Hybrid Funds vs Low Volatility Index Funds: बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच कौन सा फंड सही? जानें अतंर
कई निवेशक के मन में इन दोनों तरह के फंड्स में काफी उलझन होती है कि आखिर इन दोनों में क्या फर्क है और किस तरह का फंड उनके लिए ज्यादा सही हो सकता है। चलिए पूरी डिटेल जानते हैं।

Hybrid Funds vs Low Volatility Index Funds: शेयर बाजार में बढ़ती अस्थिरता के बीच अब निवेशक ऐसे विकल्प तलाश रहे हैं जहां जोखिम कम हो और रिटर्न भी स्थिर मिले। इसी वजह से Hybrid Funds और Low Volatility Index Funds तेजी से पॉपुलर हो रहे हैं। दोनों का मकसद बाजार के बड़े उतार-चढ़ाव से निवेशकों को बचाना है, लेकिन इनकी रणनीति और काम करने का तरीका काफी अलग है।
कई निवेशक के मन में इन दोनों तरह के फंड्स में काफी उलझन होती है कि आखिर इन दोनों में क्या फर्क है और किस तरह का फंड उनके लिए ज्यादा सही हो सकता है। चलिए पूरी डिटेल जानते हैं।
Hybrid Funds कैसे काम करते हैं?
हाइब्रिड फंड ऐसे म्यूचुअल फंड होते हैं जो इक्विटी और डेट दोनों में निवेश करते हैं। यानी आपका पैसा शेयर बाजार के साथ-साथ बॉन्ड या फिक्स्ड इनकम इंस्ट्रूमेंट्स में भी लगाया जाता है। इसका फायदा यह होता है कि बाजार गिरने पर डेट हिस्सा पोर्टफोलियो को कुछ हद तक स्थिरता देने की कोशिश करता है।
अगर बाजार तेजी में हो तो इक्विटी हिस्सा बेहतर रिटर्न दे सकता है, जबकि कमजोरी के समय डेट निवेश नुकसान को सीमित करने में मदद करता है। यही वजह है कि Hybrid Funds को बैलेंस्ड निवेश ऑप्शन माना जाता है।
Low Volatility Index Funds क्या होते हैं?
लो वोलैटिलिटी इंडेक्स फंड्स ऐसे इंडेक्स फंड होते हैं जो उन कंपनियों में निवेश करते हैं जिनके शेयरों में सामान्य बाजार की तुलना में कम उतार-चढ़ाव होता है। ये फंड खास इंडेक्स को ट्रैक करते हैं, जिसमें स्थिर और अन्य शेयरों की तुलना में कम जोखिम वाले स्टॉक्स शामिल होते हैं।
इन फंड्स का मकसद बाजार की बड़ी गिरावट के दौरान नुकसान को कम करना होता है। हालांकि तेजी वाले बाजार में इनके रिटर्न कभी-कभी सामान्य इक्विटी फंड्स से कम भी रह सकते हैं क्योंकि ये ज्यादा आक्रामक स्टॉक्स में निवेश नहीं करते।
दोनों में सबसे बड़ा अंतर क्या है?
Hybrid Funds एक्टिव तरीके से मैनेज किए जाते हैं और इनमें एसेट एलोकेशन बदल सकता है। फंड मैनेजर बाजार की स्थिति के हिसाब से इक्विटी और डेट का अनुपात कम-ज्यादा कर सकता है।
वहीं Low Volatility Index Funds पूरी तरह इंडेक्स आधारित होते हैं। इनमें फंड मैनेजर की भूमिका सीमित होती है और निवेश तय इंडेक्स के अनुसार ही किया जाता है। यही कारण है कि इनका खर्च भी अक्सर कम होता है।
किस निवेशक के लिए कौन सा विकल्प बेहतर?
अगर कोई निवेशक स्थिरता के साथ डेट का सुरक्षा कवच भी चाहता है, तो Hybrid Funds बेहतर विकल्प हो सकता है। वहीं जो निवेशक लंबे समय तक इक्विटी में बने रहना चाहते हैं लेकिन ज्यादा उतार-चढ़ाव से बचना चाहते हैं, उनके लिए Low Volatility Index Funds अच्छा ऑप्शन हो सकता है।

