एसेट क्लास के आधार पर कितने प्रकार के होते हैं म्यूचुअल फंड? निवेश करने से पहले समझ लें सभी जरूरी बातें
म्यूचुअल फंड की हर स्कीम एक जैसी नहीं होती। कुछ फंड ज्यादा रिटर्न का मौका देते हैं तो कुछ स्थिरता पर फोकस करते हैं। इसलिए निवेश से पहले यह समझना जरूरी है कि इक्विटी, डेट, कमोडिटी और हाइब्रिड फंड कैसे काम करते हैं और आपके लिए कौन-सा विकल्प सही हो सकता है।

In Short
- म्यूचुअल फंड स्कीम का जोखिम और रिटर्न काफी हद तक इस बात पर निर्भर करता है कि वह किस एसेट क्लास में निवेश करती है।
- इक्विटी फंड शेयरों में निवेश करते हैं जबकि डेट फंड डेट और मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स में पैसा लगाते हैं।
- हाइब्रिड फंड अलग-अलग एसेट क्लास के मिश्रण में निवेश करते हैं और कमोडिटी फंड सोना व चांदी जैसी कमोडिटी में निवेश करते हैं।
Mutual Fund Asset Class: म्यूचुअल फंड में निवेश करने से पहले यह समझना जरूरी है कि आपका पैसा किस एसेट क्लास में लगाया जा रहा है। किसी भी म्यूचुअल फंड स्कीम का रिटर्न और जोखिम काफी हद तक इस बात पर निर्भर करता है कि वह किस तरह के एसेट में निवेश करती है।
म्यूचुअल फंड स्कीम को मुख्य रूप से चार एसेट क्लास के आधार पर बांटा जा सकता है। इनमें इक्विटी फंड, फिक्स्ड इनकम या डेट फंड, कमोडिटी फंड और हाइब्रिड फंड शामिल हैं।
इक्विटी फंड में कहां लगाया जाता है पैसा?
इक्विटी फंड ऐसी म्यूचुअल फंड स्कीम होती हैं, जो मुख्य रूप से शेयर बाजार की कंपनियों के इक्विटी शेयरों में निवेश करती हैं।
इन फंड्स का प्रदर्शन शेयर बाजार की स्थिति पर निर्भर करता है। बाजार में तेजी होने पर रिटर्न बढ़ सकता है, वहीं बाजार में गिरावट आने पर जोखिम भी बढ़ सकता है।
इक्विटी फंड में निवेश करने से पहले निवेशकों को इसके जोखिम और अपने निवेश लक्ष्य को ध्यान में रखना जरूरी होता है।
फिक्स्ड इनकम या डेट फंड क्या होते हैं?
फिक्स्ड इनकम या डेट फंड अपना पैसा डेट और मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश करते हैं।
इन फंड्स में निवेश का उद्देश्य आमतौर पर स्थिरता और नियमित रिटर्न हासिल करना होता है। डेट फंड का प्रदर्शन उन साधनों पर निर्भर करता है, जिनमें यह निवेश करते हैं।
जो निवेशक इक्विटी की तुलना में कम उतार-चढ़ाव वाले विकल्प चाहते हैं, वे डेट फंड को एक विकल्प के तौर पर देख सकते हैं।
कमोडिटी फंड में किस तरह का निवेश होता है?
कमोडिटी फंड ऐसी स्कीम होती हैं, जो कमोडिटी जैसे सोना या चांदी में निवेश करती हैं।
इन फंड्स का रिटर्न संबंधित कमोडिटी की कीमतों में होने वाले बदलाव से जुड़ा होता है। सोने और चांदी जैसी कमोडिटी में निवेश करने वाले फंड इसी कैटेगरी में आते हैं।
हाइब्रिड फंड कैसे काम करते हैं?
हाइब्रिड फंड एक से ज्यादा एसेट क्लास में निवेश करते हैं। इनमें इक्विटी, डेट और अन्य एसेट क्लास का मिश्रण हो सकता है।
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इन फंड्स का उद्देश्य अलग-अलग एसेट क्लास में निवेश करके पोर्टफोलियो को संतुलित रखना होता है।
निवेश से पहले एसेट क्लास समझना क्यों जरूरी?
म्यूचुअल फंड में निवेश करते समय सिर्फ रिटर्न को देखना काफी नहीं होता। निवेशक को यह समझना जरूरी है कि फंड किस एसेट क्लास में पैसा लगा रहा है।
क्योंकि निवेश का जोखिम और संभावित रिटर्न काफी हद तक उसी एसेट क्लास से तय होता है। इसलिए अपनी जरूरत और जोखिम क्षमता के हिसाब से सही एसेट क्लास चुनना जरूरी है।

