scorecardresearch

सोना-चांदी और प्रॉपर्टी का क्रेज खत्म? भारतीय परिवारों ने म्यूचुअल फंड्स में झोंक दिए इतने लाख करोड़ रुपये

नई रिपोर्ट के मुताबिक FY25 में घरेलू बचत का 6.91 लाख करोड़ रुपये हिस्सा सिक्योरिटीज मार्केट के जरिए निवेश हुआ। FY24 में यह आंकड़ा 3.58 लाख करोड़ रुपये और FY23 में 2.59 लाख करोड़ रुपये था।

Advertisement
AI Generated Image

सेबी, आरबीआई और Ministry of Statistics and Programme Implementation (MoSPI) के नए सिस्टम ने भारतीय परिवारों की बचत की तस्वीर बदल दी है। बिजनेस टुडे के रिपोर्ट के मुताबिक घरेलू निवेश पहले के अनुमान से कहीं ज्यादा बड़ा है और अब लोग सोना-प्रॉपर्टी की बजाय म्यूचुअल फंड्स और दूसरे फाइनेंशियल प्रोडक्ट की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं।

advertisement

सम्बंधित ख़बरें

नई रिपोर्ट के मुताबिक FY25 में घरेलू बचत का 6.91 लाख करोड़ रुपये हिस्सा सिक्योरिटीज मार्केट के जरिए निवेश हुआ। FY24 में यह आंकड़ा 3.58 लाख करोड़ रुपये और FY23 में 2.59 लाख करोड़ रुपये था।

म्यूचुअल फंड्स की ओर झुकाव

Samco Group के फाउंडर और सीईओ जिमीत मोदी ने रिपोर्ट के सबसे अहम ट्रेंड की ओर इशारा किया। उन्होंने कहा कि FY25 में घरेलू निवेशकों ने सीधे इक्विटी बाजार में 54,786 करोड़ रुपये की नेट आउटफ्लो किया, जबकि FY24 में यह आंकड़ा 69,329 करोड़ रुपये था।

उन्होंने कहा कि यह इक्विटी से दूरी नहीं, बल्कि निवेशकों की मैच्योरिटी को दिखाता है। लोग सीधे शेयरों में प्रॉफिट बुकिंग कर रहे हैं और नई निवेश राशि प्रोफेशनल फंड मैनेजर्स को सौंप रहे हैं। जिमीत मोदी के मुताबिक भारतीय बाजार अब सट्टेबाजी वाले बाजार से अनुशासित निवेश की दिशा में बढ़ रहा है।

म्यूचुअल फंड्स बना सबसे बड़े पसंदीदा ऑप्शन

रिपोर्ट में सबसे बड़ा फायदा म्यूचुअल फंड्स को होता दिखा। FY25 में सिक्योरिटीज मार्केट के जरिए हुए कुल घरेलू निवेश का लगभग चार-पांचवां हिस्सा म्यूचुअल फंड्स में गया।

प्राइमरी म्यूचुअल फंड फ्लो FY23 के 1.66 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर FY25 में 5.13 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। जिमीत मोदी ने कहा कि अब SIP भारतीय परिवारों की वित्तीय बचत का ऑपरेटिंग सिस्टम बन चुकी है।

नए सिस्टम में पहली बार सेकेंडरी मार्केट निवेश, REITs, InvITs, AIFs, प्राइवेट डेट प्लेसमेंट और कई नए इंवेस्टमेंट ऑप्शन को शामिल किया गया है। पहले की गणना में इनका पूरा डेटा शामिल नहीं होता था। रिपोर्ट के मुताबिक नई व्यवस्था के बाद FY25 में भारत का Gross Savings-to-GDP ratio 34.47% से बढ़कर 34.94% हो गया।

Disclaimer: म्यूचुअल फंड्स निवेश बाज़ार जोखिमों के अधीन है। ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। BT Bazaar अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।