Mutual Fund में 10 साल तक लगाएं पैसा तो कितना मिलेगा रिटर्न? एक्सपर्ट ने बताया कहां बन सकती है मोटी रकम
Mutual Fund Investment: अगर आप FD से निकलकर म्यूचुअल फंड में निवेश करने की सोच रहे हैं, तो अगले 5 से 10 साल में कितना रिटर्न मिल सकता है? Invest at Ease के फाउंडर शरद टंडन ने बिजनेस टुडे के शो में लार्ज कैप, मिड कैप और स्मॉल कैप फंड के रिटर्न का गणित समझाया। जानिए किसमें ज्यादा कमाई की संभावना है।

In Short
- लार्ज कैप फंड में 12.5 से 13% सालाना रिटर्न का अनुमान।
- मिड कैप में करीब 16%, स्मॉल कैप में 18 से 20% की संभावना।
- एक्सपर्ट ने GDP ग्रोथ और CPI महंगाई को बताया अहम पैमाना।
अगर आप अब तक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में पैसा लगाते रहे हैं और बेहतर रिटर्न के लिए म्यूचुअल फंड में निवेश करने की सोच रहे हैं, तो आपके लिए यह जानना जरूरी है कि अगले 5 से 10 साल में कितना रिटर्न मिल सकता है। लार्ज कैप, मिड कैप और स्मॉल कैप फंड में कमाई की संभावनाएं अलग-अलग होती हैं। लेकिन किसमें कितना रिटर्न मिल सकता है और निवेश करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
बिजनेस टुडे के शो में सीनियर एंकर साक्षी बत्रा के सवालों का जवाब देते हुए Invest at Ease के फाउंडर शरद टंडन ने बताया कि लंबी अवधि में निवेश करने वाले आम निवेशकों को किन बातों पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने खासतौर पर उन लोगों के लिए सलाह दी, जो FD जैसे सुरक्षित निवेश विकल्पों से निकलकर पहली बार इक्विटी म्यूचुअल फंड में पैसा लगाने की योजना बना रहे हैं।
GDP और महंगाई से समझें कितना मिलना चाहिए रिटर्न
शरद टंडन के मुताबिक, आम निवेशकों को शेयर बाजार की जटिल बातें समझने के बजाय दो आंकड़ों पर ध्यान देना चाहिए। पहला देश की GDP ग्रोथ और दूसरा महंगाई दर।
उन्होंने कहा कि निवेशकों को थोक महंगाई यानी WPI के बजाय खुदरा महंगाई यानी CPI को देखना चाहिए। उनके मुताबिक, अगर GDP ग्रोथ और महंगाई को मिलाकर 13 प्रतिशत बनता है, तो लंबी अवधि में इक्विटी निवेश से इससे ज्यादा रिटर्न मिलने की उम्मीद होनी चाहिए।
टंडन ने बताया कि पिछले दो से तीन दशकों में भारत की GDP ग्रोथ और महंगाई का संयुक्त आंकड़ा करीब 11 से 11.5 प्रतिशत रहा है। उनके अनुसार, लार्ज कैप इक्विटी से इस स्तर के मुकाबले 1 से 2 प्रतिशत ज्यादा सालाना रिटर्न की उम्मीद की जा सकती है।
Large Cap, Mid Cap और Small Cap में कितना रिटर्न?
शरद टंडन के मुताबिक, लंबी अवधि में लार्ज कैप फंड से करीब 12.5 से 13 प्रतिशत सालाना रिटर्न की उम्मीद की जा सकती है। उन्होंने Nifty और Sensex जैसे प्रमुख इंडेक्स के ऐतिहासिक प्रदर्शन का उदाहरण दिया।
वहीं, मिड कैप फंड में सालाना रिटर्न करीब 16 प्रतिशत रह सकता है। स्मॉल कैप फंड में इससे ज्यादा रिटर्न की संभावना है, लेकिन इनमें उतार-चढ़ाव भी ज्यादा होता है।
टंडन ने बताया कि उनकी फर्म करीब 40 स्मॉल कैप फंड्स के प्रदर्शन पर नजर रखती है। जिन फंड्स का ट्रैक रिकॉर्ड 10 साल से ज्यादा है, उनका औसत सालाना रिटर्न करीब 18.5 प्रतिशत रहा है।
उनके मुताबिक, सही फंड मैनेजर चुनने पर स्मॉल कैप फंड में लंबी अवधि में 18 से 20 प्रतिशत तक सालाना रिटर्न की संभावना हो सकती है।
बार-बार पोर्टफोलियो बदलना जरूरी नहीं
टंडन ने कहा कि निवेशक बार-बार अपने पोर्टफोलियो में बदलाव किए बिना भी बेहतर रिटर्न हासिल कर सकते हैं। इसके लिए सही फंड का चुनाव और लंबे समय तक निवेश बनाए रखना महत्वपूर्ण है।
हालांकि, उन्होंने जिन रिटर्न का जिक्र किया है, वे ऐतिहासिक प्रदर्शन और उनके आकलन पर आधारित हैं। भविष्य में इतना रिटर्न मिलना तय नहीं है।
निवेशकों को यह भी समझना चाहिए कि स्मॉल कैप और मिड कैप फंड में ज्यादा रिटर्न की संभावना के साथ जोखिम भी अधिक होता है। इसलिए केवल पिछले रिटर्न को देखकर निवेश करने के बजाय अपनी जोखिम उठाने की क्षमता और निवेश की अवधि को ध्यान में रखना जरूरी है।

