
दिवाली पर कैश गिफ्ट लेना पड़ सकता है महंगा! ₹50,000 की छूट को लेकर दूर करें कन्फ्यूजन
दिवाली पर दोस्तों और करीबियों से कैश गिफ्ट मिलना आम बात है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ऐसे गिफ्ट पर इनकम टैक्स भी लग सकता है? कई लोग ₹50,000 की टैक्स छूट को गलत समझते हैं। जानिए किस स्थिति में गिफ्ट टैक्सेबल होगा और कितनी रकम चुकानी पड़ सकती है।

In Short
- दिवाली पर दोस्तों और गैर-रिश्तेदारों से मिले कैश गिफ्ट पर इनकम टैक्स लग सकता है।
- ₹50,000 की टैक्स फ्री लिमिट हर दोस्त के लिए अलग-अलग नहीं, बल्कि पूरे टैक्स वर्ष के लिए है।
- परिवार के तय रिश्तेदारों से मिले गिफ्ट आमतौर पर टैक्स फ्री होते हैं, लेकिन दोस्तों से मिले गिफ्ट के नियम अलग हैं।
दिवाली पर दोस्तों, रिश्तेदारों और करीबियों को गिफ्ट देने का चलन है। कई लोग कैश भी गिफ्ट करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि दिवाली पर मिलने वाला कैश गिफ्ट आपके लिए टैक्स की परेशानी खड़ी कर सकता है? अगर आपको एक दोस्त से 50,000 रुपये और दूसरे दोस्त से 40,000 रुपये मिलते हैं, तो आपको इनकम टैक्स देना पड़ सकता है।
दरअसल, कई लोग समझते हैं कि हर दोस्त से 50,000 रुपये तक का गिफ्ट टैक्स फ्री होता है। लेकिन इनकम टैक्स का नियम कुछ अलग है।
दोस्तों से मिले गिफ्ट पर क्या है टैक्स का नियम?
CA (डॉ.) सुरेश सुराना के मुताबिक, इनकम टैक्स एक्ट 2025 की धारा 92(2)(m) के तहत दोस्तों, सहकर्मियों, पड़ोसियों या अन्य गैर-रिश्तेदारों से एक टैक्स वर्ष में कुल 50,000 रुपये तक का कैश गिफ्ट बिना टैक्स के लिया जा सकता है।
लेकिन अगर पूरे साल में मिले ऐसे गिफ्ट की कुल रकम 50,000 रुपये से ज्यादा हो जाती है, तो पूरी रकम टैक्स के दायरे में आ जाती है। यानी सिर्फ 50,000 रुपये से ऊपर की रकम पर टैक्स नहीं लगता।
₹50,000 और ₹40,000 मिले तो कितना टैक्स लगेगा?
मान लीजिए दिवाली पर आपको एक दोस्त ने 50,000 रुपये और दूसरे दोस्त ने 40,000 रुपये दिए। इस तरह आपको कुल 90,000 रुपये मिले।
चूंकि यह रकम 50,000 रुपये की सीमा से ज्यादा है, इसलिए पूरे 90,000 रुपये को 'Income from Other Sources' में शामिल किया जाएगा।
इस पर टैक्स आपकी कुल कमाई और लागू इनकम टैक्स स्लैब के हिसाब से लगेगा।

ये सिर्फ उदाहरण हैं। वास्तविक टैक्स आपकी कुल आय, टैक्स रिजीम, छूट और अन्य लागू नियमों पर निर्भर करेगा।
परिवार से मिले गिफ्ट पर भी लगेगा टैक्स?
सुरेश सुराना के मुताबिक, तय रिश्तेदारों से मिलने वाले गिफ्ट पर आमतौर पर कोई टैक्स नहीं लगता, चाहे रकम कितनी भी हो।
इनमें माता-पिता, पति-पत्नी, भाई-बहन, दादा-दादी और बच्चे समेत कानून में बताए गए अन्य रिश्तेदार शामिल हैं।
उदाहरण के लिए, माता-पिता से मिले 2 लाख रुपये आमतौर पर टैक्स फ्री होंगे, लेकिन दोस्त से इतनी रकम मिलने पर टैक्स लग सकता है।
सिर्फ दिवाली नहीं, पूरे साल के गिफ्ट जुड़ेंगे
50,000 रुपये की सीमा केवल दिवाली के लिए नहीं है। जन्मदिन, सालगिरह और दूसरे मौकों पर गैर-रिश्तेदारों से मिले गिफ्ट भी इसमें जुड़ेंगे।
अगर जन्मदिन पर 30,000 रुपये और दिवाली पर 25,000 रुपये मिलते हैं, तो कुल 55,000 रुपये टैक्स के दायरे में आ सकते हैं।
इसके अलावा, कुछ परिस्थितियों में 2 लाख रुपये या उससे ज्यादा का फिजिकल कैश लेने पर मिली रकम के बराबर पेनल्टी भी लग सकती है। इसलिए सुराना ने बड़ी रकम के गिफ्ट के लिए बैंकिंग चैनल इस्तेमाल करने और पूरे साल मिले गिफ्ट का रिकॉर्ड रखने की सलाह दी है।

