सोने पर क्यों बढ़ रहा फोकस?

रिपोर्ट के मुताबिक पेंशन फंड सिर्फ सोने की कीमत बढ़ने की उम्मीद में इसमें निवेश नहीं कर रहे हैं। सोने को पोर्टफोलियो में डायवर्सिफिकेशन, महंगाई से जुड़े जोखिम को संभालने, लिक्विडिटी और पोर्टफोलियो के स्तर पर बेहतर रिस्क एडजस्टेड रिटर्न के लिए भी देखा जा रहा है।

सरकारी बॉन्ड की डायवर्सिफिकेशन में भूमिका पर भी सवाल बढ़े हैं। हाल के वर्षों में बॉन्ड और इक्विटी के बीच कोरिलेशन काफी बढ़ा है। इसके मुकाबले बाजार में तनाव के दौरान सोने का इक्विटी के साथ कोरिलेशन ऐतिहासिक रूप से कम या नेगेटिव रहा है।

नीदरलैंड्स के फंड ने सोने में लगाया 5%

नीदरलैंड्स के €7.7 अरब के पेंशन फंड Pensioenfonds PDN ने अक्टूबर 2020 में सोने में निवेश शुरू किया था। अप्रैल 2021 तक उसने अपने पोर्टफोलियो में सोने की हिस्सेदारी 5% के टारगेट तक पहुंचा दी।

फंड ने इसके लिए सरकारी बॉन्ड में अपना एक्सपोजर 10% घटाया। इससे मिली रकम का आधा हिस्सा सोने में लगाया गया, जबकि बाकी रकम इक्विटी, रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश की गई।

प्रतीकात्मक तस्वीर

अमेरिका और ब्रिटेन में कितना निवेश?

अमेरिका के Fairfax County Employee Retirement Systems के पास करीब 6.2 अरब डॉलर के एसेट्स हैं। इसने फ्यूचर्स के जरिए सोने में 3% एलोकेशन किया है। फंड ने 2020 में सोने में निवेश शुरू किया था। उस समय महामारी और मॉनेटरी स्टिमुलस के बाद महंगाई को लेकर चिंता बढ़ रही थी।

ब्रिटेन के Now: Pensions Master Trust ने अप्रैल 2021 में पहली बार सोने में निवेश किया। इसके कुल एसेट्स में सोने की हिस्सेदारी करीब 2% है। फंड फ्यूचर्स के जरिए सोने में निवेश करता है। इसके कुल पोर्टफोलियो का करीब 10% हिस्सा अल्टरनेटिव एसेट्स में है, जिसमें सोने के अलावा इंडस्ट्रियल मेटल्स, कार्बन क्रेडिट और हाई-यील्ड एसेट्स शामिल हैं।

ऑस्ट्रेलिया का फंड भी सोने पर कायम

ऑस्ट्रेलिया के NGS Super ने जून 2020 से सोने में 3% एलोकेशन बनाए रखा है। यह उसकी उस रणनीति का हिस्सा है जिसमें इक्विटी, सरकारी बॉन्ड, अल्टरनेटिव एसेट्स और सोने को मिलाकर अलग-अलग बाजार स्थितियों से जुड़े जोखिम को मैनेज किया जाता है।

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रिपोर्ट में दिए गए उदाहरण बताते हैं कि पेंशन फंड के लिए सोने में निवेश का कोई एक तय तरीका नहीं है। हर फंड अपने लक्ष्य, रिस्क, गवर्नेंस और निवेश रणनीति के हिसाब से सोने की हिस्सेदारी तय कर रहा है। यानी इन फंड्स के लिए सोना अब सिर्फ एक कमोडिटी नहीं, बल्कि पूरे पोर्टफोलियो की रणनीति का हिस्सा बनता जा रहा है।

Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। BT Bazaar अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।