जब शेयर बाजार और सोना दोनों ने दिया झटका, तब इस फंड कैटेगरी ने बचाया निवेशकों का पैसा - रिटर्न भी दमदार
शेयर बाजार, सोना और चांदी में आई गिरावट के बीच मल्टी एसेट एलोकेशन फंड निवेशकों के लिए बेहतर विकल्प बनकर उभरे हैं। जानिए ये फंड कैसे काम करते हैं, हाल में इनका प्रदर्शन कैसा रहा और बाजार की अस्थिरता के दौरान जोखिम कम करने में ये क्यों मददगार साबित हो रहे हैं।

In Short
- मल्टी एसेट एलोकेशन फंड्स ने हाल के समय में इक्विटी फंड्स के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन करते हुए 20% तक सालाना रिटर्न दिया।
- इन फंड्स में इक्विटी, डेट और गोल्ड/कमोडिटी जैसे अलग-अलग एसेट में निवेश होने से बाजार की गिरावट का असर कम होता है।
- पोर्टफोलियो का रीबैलेंसिंग फंड मैनेजर खुद करते हैं, जिससे निवेशकों को जोखिम कम करने और बेहतर रिटर्न पाने में मदद मिलती है।
बीते छह महीने निवेशकों के लिए काफी चुनौती भरे रहे हैं। पहले इक्विटी बाजार में सुस्ती आई और फिर ईरान के साथ बढ़े तनाव ने ग्लोबल बाजारों को हिलाकर रख दिया। सामान्य तौर पर, जब शेयर बाजार गिरता है, तो निवेशक सुरक्षा के लिए सोने की ओर भागते हैं, क्योंकि सोने और इक्विटी में उल्टा संबंध माना जाता है।
लेकिन इस बार बाजार का गणित बदल गया। पिछले छह महीनों में सोने की कीमतों में 20% और चांदी में 43% तक की भारी गिरावट देखी गई। इसी अवधि में सेंसेक्स 11% और निफ्टी 8.6% नीचे फिसल गए। डॉलर की मजबूती और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख ने कीमती धातुओं और इक्विटी, दोनों पर ही गहरा दबाव डाला है।
मल्टी एसेट फंड बने निवेशकों का सहारा
इस कठिन दौर में मल्टी एसेट एलोकेशन फंड्स निवेशकों की उम्मीद बनकर उभरे हैं। इन फंड्स ने हाल के समय में इक्विटी म्यूचुअल फंड्स के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया है। सेबी के नियमों के मुताबिक, इन फंड्स को इक्विटी, डेट और कमोडिटी जैसे तीन अलग-अलग एसेट क्लास में कम से कम 10-10% निवेश करना अनिवार्य है। इस विविधता के कारण ही इन्हें बाजार की अस्थिरता झेलने में आसानी होती है।
प्रदर्शन की बात करें तो Nippon India Multi Asset Allocation Fund इस कैटेगरी में सबसे आगे है, जिसने पिछले 3 साल में 20% का सालाना रिटर्न दिया है। वहीं, SBI Multi Asset Allocation Fund ने 17.50%, ABSL Multi Asset Allocation Fund ने 15.81% दिया।
क्यों बेहतर है यह रणनीति?
मार्केट एक्सपर्ट का मानना है कि पोर्टफोलियो में विविधता लाने के लिए मौजूदा समय सबसे उपयुक्त है। मल्टी एसेट एलोकेशन फंड निवेशकों को एक साथ कई मोर्चों पर सुरक्षा देते हैं। इनका सबसे बड़ा फायदा यह है कि निवेशक को खुद पोर्टफोलियो रीबैलेंस करने की झंझट नहीं पालनी पड़ती।
जब एक एसेट क्लास खराब प्रदर्शन करता है, तो दूसरा उसे संभाल लेता है। इन फंड्स में पोर्टफोलियो की रणनीति के आधार पर इक्विटी, फिक्स्ड-इनकम सिक्योरिटीज, सोना, कमोडिटी और रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (REITs) शामिल होते हैं। यह डाइवर्सिफिकेशन जोखिम को कम करता है और रिटर्न को संतुलित बनाए रखने में मदद करता है।

