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Sectoral vs Thematic Fund: निवेश से पहले समझें दोनों में फर्क, जानें किसमें होगा ज्यादा फायदा

सेक्टोरल फंड और थीमैटिक फंड दिखने में एक जैसे लग सकते हैं, लेकिन दोनों का निवेश करने का तरीका और जोखिम अलग होता है। किसी एक सेक्टर पर दांव लगाना बेहतर है या अलग-अलग सेक्टरों वाली थीम चुनना, यह समझना जरूरी है।

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In Short

  • सेक्टोरल फंड किसी एक खास सेक्टर की कंपनियों में निवेश करता है।
  • थीमैटिक फंड एक थीम से जुड़े कई सेक्टरों की कंपनियों में पैसा लगाता है।
  • सेक्टोरल फंड में जोखिम ज्यादा हो सकता है, जबकि थीमैटिक फंड में निवेश थोड़ा ज्यादा फैला होता है।

Sectoral vs Thematic Fund: म्यूचुअल फंड में पैसा लगाते समय केवल पुराने रिटर्न को देखना काफी नहीं होता। यह जानना भी जरूरी है कि फंड आपका पैसा किन कंपनियों में लगा रहा है और उससे कितना जोखिम जुड़ा है। सेक्टोरल फंड और थीमैटिक फंड को लेकर अक्सर निवेशकों में उलझन रहती है, क्योंकि दोनों का निवेश किसी खास क्षेत्र या सोच के आधार पर किया जाता है।

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सेक्टोरल फंड क्या होता है?

सेक्टोरल फंड अपना ज्यादातर पैसा किसी एक तय सेक्टर की कंपनियों में लगाता है। यह सेक्टर बैंकिंग, आईटी, एफएमसीजी, एनर्जी या फाइनेंशियल सर्विस से जुड़ा हो सकता है।

बैंकिंग सेक्टर पर आधारित फंड का निवेश मुख्य रूप से बैंकों और वित्तीय सेवाएं देने वाली कंपनियों में होता है। बैंकिंग सेक्टर अच्छा प्रदर्शन करता है, तो फंड को फायदा हो सकता है। वहीं, सेक्टर में गिरावट आने पर पूरे फंड के रिटर्न पर असर पड़ सकता है।

थीमैटिक फंड क्या होता है?

थीमैटिक फंड किसी एक सेक्टर तक सीमित नहीं रहता। यह किसी खास थीम से जुड़ी अलग-अलग कंपनियों में पैसा लगाता है।

इंफ्रास्ट्रक्चर थीम वाला फंड सीमेंट, हाउसिंग, कंस्ट्रक्शन और इससे जुड़ी दूसरी कंपनियों के शेयरों में निवेश कर सकता है। इस वजह से इसका पैसा सेक्टोरल फंड के मुकाबले थोड़ा ज्यादा फैला हुआ होता है।

दोनों फंड में क्या फर्क है?

सेक्टोरल फंड का प्रदर्शन काफी हद तक किसी एक सेक्टर की चाल पर निर्भर करता है। दूसरी ओर, थीमैटिक फंड एक थीम से जुड़े कई सेक्टरों की कंपनियों में निवेश कर सकता है।

सेक्टोरल फंड में निवेश का दायरा छोटा होने के कारण जोखिम ज्यादा हो सकता है। थीमैटिक फंड में थोड़ा ज्यादा फैलाव मिलता है, लेकिन चुनी गई थीम कमजोर पड़ने पर इसके रिटर्न पर भी असर पड़ सकता है।

किस निवेशक के लिए कौन-सा फंड सही?

सेक्टोरल फंड उन निवेशकों के लिए सही हो सकता है, जिन्हें किसी खास सेक्टर की अच्छी समझ हो और जो ज्यादा जोखिम उठा सकते हों। सही सेक्टर चुने जाने पर बेहतर रिटर्न मिल सकता है, लेकिन निवेश एक ही क्षेत्र में होने के कारण गिरावट का असर भी ज्यादा पड़ता है।

थीमैटिक फंड में एक थीम से जुड़ी अलग-अलग सेक्टर की कंपनियां शामिल होती हैं। इसलिए इसमें सेक्टोरल फंड के मुकाबले निवेश थोड़ा ज्यादा फैला होता है और जोखिम कुछ कम हो सकता है। हालांकि, थीम कमजोर पड़ने पर इसका रिटर्न भी प्रभावित हो सकता है।

कुल मिलाकर, किसी खास सेक्टर की जानकारी रखने वाले और ज्यादा जोखिम उठा सकने वाले निवेशकों के लिए सेक्टोरल फंड ठीक हो सकता है। वहीं, थोड़ा ज्यादा फैलाव चाहने वालों के लिए थीमैटिक फंड बेहतर विकल्प लग सकता है। निवेश से पहले अपनी जोखिम उठाने की क्षमता और स्कीम से जुड़े दस्तावेज जरूर समझें।
 

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Disclaimer: म्यूचुअल फंड्स निवेश बाज़ार जोखिमों के अधीन है। ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। BT Bazaar अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।